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अब ऑनलाइन होगा टैक्स असेसमेंट
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अब ऑनलाइन होगा टैक्स असेसमेंट
बुलंदशहर। अब टैक्स असेसमेंट के लिए आयकर कार्यालय जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। विभाग ऑनलाइन टैक्स असेसमेंट करेगा। इस नई प्रक्रिया में करदाता को कर निर्धारण अधिकारी से भी संपर्क नहीं करना पड़ेगा। वहीं बिना प्रमाण के किसी भी करदाता की जांच नही की जाएगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड कानपुर क्षेत्र के प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त अजय दास मेहरोत्रा ने वेबिनार आयोजित कर जानकारी दी।
रोडमैप फार रोलिंग आउट द फेसलेस असेसमेंट स्कीम एंड टैक्सपेयर्स चार्टर पर आयोजित वेबिनार में प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त ने कहा कि नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य कर निर्धारण में पारदर्शिता है। इस व्यवस्था के द्वारा ये निश्चित किया जाना है कि कर निर्धारण के मामले में निर्धारण अधिकारी से सीधे संपर्क न हो। उन्होंने करदाता संहिता के महत्व के बारे में अवगत कराया। अब किसी प्रमाण के बिना किसी करदाता को संदेह की दृष्टि से नहीं देखा जायेगा और करदाता से संवाद केवल इलेक्ट्रानिक माध्यम से ही किया जाएगा। यह एक क्रांतिकारी कदम है तथा करदाताओं से भी यह अपेक्षा की जाती है कि वह समय पर कर का भुगतान करें और आवश्यक सूचनाएं भी समय से उपलब्ध कराए। देहरादून के मुख्य आयकर आयुक्त विपिन बिहारी सिंह, प्रधान आयकर आयुक्त प्रथम कानपुर डॉ. अमर सिंह ने भी योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। संयुक्त आयकर आयुक्त विजय रंजन सिन्हा ने बताया कि इससे कर निर्धारण के प्रति विश्वास बढ़ेगा। वेबिनार में चार्टर्ड एकाउंटेंट्स एसोसियेशन, बार एसोसिएशन, कंपनी सेक्रेटरी एसोसिएशन के पदाधिकारी एवं अधिवक्ताओं ने भाग लिया। जनपद के आयकर अधिकारी अनिल शर्मा ने बताया कि आनलाइन टैक्स असेसमेंट से करदाताओं को कई लाभ होंगे।
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बुलंदशहर। अब टैक्स असेसमेंट के लिए आयकर कार्यालय जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। विभाग ऑनलाइन टैक्स असेसमेंट करेगा। इस नई प्रक्रिया में करदाता को कर निर्धारण अधिकारी से भी संपर्क नहीं करना पड़ेगा। वहीं बिना प्रमाण के किसी भी करदाता की जांच नही की जाएगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड कानपुर क्षेत्र के प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त अजय दास मेहरोत्रा ने वेबिनार आयोजित कर जानकारी दी।
रोडमैप फार रोलिंग आउट द फेसलेस असेसमेंट स्कीम एंड टैक्सपेयर्स चार्टर पर आयोजित वेबिनार में प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त ने कहा कि नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य कर निर्धारण में पारदर्शिता है। इस व्यवस्था के द्वारा ये निश्चित किया जाना है कि कर निर्धारण के मामले में निर्धारण अधिकारी से सीधे संपर्क न हो। उन्होंने करदाता संहिता के महत्व के बारे में अवगत कराया। अब किसी प्रमाण के बिना किसी करदाता को संदेह की दृष्टि से नहीं देखा जायेगा और करदाता से संवाद केवल इलेक्ट्रानिक माध्यम से ही किया जाएगा। यह एक क्रांतिकारी कदम है तथा करदाताओं से भी यह अपेक्षा की जाती है कि वह समय पर कर का भुगतान करें और आवश्यक सूचनाएं भी समय से उपलब्ध कराए। देहरादून के मुख्य आयकर आयुक्त विपिन बिहारी सिंह, प्रधान आयकर आयुक्त प्रथम कानपुर डॉ. अमर सिंह ने भी योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी। संयुक्त आयकर आयुक्त विजय रंजन सिन्हा ने बताया कि इससे कर निर्धारण के प्रति विश्वास बढ़ेगा। वेबिनार में चार्टर्ड एकाउंटेंट्स एसोसियेशन, बार एसोसिएशन, कंपनी सेक्रेटरी एसोसिएशन के पदाधिकारी एवं अधिवक्ताओं ने भाग लिया। जनपद के आयकर अधिकारी अनिल शर्मा ने बताया कि आनलाइन टैक्स असेसमेंट से करदाताओं को कई लाभ होंगे।
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