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फसल अवशेष जलाने वाले दो किसानों पर लगा जुर्माना, भेजा नोटिस
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फसल अवशेष जलाने वाले दो किसानों पर लगा जुर्माना, भेजा नोटिस
बुलंदशहर। जिले में पहासू और शिकारपुर क्षेत्र में दो किसानों द्वारा फसल अवशेष जलाने के मामले सामने आए हैं। यह दोनों मामले दिल्ली स्थित सेटेलाइट से पकड़ में आए हैं। दिल्ली से रिपोर्ट मिलने के बाद विभाग ने इन दोनों किसानों पर जुर्माना लगाकर उसे जमा करवाने के लिए नोटिस भेज दिए हैं।
उप कृषि निदेशक धनंजय सिंह ने बताया कि शासन का सख्त आदेश है कि किसी भी कीमत पर किसान अपने फसल अवशेष न जलाएं। ऐसा करने से पर्यावरण प्रदूषित होता है। यह स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक होता है। साथ ही फसल अवशेष जलाने पर भूमि की उर्वरा शक्ति कम होती है और जमीन के मित्र कीट भी नष्ट हो जाते हैं। शासन के आदेश पर लगातार किसानों को किसी भी तरह के फसल अवशेष न जलाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि फसल अवशेष जलाने वालों पर दिल्ली से सेटेलाइट के माध्यम से भी निगरानी रखी जा रही है। जिले में बारिश से पहले सेटेलाइट के माध्यम से पहासू क्षेत्र के गांव पहार में 15 अक्तूबर और शिकारपुर क्षेत्र के गांव खंखूड़ा में दस अक्तूबर को फसल अवशेष जलाने के मामले सामने आए हैं। फसल अवशेष जलाने वाले किसानाें को उनकी तहसील के माध्यम से जुर्माने की राशि वसूलने के लिए नोटिस भेज दिए गए हैं।
इस तरह लगाया जाता है जुर्माना
शासन का आदेश है कि यदि कोई किसान फसल अवशेष जलाता है तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा। दो एकड़ तक फसल अवशेष जलाने पर 2500 रुपये, तीन से पांच एकड़ तक पांच हजार रुपये और इससे अधिक फसल अवशेष जलाने पर 15000 रुपये का जुर्माना लगाने का प्रावधान है।
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बुलंदशहर। जिले में पहासू और शिकारपुर क्षेत्र में दो किसानों द्वारा फसल अवशेष जलाने के मामले सामने आए हैं। यह दोनों मामले दिल्ली स्थित सेटेलाइट से पकड़ में आए हैं। दिल्ली से रिपोर्ट मिलने के बाद विभाग ने इन दोनों किसानों पर जुर्माना लगाकर उसे जमा करवाने के लिए नोटिस भेज दिए हैं।
उप कृषि निदेशक धनंजय सिंह ने बताया कि शासन का सख्त आदेश है कि किसी भी कीमत पर किसान अपने फसल अवशेष न जलाएं। ऐसा करने से पर्यावरण प्रदूषित होता है। यह स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक होता है। साथ ही फसल अवशेष जलाने पर भूमि की उर्वरा शक्ति कम होती है और जमीन के मित्र कीट भी नष्ट हो जाते हैं। शासन के आदेश पर लगातार किसानों को किसी भी तरह के फसल अवशेष न जलाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि फसल अवशेष जलाने वालों पर दिल्ली से सेटेलाइट के माध्यम से भी निगरानी रखी जा रही है। जिले में बारिश से पहले सेटेलाइट के माध्यम से पहासू क्षेत्र के गांव पहार में 15 अक्तूबर और शिकारपुर क्षेत्र के गांव खंखूड़ा में दस अक्तूबर को फसल अवशेष जलाने के मामले सामने आए हैं। फसल अवशेष जलाने वाले किसानाें को उनकी तहसील के माध्यम से जुर्माने की राशि वसूलने के लिए नोटिस भेज दिए गए हैं।
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इस तरह लगाया जाता है जुर्माना
शासन का आदेश है कि यदि कोई किसान फसल अवशेष जलाता है तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा। दो एकड़ तक फसल अवशेष जलाने पर 2500 रुपये, तीन से पांच एकड़ तक पांच हजार रुपये और इससे अधिक फसल अवशेष जलाने पर 15000 रुपये का जुर्माना लगाने का प्रावधान है।
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