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Bulandshahar News: किसानों की अब चेहरे से होगी ई-केवाईसी, तब मिलेगी सम्मान निधि
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संवाद न्यूज एजेंसी
बुलंदशहर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत अब तक ई-केवाईसी न कराने वाले किसानों की चेहरे से ई-केवाईसी कराई जाएगी। कृषि विभाग की टीम घर-घर जाकर सत्यापन और ई-केवाईसी के तहत किसानों के चेहरे की फोटो लेकर आधार डेटा से मिलान करेगी। इस सत्यापन के बाद वंचित किसानों को सम्मान निधि की 15वीं किस्त मिल सकेगी।
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार जिले में करीब चार लाख किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से जुड़े हैं। केंद्र सरकार ने योजना का लाभ लेने के लिए किसानों का ई-केवाईसी, बैंक खाते से आधार लिंक और एनपीसीआई जरूरी कर दिया है। विभाग की ओर से किसानों की समस्याओं के निराकरण के लिए कई विशेष अभियान चलाया गया था। इसके तहत ग्राम पंचायत, ब्लॉक व तहसील स्तर पर कैंप लगाकर किसानों की ईकेवाईसी, भूलेख एवं बैंक से आधार लिंक न हो पाने की समस्याओं का निराकरण किया गया। बावजूद इसके करीब 30 हजार किसानों ने ई-केवाईसी नहीं कराई है।
कृषि विभाग की टीमें ऐसे किसानों की सूची तैयार होगी जो भूलेख सत्यापन, ई-केवाईसी व आधार से लिंक कराने से वंचित रह गए हैं। सूची के आधार पर विभागीय कर्मी गांव-गांव जाकर उनकी खामियों को दुरुस्त करेंगे। इसके साथ ही मृतक, भूमिहीन व अपात्र किसानों का सत्यापन कराकर अलग से सूची तैयार की जाएगी। जिला कृषि अधिकारी राहुल सिंह तेवतिया ने बताया कि इस कार्य की शुरूआत करने के लिए तैयारी चल रही है। जल्द ही टीम बनाकर इस कार्य को पूरा कराया जाएगा।
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बुलंदशहर। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत अब तक ई-केवाईसी न कराने वाले किसानों की चेहरे से ई-केवाईसी कराई जाएगी। कृषि विभाग की टीम घर-घर जाकर सत्यापन और ई-केवाईसी के तहत किसानों के चेहरे की फोटो लेकर आधार डेटा से मिलान करेगी। इस सत्यापन के बाद वंचित किसानों को सम्मान निधि की 15वीं किस्त मिल सकेगी।
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार जिले में करीब चार लाख किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से जुड़े हैं। केंद्र सरकार ने योजना का लाभ लेने के लिए किसानों का ई-केवाईसी, बैंक खाते से आधार लिंक और एनपीसीआई जरूरी कर दिया है। विभाग की ओर से किसानों की समस्याओं के निराकरण के लिए कई विशेष अभियान चलाया गया था। इसके तहत ग्राम पंचायत, ब्लॉक व तहसील स्तर पर कैंप लगाकर किसानों की ईकेवाईसी, भूलेख एवं बैंक से आधार लिंक न हो पाने की समस्याओं का निराकरण किया गया। बावजूद इसके करीब 30 हजार किसानों ने ई-केवाईसी नहीं कराई है।
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कृषि विभाग की टीमें ऐसे किसानों की सूची तैयार होगी जो भूलेख सत्यापन, ई-केवाईसी व आधार से लिंक कराने से वंचित रह गए हैं। सूची के आधार पर विभागीय कर्मी गांव-गांव जाकर उनकी खामियों को दुरुस्त करेंगे। इसके साथ ही मृतक, भूमिहीन व अपात्र किसानों का सत्यापन कराकर अलग से सूची तैयार की जाएगी। जिला कृषि अधिकारी राहुल सिंह तेवतिया ने बताया कि इस कार्य की शुरूआत करने के लिए तैयारी चल रही है। जल्द ही टीम बनाकर इस कार्य को पूरा कराया जाएगा।
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