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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   Now if stray dogs are found in government hospitals, the in-charge will be held responsible

Bulandshahar News: अब सरकारी चिकित्सालयों में मिले लावारिस कुत्ते तो प्रभारी होंगे जिम्मेदार

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 01 Jan 2026 10:27 PM IST
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बुलंदशहर। जिले के सरकारी चिकित्सालयों में लावारिस कुत्ते मिलने पर प्रभारी जिम्मेदार होंगे। महानिदेशक के आदेश पर सीएमओ ने सभी सरकारी चिकित्सालय प्रभारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। कुत्तों का प्रवेश रोकने के लिए अस्पतालों की टूटी चहारदीवारी व गेट सही कराए जाएंगे।
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जिलेभर में जिला चिकित्सालय, जिला महिला चिकित्सालय के अलावा जटिया चिकित्सालय व महिला चिकित्सालय खुर्जा, संयुक्त चिकित्सालय सिकंदराबाद और 100 बेड राजकीय चिकित्सालय डिबाई संचालित हैं। इसके अलावा 13 सीएचसी, पांच ब्लॉक स्तरीय पीएचसी और 73 पीएचसी के अलावा 365 उप स्वास्थ्य केंद्र हैं। अधिकांश सरकारी चिकित्सालयों में सुबह से शाम तक लावारिस कुत्ते घूमते रहते हैं जो मरीजों के बेड के नीचे बैठ जाते हैं। कई बार मरीज के खाने-पीने का सामान भी उठाकर ले जाते हैं।
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लावारिस कुत्तों पर रोक लगाने के सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश के अनुपालन में महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं ने बुलंदशहर समेत सभी जिलों के सीएमओ को निर्देश जारी कर प्रवेश पर रोकने को कहा हैं। साथ ही सरकारी चिकित्सालयों में लगने वाली एआरवी में पालतू व लावारिस के अलग-अलग आंकड़े दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। सीएमओ डॉ. सुनील कुमार दोहरे ने बताया कि महानिदेशक ने वीडियो कान्फ्रेंस कर सभी सरकारी चिकित्सालय परिसर को लावारिस कुत्तों से मुक्त रखने, परिसर की चहारदीवारी, गेट टूटे होने पर उसे सही कराने के निर्देश दिए हैं। यह आदेश सभी चिकित्सा प्रभारियों को दे दिया है। अब यदि परिसर में कुत्ता मिला तो इसकी जिम्मेदारी प्रभारी की होगी।
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