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Bulandshahar News: अब बिना यू-डायस कोड के संचालित नहीं होंगे स्कूल
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बुलंदशहर। अब जिन विद्यालयों के पास यू-डॉयस कोड नहीं है, उनके खिलाफ बेसिक शिक्षा विभाग कार्रवाई करेगा। बिना यू-डॉयस कोड के विद्यालय नहीं चलने पाएंगे। इसके लिए आवेदन के लिए पोर्टल खुल चुका है और 30 अगस्त तक मौका दिया गया है। जिले में 4100 से अधिक सरकारी और निजी शिक्षण संस्थान संचालित हैं।
शिक्षा विभाग की योजनाओं को पारदर्शी बनाने के साथ स्कूलों से जुड़ी सूचनाएं ऑनलाइन रखने के लिए यू-डॉयस पोर्टल पर पंजीकरण होता है। इसमें बच्चों का विवरण पोर्टल पर अपलोड होता है। इसके बाद पर्सनल एजुकेशन नंबर (पेन नंबर) जारी होता है। इस नंबर से बच्चे की पहचान होती है। स्कूलों को उपलब्ध सुविधाएं, शिक्षकों की संख्या, शैक्षिक योग्यता, बच्चों की प्रोफाइल का ब्यौरा पोर्टल पर अपलोड होता है। प्रत्येक स्कूल के पोर्टल से यू-डॉयस कोड भी अलॉट होता है। इससे स्कूलों की निगरानी होती है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार कई विद्यालय बिना कोड के संचालित हो रहे हैं। ऐसे स्कूल 30 अगस्त तक कोड के लिए आवेदन कर सकते हैंं।
पुराने मान्यता प्राप्त विद्यालयों को कोड नहीं दिया जाएगा। विशिष्ट पहचान या प्रमाणपत्र वाले नवीन मान्यता प्राप्त विद्यालयों को कोड देने की संस्तुति की जाएगी। विद्यालय के बेसिक प्रोफाइल वितरण में कोई भी बदलाव जैसे श्रेणी, प्रबंधन, कक्षाओं, प्री प्राइमरी और स्ट्रीम में किसी भी प्रकार के परिवर्तन और विद्यालय बंद कराना हो तो सूचना पोर्टल पर एक्टिव लिंक के माध्यम से देनी होगी। बेसिक शिक्षा अधिकारी डाॅ. लक्ष्मीकांत पांडेय ने बताया कि विद्यालय के लिए यू-डॉयस आवश्यक है। जिले से जुड़े आंकड़े यू-डॉयस प्लस पोर्टल से ही प्राप्त होे रहे हैं। पोर्टल पर कोड के लिए विकल्प खुल गया है। बिना कोड के विद्यालय संचालित पाए जाने पर कार्रवाई होगी।
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शिक्षा विभाग की योजनाओं को पारदर्शी बनाने के साथ स्कूलों से जुड़ी सूचनाएं ऑनलाइन रखने के लिए यू-डॉयस पोर्टल पर पंजीकरण होता है। इसमें बच्चों का विवरण पोर्टल पर अपलोड होता है। इसके बाद पर्सनल एजुकेशन नंबर (पेन नंबर) जारी होता है। इस नंबर से बच्चे की पहचान होती है। स्कूलों को उपलब्ध सुविधाएं, शिक्षकों की संख्या, शैक्षिक योग्यता, बच्चों की प्रोफाइल का ब्यौरा पोर्टल पर अपलोड होता है। प्रत्येक स्कूल के पोर्टल से यू-डॉयस कोड भी अलॉट होता है। इससे स्कूलों की निगरानी होती है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार कई विद्यालय बिना कोड के संचालित हो रहे हैं। ऐसे स्कूल 30 अगस्त तक कोड के लिए आवेदन कर सकते हैंं।
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पुराने मान्यता प्राप्त विद्यालयों को कोड नहीं दिया जाएगा। विशिष्ट पहचान या प्रमाणपत्र वाले नवीन मान्यता प्राप्त विद्यालयों को कोड देने की संस्तुति की जाएगी। विद्यालय के बेसिक प्रोफाइल वितरण में कोई भी बदलाव जैसे श्रेणी, प्रबंधन, कक्षाओं, प्री प्राइमरी और स्ट्रीम में किसी भी प्रकार के परिवर्तन और विद्यालय बंद कराना हो तो सूचना पोर्टल पर एक्टिव लिंक के माध्यम से देनी होगी। बेसिक शिक्षा अधिकारी डाॅ. लक्ष्मीकांत पांडेय ने बताया कि विद्यालय के लिए यू-डॉयस आवश्यक है। जिले से जुड़े आंकड़े यू-डॉयस प्लस पोर्टल से ही प्राप्त होे रहे हैं। पोर्टल पर कोड के लिए विकल्प खुल गया है। बिना कोड के विद्यालय संचालित पाए जाने पर कार्रवाई होगी।
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