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Bulandshahar News: छत पर खेल रही बच्ची पर बंदरों ने किया हमला
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संवाद न्यूज एजेंसी
बुलंदशहर। घर की छत पर खेल रही तीन साल की बच्ची पर बंदरों के झुंड ने अचानक हमला बोल दिया। बंदरों में सिर में काटकर बच्ची को घायल कर दिया। परिजन बच्ची को लेकर शनिवार को जिला अस्पताल पहुंचे। जिला अस्पताल में एंटी रैबीज का टीका लगवाने के बाद एंटी रैबीज सीरम के लिए बच्ची को दिल्ली रेफर कर दिया।
नगर निवासी महिला मुस्कान ने बताया कि शनिवार सुबह उनकी तीन साल की बेटी शिफा अन्य बच्चों के साथ घर की छत पर खेल रही थी। तभी अचानक बंदरों का झुंड छत पर आ गया और शिफा पर हमला बोल दिया। बंदरों ने शिफा के सिर पर तीन से चार जगह काट लिया। बच्ची की चीख सुनकर किसी तरह बंदरों को भगाया। उसके बाद बच्ची को जिला अस्पताल लेकर आए। यहां पर एआरवी लगा दिया है और एआरएस का टीका लगवाने के लिए दिल्ली जाने की सलाह दी है।
-197 को लगा एआरवी का टीका-
जिला अस्पताल के चिकित्सा अधिकारी डॉ.पंकज उपाध्याय व फार्मासिस्ट अरुण यादव ने बताया कि शनिवार को 197 लोगों को एआरवी लगाया गया। इसमें बंदर काटने के 20 और शेष कुत्ता व अन्य जानवर काटने के लोग शामिल रहे। कुत्ता-बंदर या अन्य जानवर के काटने पर 24 से 48 घंटे के अंदर पहला एआरवी जरूर लगवा लें। घर पर इलाज न करें। सरकारी चिकित्सालयों में यह निशुल्क लगाए जाते हैं।
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-- कोट
अस्पताल में आने वाले बंदरों और कुत्तों के काटे के लोगों को एआरवी लगाया जा रहा है। जख्म गहरा होने वालों को दिल्ली के लिए रेफर कर दिया जाता हैं। -डॉ.राजीव प्रसाद, सीएमएस जिला अस्पताल।
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बुलंदशहर। घर की छत पर खेल रही तीन साल की बच्ची पर बंदरों के झुंड ने अचानक हमला बोल दिया। बंदरों में सिर में काटकर बच्ची को घायल कर दिया। परिजन बच्ची को लेकर शनिवार को जिला अस्पताल पहुंचे। जिला अस्पताल में एंटी रैबीज का टीका लगवाने के बाद एंटी रैबीज सीरम के लिए बच्ची को दिल्ली रेफर कर दिया।
नगर निवासी महिला मुस्कान ने बताया कि शनिवार सुबह उनकी तीन साल की बेटी शिफा अन्य बच्चों के साथ घर की छत पर खेल रही थी। तभी अचानक बंदरों का झुंड छत पर आ गया और शिफा पर हमला बोल दिया। बंदरों ने शिफा के सिर पर तीन से चार जगह काट लिया। बच्ची की चीख सुनकर किसी तरह बंदरों को भगाया। उसके बाद बच्ची को जिला अस्पताल लेकर आए। यहां पर एआरवी लगा दिया है और एआरएस का टीका लगवाने के लिए दिल्ली जाने की सलाह दी है।
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-197 को लगा एआरवी का टीका-
जिला अस्पताल के चिकित्सा अधिकारी डॉ.पंकज उपाध्याय व फार्मासिस्ट अरुण यादव ने बताया कि शनिवार को 197 लोगों को एआरवी लगाया गया। इसमें बंदर काटने के 20 और शेष कुत्ता व अन्य जानवर काटने के लोग शामिल रहे। कुत्ता-बंदर या अन्य जानवर के काटने पर 24 से 48 घंटे के अंदर पहला एआरवी जरूर लगवा लें। घर पर इलाज न करें। सरकारी चिकित्सालयों में यह निशुल्क लगाए जाते हैं।
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अस्पताल में आने वाले बंदरों और कुत्तों के काटे के लोगों को एआरवी लगाया जा रहा है। जख्म गहरा होने वालों को दिल्ली के लिए रेफर कर दिया जाता हैं। -डॉ.राजीव प्रसाद, सीएमएस जिला अस्पताल।