फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   missing child in bulandshahar from 15 years

सिस्टम बेपरवाह, टूट रही अपनों को पाने की आस

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 22 Aug 2020 10:15 PM IST
विज्ञापन
missing child in bulandshahar from 15 years
missing child in bulandshahar from 15 years - फोटो : BULANDSHAHR
डेढ़ दशक में लापता 74 बच्चों का नहीं लगा सुराग
विज्ञापन

बुलंदशहर (विकास वत्स)। बीते 15 वर्षों में जनपदभर से 74 मासूम लापता हो चुके हैं। लापता मासूमों को बरामद करना तो दूर पुलिस उनका सुराग तक नहीं लगा सकी है। वेपरवाह सिस्टम के चलते परिजन भी अधिकारियों के दर पर भटकते-भटकते अपने लाल को पाने की आस खो चुके हैं।
संदिग्ध परिस्थितियों में जनपदभर से लापता होने वाले मासूम बच्चे- बच्चियों व किशोर-किशोरियों की संख्या बढ़ती जा रही है। आंकड़ों पर नजर डालें तो जनपदभर में बीते कुछ वर्षों से मासूमों के लापता होने की संख्या साल दर साल बढ़ रही है। हालांकि बीते दो वर्षों में पुलिस ने लापता मासूमों, किशोर व किशोरियों की बरामदगी भी की है, लेकिन 15 वर्षों से लापता 74 बच्चों का पुलिस अभी तक सुराग तक नहीं लगा सकी। इन मासूमों की जिले से तस्करी की गई है या फिर खुद ही यह बच्चे कहीं लापता हो गए हैं, इस बात का जवाब भी पुलिस अधिकारियों के पास नहीं है।
विज्ञापन

हालांकि बीते दो वर्षों में पुलिस ने करीब दो दर्जन से अधिक लापता बच्चों को बरामद किया है , लेकिन कई मामलों में जांच ठंडे बस्ते में जा चुकी है तो कई मामलों की जांच काफी धीमी रफ्तार से चल रही है । परिजन अपने जिगर के टुकड़ों की बरामदगी के लिए अधिकारियों के दर पर चक्कर काट कर थक गए हैं और उन्होंने उनकी तलाश की आस भी छोड़ दी है । यदि पुलिस के आंकड़ों पर नजर डालें तो जनपदभर के विभिन्न थानों से वर्ष 2018 व वर्ष 2019 में सर्वाधिक 13-13 बच्चे लापता हुए। आंकड़ों के मुताबिक गत 15 वर्षों में सर्वाधिक बच्चे और बच्चियां इन्हीं वर्षों में लापता हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed