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कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज नहीं करने पर जहांगीराबाद पुलिस को नोटिस जारी
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कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज नहीं करने पर जहांगीराबाद पुलिस को नोटिस जारी
बुलंदशहर। कोर्ट के आदेश के बाद भी हत्या के मामले में रिपोर्ट दर्ज न करने पर जहांगीराबाद पुलिस को कोर्ट ने फटकार लगाई है। कोतवाली प्रभारी को नोटिस जारी कर रिपोर्ट दर्ज न करने का कारण पूछा है।
अधिवक्ता जयदीप शर्मा ने बताया कि जहांगीराबाद के गांव टिटौटा निवासी पवन कुमार ने अपने भाई कमल सिंह की पत्नी रेनू समेत पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के लिए न्यायालय में अर्जी दी थी। आरोप था कि कमल सिंह की पत्नी के रेनू का पड़ोसी के साथ संबंध था। कमल सिंह ने विरोध किया तो 22 सितंबर 2019 को उसकी हत्या कर दी गई। आरोपियों ने कमल के नाम की संपत्ति भी हड़पने का प्रयास किया। पुलिस ने आरोपियों ने से सांठगांठ कर हत्या की रिपोर्ट दर्ज नहीं की थी। इस पर एक महीने पहले मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय सुनील कुमार ने जहांगीराबाद थाना प्रभारी को एक सप्ताह के अंदर आरोपियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया था। रिपोर्ट दर्ज कर कोर्ट को अवगत कराने को भी कहा गया था। इसके बाद भी जहांगीराबाद थाना प्रभारी की ओर से प्रकरण में रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई।
इसके बाद पीड़ित पवन कुमार ने दोबारा सीजेएम कोर्ट में याचिका देकर बताया कि कोर्ट के आदेश के बाद भी जहांगीराबाद पुलिस ने इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की। न्यायालय के आदेशों को ताक पर रखकर पुलिस ने आरोपियों का बचाव किया। अब सीजेएम ने कोर्ट के आदेशों की अवहेलना के मामले में थाना प्रभारी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए एक अगस्त को कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए हैं। जहांगीराबाद के थाना प्रभारी अखिलेश त्रिपाठी का कहना है कि नोटिस मिलने पर कोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए जवाब दिया जाएगा।
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बुलंदशहर। कोर्ट के आदेश के बाद भी हत्या के मामले में रिपोर्ट दर्ज न करने पर जहांगीराबाद पुलिस को कोर्ट ने फटकार लगाई है। कोतवाली प्रभारी को नोटिस जारी कर रिपोर्ट दर्ज न करने का कारण पूछा है।
अधिवक्ता जयदीप शर्मा ने बताया कि जहांगीराबाद के गांव टिटौटा निवासी पवन कुमार ने अपने भाई कमल सिंह की पत्नी रेनू समेत पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के लिए न्यायालय में अर्जी दी थी। आरोप था कि कमल सिंह की पत्नी के रेनू का पड़ोसी के साथ संबंध था। कमल सिंह ने विरोध किया तो 22 सितंबर 2019 को उसकी हत्या कर दी गई। आरोपियों ने कमल के नाम की संपत्ति भी हड़पने का प्रयास किया। पुलिस ने आरोपियों ने से सांठगांठ कर हत्या की रिपोर्ट दर्ज नहीं की थी। इस पर एक महीने पहले मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय सुनील कुमार ने जहांगीराबाद थाना प्रभारी को एक सप्ताह के अंदर आरोपियों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया था। रिपोर्ट दर्ज कर कोर्ट को अवगत कराने को भी कहा गया था। इसके बाद भी जहांगीराबाद थाना प्रभारी की ओर से प्रकरण में रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई।
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इसके बाद पीड़ित पवन कुमार ने दोबारा सीजेएम कोर्ट में याचिका देकर बताया कि कोर्ट के आदेश के बाद भी जहांगीराबाद पुलिस ने इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की। न्यायालय के आदेशों को ताक पर रखकर पुलिस ने आरोपियों का बचाव किया। अब सीजेएम ने कोर्ट के आदेशों की अवहेलना के मामले में थाना प्रभारी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए एक अगस्त को कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए हैं। जहांगीराबाद के थाना प्रभारी अखिलेश त्रिपाठी का कहना है कि नोटिस मिलने पर कोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए जवाब दिया जाएगा।
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