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आदेश नहीं भाया, 3 शुगर मिलों पर 50 करोड़ बकाया
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Tue, 23 May 2017 12:06 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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गन्ना किसानों को 15 दिन में भुगतान करने और मिल बंद करने से पाई-पाई चुकता करने का शासनादेश मिल मालिकों को पसंद नहीं आया। केवल तीन शुगर मिलों ने बकाया का भुगतान किया है, बाकी तीन शुगर मिलों ने गन्ना भुगतान नहीं किया है। पेराई सत्र समाप्त हो जाने के बावजूद मिलों पर किसाना का 50 करोड़ बकाया है।
इसके जल्द भुगतान की उम्मीद नहीं है। बकाया न मिलने से किसान परेशान हैं। गन्ना पेराई सत्र 2016-17 में अनूपशहर शुगर मिल, अनामिका शुगर मिल और साबितगढ़ शुगर मिल, हापुड़ की ब्रजनाथपुर शुगर मिल, सिंभावली शुगर मिल और संभल की रजपुरा शुगर मिल ने 615 करोड़ रुपये का गन्ना खरीदा था।
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अनामिका शुगर मिल, साबितगढ़ शुगर मिल और रजपुरा शुगर मिल ने शत प्रतिशत भुगतान कर दिया है। अनूपशहर शुगर मिल ने 103 करोड़ रुपये का गन्ना खरीदा। इसमें से 23 करोड़ का भुगतान अब तक नहीं किया गया है। हापुड़ की ब्रजनाथपुर शुगर मिल पर 14.20 करोड़ और सिंभावली शुगर मिल पर जिले के किसानों का 12.50 करोड़ रुपये बकाया है।
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कुल मिलाकर तीनों शुगर मिलों पर 50 करोड़ गन्ना भुगतान शेष है। नियम के मुताबिक हर 15वें दिन मिलों पर पुराना भुगतान चुकता करना होता है। जिस सप्ताह मिल बंद होती उस सप्ताह किसानों की पाई पाई अदा होनी चाहिए थी। प्रशासन की उदासीनता के कारण मिलों 50 करोड़ रुपये का भुगतान किए बगैर पेराई बंद कर दी।
कर्ज माफ हुआ नहीं, बैंकों ने नए कर्ज से खींचे हाथ
कृषि कर्ज माफी की घोषणा ने किसानों के सामने आफत खड़ी कर दी है। सरकार की ओर से अब तक कर्ज माफ तो हुआ नहीं, साथ ही बैंकों ने नया कृषि कर्ज देने से इंकार कर दिया है। ऐसे में चारा और दलहनी फसलों की बुवाई पर संकट खड़ा हो गया है।
जिले में चार लाख से अधिक किसान है। दो लाख से अधिक किसान सीमांत और लघु हैं। इन्हीं सीमांत और लघु किसानों का एक लाख रुपये तक का कृषि कर्ज माफ करने की घोषणा सरकार की ओर से की गई है।
सरकार ने घोषणा के बाद किसानों का कर्ज माफ नहीं किया। उन किसानों के सामने दिक्कत खड़ी हो गई है, जिन किसानों को बैंक से कर्ज लेना है। बैंकों ने पुराने कर्ज का हवाला देते हुए नया कर्ज देने से इंकार कर दिया है। हालांकि बैंकर्स यह भी बता रहें है कि कर्ज माफी की राशि का भुगतान सरकार की ओर से करने पर किसानों को दोबारा ऋण दिया जाएगा।