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कुदरत के बाद किसानों पर अफसरों का सितम
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Mon, 21 Mar 2016 10:42 PM IST
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किसान
- फोटो : amar ujala
कुदरत के बाद प्रशासनिक अफसरों ने भी किसानों पर सितम ढाने का कार्य किया है। प्रशासन ने आंधी-बारिश और ओलावृष्टि से बर्बाद हुए फसलों के क्रास सर्वे में नुकसान महज 11 फीसदी दिखाया है। 11 प्रतिशत नुकसान भरपाई की श्रेणी में नहीं आता। वहीं, किसानों का कहना है कि क्षति का दायरा 50 फीसदी से अधिक है।
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भाकियू ने प्रशासन को आंदोलन की चेतावनी दी है। जनपद में मौजूदा सीजन में दो लाख हेक्टेयर गेहूं की फसल बोई गई थी। कृषि विभाग के सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक आपदा की जद में आने से 3.76 लाख बीघा गेहूं की फसल बर्बाद हुई। कहीं-कहीं 50 या इससे अधिक भी नुकसान पाया गया।
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कृषि विभाग और फूड मार्केटिंग विभाग के सर्वे के बाद प्रशासन ने क्षति का आंकलन करने के लिए क्रास सर्वेक्षण कराया। प्रशासन ने क्रास सर्वे की रिपोर्ट आने के बाद नुकसान का ग्राफ औसतन 11 प्रतिशत बताया। नियम के मुताबिक 33 प्रतिशत से अधिक नुकसान वाले किसान को ही सरकार की ओर से आर्थिक मदद देने की व्यवस्था है।
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