फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   Napier grass will supply green fodder for the cow

नेपियर घास करेगी गोवंश के लिए हरे चारे की पूर्ति

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 07 Jul 2020 11:15 PM IST
विज्ञापन
Napier grass will supply green fodder for the cow
नेपियर घास करेगी गोवंश के लिए हरे चारे की पूर्ति
विज्ञापन

बुलंदशहर। जनपद में संचालित निराश्रित गोवंश आश्रय स्थलों में जल्द ही हरे चारे की किल्लत दूर हो जाएगी। आश्रय स्थलों पर नेपियर प्रजाति की घास उगाई जाएगी। अफसरों के अनुसार नेपियर प्रजाति की घास वर्ष भर उपलब्ध रहती है। झांसी स्थित चारा एवं चारागाह संस्थान से यह घास मंगवाई जाएगी। इसके लिए तैयारी शुरू कर दी गई है।
प्रदेश में योगी सरकार ने आवारा गोवंश के संरक्षण के लिए निराश्रित गोवंश आश्रय स्थल बनवाए। जनपद की 158 न्याय पंचायतों और नगर निकायों में 154 निराश्रित गोवंश आश्रय स्थल खोले गए। यहां पर अभी तक दस हजार से अधिक आवारा गोवंश को संरक्षित किया गया है। आश्रय स्थलों के संचालन और गोवंश के भरण-पोषण के लिए शासन की ओर से समय-समय पर राशि जारी की जाती है। पिछले दिनों शासन के आदेश पर आश्रय स्थलों पर भूसा बैंक बनाए गए थे। इसके तहत किसानों से भूसा खरीद कर आश्रय स्थल पर एकत्रित किया गया। अफसरों का दावा है कि इस समय आश्रय स्थलों पर गोवंश के लिए भूसे की कमी नहीं है, लेकिन गोवंश के बेहतर स्वास्थ्य के लिए हरे चारे की भी जरूरत होती है। हरे चारे का विकल्प तलाशने में सीडीओ अभिषेक पांडेय ने विभागीय अधिकारियों के साथ पिछले दिनों बैठक की थी। तय किया गया था कि आश्रय स्थलों पर नेपियर घास उगाई जाए। इसके उगाने से गोवंश के लिए हरे चारे की कमी नहीं रहेगी।
विज्ञापन

पूरे वर्ष हरी रहती है नेपियर घास
गोवंश हो या फिर अन्य पशु, सभी के लिए हरा चारा जरूरी होता है। हालांकि हरे चारे में ज्वार, बाजरा, मक्का और जंगली घास एक अच्छा विकल्प है, लेकिन यह सब एक निर्धारित समय तक ही हरे रहते हैं। जबकि नेपियर घास ऐसी है, जो पूरे वर्ष हरी रहती है। इसका हरा चारा भी ज्वार, बाजरा, मक्का आदि की अपेक्षा पशुओं के स्वास्थ्य के लिए बेहतर माना जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

गोवंश को हरा चारा उपलब्ध करवाने के लिए निराश्रित गोवंश स्थलों पर नेपियर घास उगाई जाएगी। इस घास को उगाने के लिए सभी आश्रय स्थलों पर जगह चिन्हित की जा रही है। जल्द ही झांसी से इस घास को मंगवाकर रोप दिया जाएगा। - डॉ. लक्ष्मी नारायण, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, बुलंदशहर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed