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बुलंदशहर की नई पहचान बनेगा ‘मुक्का’, प्रस्ताव पास
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टांडा स्टेडियम।
- फोटो : BULANDSHAHR
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बुलंदशहर की नई पहचान बनेगा ‘मुक्का’, प्रस्ताव पास
बुलंदशहर। एक जिला एक उत्पाद में पॉटरी कारोबार देशभर में अपनी पहचान बना चुका है। वहीं अब खेलो इंडिया के तहत जनपद की पहचान मुक्केबाजी से भी होगी। खेल विभाग द्वारा एक जिला एक खेल योजना के तहत भेजा गया बॉक्सिंग का प्रस्ताव शासन से पास हो गया है। नगर के टांडा स्पोर्ट्स स्टेडियम में बॉक्सिंग रिंग बनाने का कार्य जल्द ही शुरू हो जाएगा। रिंग बनने और कोच की नियुक्ति होने पर जिले के युवाओं का बॉक्सर बनने का सपना साकार होगा।
एक जिला एक खेल योजना के तहत गत वर्ष शासन से सभी जनपदों से प्रस्ताव मांगा गया था। योजना के तहत खेल विभाग द्वारा दो खेलों (बैडमिंटन व बॉक्सिंग) के नाम का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया। बाद में कोई एक नाम मांगने पर खेल विभाग द्वारा बॉक्सिंग को चुना गया। जिसका प्रस्ताव खेल निदेशालय द्वारा पास कर दिया गया। वहीं, अब क्षेत्रीय खेल कार्यालय जनपद के सबसे लोकप्रिय खेल की ढांचागत सुविधाएं बढ़ाएगा और इन सुविधाओं का इस्तेमाल करने वाले खिलाड़ियों में से राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए खिलाड़ी तैयार करेगा। स्टेडियम में नए खिलाड़ियों को प्रशिक्षित पूर्व खिलाड़ी प्रशिक्षण देंगे।
इन खेलों पर मांगा गया था प्रस्ताव
खेल अफसरों के अनुसार गत वर्ष मुख्यालय द्वारा जिलास्तर पर एक जिला एक खेल योजना के तहत खेलो इंडिया सेंटर स्थापित करने के निर्देश दिए गए थे। जिसमें तीरंदाजी, एथलेटिक्स, मुक्केबाजी, बैडमिंटन, साइकिलिंग, तलवारबाजी, हॉकी, जूडो, रोइंग, शूटिंग, तैराकी, टेबल टेनिस, भारोत्तोलन और कुश्ती समेत ओलंपिक में पहचान वाले 14 खेलों के तहत इन पर प्रस्ताव मांगा गया था।
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बॉक्सिंग का चयन होने पर खुशी
जिले में खेल के रूप में बॉक्सिंग का चयन होना काफी खुशी की बात है। बॉक्सिंग का प्रशिक्षण शुरू होने से काफी खिलाड़ी सामने आएंगे और जनपद और प्रदेश का नाम रोशन कर सकेंगे।
- सतीश कुमार, अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी
सतीश की तरह और मुक्केबाज निकलेंगे
जिले में अभी तक बॉक्सिंग के प्रशिक्षण को लेकर कोच और रिंग का संचालन न होने से खिलाड़ियों को दूर-दराज जाना पड़ता था। सतीश कुमार की तरह जनपद से और भी खिलाड़ी निकल सकेंगे। - शाह फैसल, उपाध्यक्ष उप्र मुक्केबाजी संघ
मंडलायुक्त ने जिले में वाटर स्पोर्ट्स का प्रशिक्षण देने का मांगा प्रस्ताव
जिले में गंग नहर, अपर गंग नहर, नरौरा गंगा बैराज है। यहां पर आसानी से वाटर स्पोर्ट्स का प्रशिक्षण दिया जा सकता है। हाल ही में खुर्जा निवासी रोइंग खिलाड़ी ने टोक्यो ओलंपिक में प्रतिभाग कर विश्व की 11वें नंबर की जोड़ी बनने का सौभाग्य हासिल किया। इसके अलावा शिकारपुर निवासी अंतरराष्ट्रीय कैनोइंग खिलाड़ी शांति स्वरूप विभिन्न स्पर्धाओं में 39 पदक जीतकर जनपद और देश का नाम रोशन कर चुके है। इनके अलावा 10 से अधिक अन्य खिलाड़ी भी है।
प्रशिक्षण देने की जता चुके हैं इच्छा
अंतरराष्ट्रीय कैनोइंग खिलाड़ी शांति स्वरूप जिले के ब्रांड एंबेसडर है। समय-समय पर जिले के युवाओं को खेलों में प्रतिभाग करने के प्रति जागरूक करते रहते हैं। ओलंपिक में प्रतिभाग करने वाले रोइंग खिलाड़ी अरविंद सोलंकी को भी उन्होंने खोजा था। उन्होंने जिले में कैनोइंग और रोइंग का प्रशिक्षण देने की घोषणा की थी। बताया कि फिलहाल वह नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स से कोच बनने का प्रशिक्षण ले रहे हैं। जो जल्द ही पूरा होने वाला है। उन्होंने भूड़ क्षेत्र से गुजरने वाली किसी एक नहर में प्रशिक्षण देने के लिए उपयुक्त जगह होने पर जिला क्रीड़ाधिकारी, डीएम और सीडीओ के समक्ष प्रस्ताव रख चुके हैं। उनका कहना है कि यदि जिले में प्रशिक्षण संस्थान खुल गया तो प्रदेश का तीसरा प्रशिक्षण केंद्र होगा।
खेलो इंडिया के तहत जिले से बॉक्सिंग का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था। जो पास हो गया है। साथ ही जिले में मंडलायुक्त द्वारा वाटर स्पोर्ट्स के लिए उपयुक्त स्थान होने पर प्रस्ताव मांगा गया है। बुधवार को ओलंपिक खिलाड़ियों के सम्मान समारोह के दौरान अरविंद सोलंकी ने डीएम के समक्ष कैनोइंग/रोइंग का प्रशिक्षण खुलवाने की बात कही। जिस पर डीएम द्वारा सहमति जताई गई।
- नवीन कुमार त्यागी, क्रीड़ाधिकारी
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बुलंदशहर। एक जिला एक उत्पाद में पॉटरी कारोबार देशभर में अपनी पहचान बना चुका है। वहीं अब खेलो इंडिया के तहत जनपद की पहचान मुक्केबाजी से भी होगी। खेल विभाग द्वारा एक जिला एक खेल योजना के तहत भेजा गया बॉक्सिंग का प्रस्ताव शासन से पास हो गया है। नगर के टांडा स्पोर्ट्स स्टेडियम में बॉक्सिंग रिंग बनाने का कार्य जल्द ही शुरू हो जाएगा। रिंग बनने और कोच की नियुक्ति होने पर जिले के युवाओं का बॉक्सर बनने का सपना साकार होगा।
एक जिला एक खेल योजना के तहत गत वर्ष शासन से सभी जनपदों से प्रस्ताव मांगा गया था। योजना के तहत खेल विभाग द्वारा दो खेलों (बैडमिंटन व बॉक्सिंग) के नाम का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया। बाद में कोई एक नाम मांगने पर खेल विभाग द्वारा बॉक्सिंग को चुना गया। जिसका प्रस्ताव खेल निदेशालय द्वारा पास कर दिया गया। वहीं, अब क्षेत्रीय खेल कार्यालय जनपद के सबसे लोकप्रिय खेल की ढांचागत सुविधाएं बढ़ाएगा और इन सुविधाओं का इस्तेमाल करने वाले खिलाड़ियों में से राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए खिलाड़ी तैयार करेगा। स्टेडियम में नए खिलाड़ियों को प्रशिक्षित पूर्व खिलाड़ी प्रशिक्षण देंगे।
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इन खेलों पर मांगा गया था प्रस्ताव
खेल अफसरों के अनुसार गत वर्ष मुख्यालय द्वारा जिलास्तर पर एक जिला एक खेल योजना के तहत खेलो इंडिया सेंटर स्थापित करने के निर्देश दिए गए थे। जिसमें तीरंदाजी, एथलेटिक्स, मुक्केबाजी, बैडमिंटन, साइकिलिंग, तलवारबाजी, हॉकी, जूडो, रोइंग, शूटिंग, तैराकी, टेबल टेनिस, भारोत्तोलन और कुश्ती समेत ओलंपिक में पहचान वाले 14 खेलों के तहत इन पर प्रस्ताव मांगा गया था।
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बॉक्सिंग का चयन होने पर खुशी
जिले में खेल के रूप में बॉक्सिंग का चयन होना काफी खुशी की बात है। बॉक्सिंग का प्रशिक्षण शुरू होने से काफी खिलाड़ी सामने आएंगे और जनपद और प्रदेश का नाम रोशन कर सकेंगे।
- सतीश कुमार, अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी
सतीश की तरह और मुक्केबाज निकलेंगे
जिले में अभी तक बॉक्सिंग के प्रशिक्षण को लेकर कोच और रिंग का संचालन न होने से खिलाड़ियों को दूर-दराज जाना पड़ता था। सतीश कुमार की तरह जनपद से और भी खिलाड़ी निकल सकेंगे। - शाह फैसल, उपाध्यक्ष उप्र मुक्केबाजी संघ
मंडलायुक्त ने जिले में वाटर स्पोर्ट्स का प्रशिक्षण देने का मांगा प्रस्ताव
जिले में गंग नहर, अपर गंग नहर, नरौरा गंगा बैराज है। यहां पर आसानी से वाटर स्पोर्ट्स का प्रशिक्षण दिया जा सकता है। हाल ही में खुर्जा निवासी रोइंग खिलाड़ी ने टोक्यो ओलंपिक में प्रतिभाग कर विश्व की 11वें नंबर की जोड़ी बनने का सौभाग्य हासिल किया। इसके अलावा शिकारपुर निवासी अंतरराष्ट्रीय कैनोइंग खिलाड़ी शांति स्वरूप विभिन्न स्पर्धाओं में 39 पदक जीतकर जनपद और देश का नाम रोशन कर चुके है। इनके अलावा 10 से अधिक अन्य खिलाड़ी भी है।
प्रशिक्षण देने की जता चुके हैं इच्छा
अंतरराष्ट्रीय कैनोइंग खिलाड़ी शांति स्वरूप जिले के ब्रांड एंबेसडर है। समय-समय पर जिले के युवाओं को खेलों में प्रतिभाग करने के प्रति जागरूक करते रहते हैं। ओलंपिक में प्रतिभाग करने वाले रोइंग खिलाड़ी अरविंद सोलंकी को भी उन्होंने खोजा था। उन्होंने जिले में कैनोइंग और रोइंग का प्रशिक्षण देने की घोषणा की थी। बताया कि फिलहाल वह नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स से कोच बनने का प्रशिक्षण ले रहे हैं। जो जल्द ही पूरा होने वाला है। उन्होंने भूड़ क्षेत्र से गुजरने वाली किसी एक नहर में प्रशिक्षण देने के लिए उपयुक्त जगह होने पर जिला क्रीड़ाधिकारी, डीएम और सीडीओ के समक्ष प्रस्ताव रख चुके हैं। उनका कहना है कि यदि जिले में प्रशिक्षण संस्थान खुल गया तो प्रदेश का तीसरा प्रशिक्षण केंद्र होगा।
खेलो इंडिया के तहत जिले से बॉक्सिंग का प्रस्ताव बनाकर भेजा गया था। जो पास हो गया है। साथ ही जिले में मंडलायुक्त द्वारा वाटर स्पोर्ट्स के लिए उपयुक्त स्थान होने पर प्रस्ताव मांगा गया है। बुधवार को ओलंपिक खिलाड़ियों के सम्मान समारोह के दौरान अरविंद सोलंकी ने डीएम के समक्ष कैनोइंग/रोइंग का प्रशिक्षण खुलवाने की बात कही। जिस पर डीएम द्वारा सहमति जताई गई।
- नवीन कुमार त्यागी, क्रीड़ाधिकारी