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Bulandshahar News: 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते चौकी प्रभारी रंगेहाथ गिरफ्तार
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एंटी करप्शन टीम द्वार पकड़े गए चौकी प्रभारी सुखपाल सिंह। स्त्रोत: सोशल मीडिया
नरौरा। एंटी करप्शन की टीम ने बेलोन पुलिस चौकी प्रभारी सुखपाल सिंह को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते शनिवार को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। डिबाई थाने में पूछताछ के बाद टीम उपनिरीक्षक को अपने साथ लेकर चली गई। आईजीआरएस पोर्टल पर की गई शिकायत के निस्तारण के लिए उपनिरीक्षक ने रिश्वत मांगी थी।
बेलोन निवासी ललित उपाध्याय ने तीन मार्च को मेरठ में एंटी करप्शन टीम के कार्यालय में रिश्वत मांगने की शिकायत की थी। जनवरी में उन्होंने गांव के पूर्व प्रधान की पत्नी को मुहैया कराए गए गनर को लेकर अधिकारियों से शिकायत की थी। इसके विरोध में पूर्व प्रधान के बेटे यश प्रताप ने उनके खिलाफ आईजीआरएस पर शिकायत की थी।
इस शिकायत पर बेलोन चौकी प्रभारी सुखपाल सिंह दो मार्च को ललित के घर पहुंचे थे। आरोप है कि ललित के न मिलने पर चौकी प्रभारी ने उनके परिजनों के साथ अभद्रता की थी। शिकायत क्या है यह बताने के लिए भी पांच हजार रुपये की रिश्वत ली थी। शिकायत में यश प्रताप ने ललित उपाध्याय को आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति बताते हुए अनुचित कार्य करने का आरोप लगाया था।
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आरोप है कि उपनिरीक्षक सुखपाल ने ललित को पहले डराया, फिर मामले के निस्तारण के लिए 25 हजार रुपये की मांग की। ललित ने टरकाया तो चौकी प्रभारी दबाव बनाने लगा। आजिज आकर ललित ने तीन मार्च को मेरठ जाकर एंटी करप्शन से मामले की शिकायत की।
इसके तहत पूरे प्रकरण से डीएम को अवगत कराया। डीएम के यहां से दो गवाह भी साथ लिए। गवाहों के साथ इंस्पेक्टर दुर्गेश कुमार के नेतृत्व में एंटी करप्शन की 15 सदस्यीय टीम शनिवार को नरौरा पहुंची। एक लिफाफे में 500-500 के 40 नोट केमिकल पाउडर लगाकर रखे गए। इसके बाद ललित को नोटों का लिफाफा देकर चौकी के अंदर भेज दिया। उपनिरीक्षक सुखपाल सिंह नोट गिनते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया गया।
एंटी करप्शन की टीम ने नरौरा की बेलोन चौकी प्रभारी को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। टीम उपनिरीक्षक को अपने साथ ले गई है। एंटी करप्शन की ओर से ही मामले में अग्रिम कार्रवाई की जा रही है। - श्लोक कुमार, एसएसपी
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बेलोन निवासी ललित उपाध्याय ने तीन मार्च को मेरठ में एंटी करप्शन टीम के कार्यालय में रिश्वत मांगने की शिकायत की थी। जनवरी में उन्होंने गांव के पूर्व प्रधान की पत्नी को मुहैया कराए गए गनर को लेकर अधिकारियों से शिकायत की थी। इसके विरोध में पूर्व प्रधान के बेटे यश प्रताप ने उनके खिलाफ आईजीआरएस पर शिकायत की थी।
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इस शिकायत पर बेलोन चौकी प्रभारी सुखपाल सिंह दो मार्च को ललित के घर पहुंचे थे। आरोप है कि ललित के न मिलने पर चौकी प्रभारी ने उनके परिजनों के साथ अभद्रता की थी। शिकायत क्या है यह बताने के लिए भी पांच हजार रुपये की रिश्वत ली थी। शिकायत में यश प्रताप ने ललित उपाध्याय को आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति बताते हुए अनुचित कार्य करने का आरोप लगाया था।
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आरोप है कि उपनिरीक्षक सुखपाल ने ललित को पहले डराया, फिर मामले के निस्तारण के लिए 25 हजार रुपये की मांग की। ललित ने टरकाया तो चौकी प्रभारी दबाव बनाने लगा। आजिज आकर ललित ने तीन मार्च को मेरठ जाकर एंटी करप्शन से मामले की शिकायत की।
इसके तहत पूरे प्रकरण से डीएम को अवगत कराया। डीएम के यहां से दो गवाह भी साथ लिए। गवाहों के साथ इंस्पेक्टर दुर्गेश कुमार के नेतृत्व में एंटी करप्शन की 15 सदस्यीय टीम शनिवार को नरौरा पहुंची। एक लिफाफे में 500-500 के 40 नोट केमिकल पाउडर लगाकर रखे गए। इसके बाद ललित को नोटों का लिफाफा देकर चौकी के अंदर भेज दिया। उपनिरीक्षक सुखपाल सिंह नोट गिनते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया गया।
एंटी करप्शन की टीम ने नरौरा की बेलोन चौकी प्रभारी को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। टीम उपनिरीक्षक को अपने साथ ले गई है। एंटी करप्शन की ओर से ही मामले में अग्रिम कार्रवाई की जा रही है। - श्लोक कुमार, एसएसपी

एंटी करप्शन टीम द्वार पकड़े गए चौकी प्रभारी सुखपाल सिंह। स्त्रोत: सोशल मीडिया