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कुत्ते-बिल्ली पालने के लिए पड़ोसियों की सहमति होगी जरूरी
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कुत्ते-बिल्ली पालने के लिए पड़ोसियों की सहमति होगी जरूरी
बुलंदशहर। नगरीय क्षेत्रों में अब कुत्ते-बिल्ली समेत अन्य जानवर पालने के लिए लोगों को टैक्स अदा करना होगा। इसके लिए शासन के निर्देश पर निकाय अधिकारी तैयारी करने में जुटे हुए हैं। जानवर पालने के लिए पड़ोसी द्वारा सहमति लेना भी अनिवार्य होगा। यदि पड़ोसी लिखित में सहमति नहीं देगा तो ऐसी स्थिति में निकाय द्वारा भी संबंधित व्यक्ति को जानवर पालने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
लखनऊ में एक पालतू कुत्ते ने घर में ही महिला पर हमला कर दिया था। कुत्ते के हमले में घायल महिला की मौके पर ही मौत हो गई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री की ओर से सभी निकायों को आदेश जारी किए गए थे कि कुत्ता-बिल्ली समेत अन्य पालतू जानवर पालने वालों का पंजीकरण कराते हुए उनसे टैक्स वसूला जाए। शासन के निर्देश से जिले की नौ नगर पालिका और आठ नगर पंचायतों की कॉलोनियों में पालतू जानवर पालने वाले करीब 50 हजार लोग सीधा प्रभावित होंगे।
निकायों द्वारा देशी और विदेशी किस्म के कुत्ते पालने वाले लोगों पर अलग-अलग प्रकार का टैक्स लगाया जाएगा। हालांकि इसके लिए अभी निकायों द्वारा नियम बनाते हुए बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। प्रस्ताव पास होने के बाद टैक्स की वसूली के लिए नियम बनाए जाएंगे। यदि निकायों द्वारा कुत्ता-बिल्ली पालने वालों पर औसतन एक हजार रुपये का टैक्स लगाया जाएगा तो ऐसी स्थिति में जिले की निकायों को करीब पांच करोड़ रुपये वार्षिक आय होगी। जिसे विकास कार्यों में खर्च किया जा सकेगा।
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कुत्ता-बिल्ली पालने वाले लोगों के पंजीकरण और टैक्स वसूली के लिए शासन से निर्देश मिले हैं। टैक्स किस आधार पर और कितना लगाया जाए, इसको लेकर योजना बनाई जा रही है। जल्द प्रस्ताव बैठक में रखते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी। - मनोज रस्तोगी, ईओ, नगर पालिका बुलंदशहर
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बुलंदशहर। नगरीय क्षेत्रों में अब कुत्ते-बिल्ली समेत अन्य जानवर पालने के लिए लोगों को टैक्स अदा करना होगा। इसके लिए शासन के निर्देश पर निकाय अधिकारी तैयारी करने में जुटे हुए हैं। जानवर पालने के लिए पड़ोसी द्वारा सहमति लेना भी अनिवार्य होगा। यदि पड़ोसी लिखित में सहमति नहीं देगा तो ऐसी स्थिति में निकाय द्वारा भी संबंधित व्यक्ति को जानवर पालने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
लखनऊ में एक पालतू कुत्ते ने घर में ही महिला पर हमला कर दिया था। कुत्ते के हमले में घायल महिला की मौके पर ही मौत हो गई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री की ओर से सभी निकायों को आदेश जारी किए गए थे कि कुत्ता-बिल्ली समेत अन्य पालतू जानवर पालने वालों का पंजीकरण कराते हुए उनसे टैक्स वसूला जाए। शासन के निर्देश से जिले की नौ नगर पालिका और आठ नगर पंचायतों की कॉलोनियों में पालतू जानवर पालने वाले करीब 50 हजार लोग सीधा प्रभावित होंगे।
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निकायों द्वारा देशी और विदेशी किस्म के कुत्ते पालने वाले लोगों पर अलग-अलग प्रकार का टैक्स लगाया जाएगा। हालांकि इसके लिए अभी निकायों द्वारा नियम बनाते हुए बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। प्रस्ताव पास होने के बाद टैक्स की वसूली के लिए नियम बनाए जाएंगे। यदि निकायों द्वारा कुत्ता-बिल्ली पालने वालों पर औसतन एक हजार रुपये का टैक्स लगाया जाएगा तो ऐसी स्थिति में जिले की निकायों को करीब पांच करोड़ रुपये वार्षिक आय होगी। जिसे विकास कार्यों में खर्च किया जा सकेगा।
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कुत्ता-बिल्ली पालने वाले लोगों के पंजीकरण और टैक्स वसूली के लिए शासन से निर्देश मिले हैं। टैक्स किस आधार पर और कितना लगाया जाए, इसको लेकर योजना बनाई जा रही है। जल्द प्रस्ताव बैठक में रखते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी। - मनोज रस्तोगी, ईओ, नगर पालिका बुलंदशहर