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कादरी का मिनी ताजमहल बनेगा पर्यटन स्थल
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डिबाई के पला कसेर में बना मिनी ताजमहल
- फोटो : BULANDSHAHR
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कादरी का मिनी ताजमहल बनेगा पर्यटन स्थल
बुलंदशहर। डिबाई क्षेत्र के गांव पला कसेर में बना मिनी ताजमहल पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। सीडीओ इसके लिए प्रस्ताव तैयार कराएंगे। इसके लिए डीपीआरओ को निर्देश दिए गए हैं।
गांव पला कसेर निवासी फैजुल हसन कादरी ने वर्ष 2012 में मिनी ताजमहल का निर्माण अपनी पत्नी तजमुल्ली की याद में शुरू करवाया था। इसका निर्माण शुरू होते ही इसकी चर्चा देश-विदेश में होने लगी थी। इसे देखने के लिए विदेशी भी पहुंचने लगे थे। इसके निर्माण के साथ ही कादरी ने मिनी ताजमहल के पास ही राजकीय बालिका इंटर कॉलेज बनाने के लिए अपनी जमीन दान दी थी। इस जमीन पर सपा सरकार ने कॉलेज बनवाने को स्वीकृति दी थी, जो अब बनकर तैयार है और उसके संचालन की तैयारी चल रही है। कादरी का यह सपना था कि मिनी ताजमहल ऐसा बनाया जाए कि उनकी साथ उनकी पत्नी का नाम भी अमर रहे। वर्ष 2018 में कादरी की एक सड़क हादसे में मौत हो गई और उनका सपना अधूरा रह गया। उनके द्वारा बनाए गए मिनी ताजमहल की देखरेख भी नहीं की जा रही है। ऐसे में अब सीडीओ ने इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। सीडीओ के अनुसार इस कार्य के लिए जल्द ही प्रस्ताव तैयार कर आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
मिनी ताजमहल में है फैजुल और तजमुल्ली की कब्र
डाक विभाग में कार्यरत फैजुल हसन कादरी ने मिनी ताज महल उसी स्थान पर बनाया था, जहां उनकी बेगम तजमुल्ली को दफनाया गया था। यहां पर कुछ जमीन कादरी ने अपनी कब्र के लिए भी छोड़ दी थी। उनकी इच्छा थी कि इंतकाल के बाद उनकी कब्र भी उनकी बेगम के साथ बने। उनकी इस इच्छा को उनके परिवार से जुड़े लोगों ने पूरा किया था।
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फैजुल हसन द्वारा बनाए गए मिनी ताजमहल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की पहल की जा रही है। इसके सुंदरीकरण के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। हालांकि इसकी पहचान पहले से ही काफी है, लेकिन पर्यटन स्थल बनने पर इसकी ख्याति और बढ़ जाएगी। साथ ही कादरी का अधूरा सपना भी पूरा हो जाएगा। - अभिषेक पांडेय, मुख्य विकास अधिकारी।
बोले क्षेत्रवासी
फैजुल हसन कादरी द्वारा बनाए गए मिनी ताजमहल ने गांव को पहचान दिलाई है। यदि यह पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होता है तो गांव के साथ क्षेत्र की पहचान भी दूर-दूर तक बढ़ेगी। गांव के लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। - माया देवी, ग्राम प्रधान, पला कसेर।
क्षेत्र की पहचान कर्णवास और नरौरा से भी है लेकिन पला कसेर में बने मिनी ताजमहल ने देश-विदेश में भी पहचान दिलाई है। जिला प्रशासन इसे पर्यटन स्थल में विकसित करता है तो यह क्षेत्र के लिए बड़ी खुशी की बात होगी। - ओमवीर सिंह, ग्राम प्रधान, राजघाट।
गांव पला कसेर में बने मिनी ताजमहल पर्यटन स्थल बनने से रोजगार मिलने के साथ आने-जाने के संसाधन बढ़ेंगे। क्षेत्र का विकास होगा और फैजुल हसन कादरी का अधूरा सपना भी पूरा हो जाएगा। - जितेंद्र कुमार, ग्राम प्रधान, औरंगाबाद कसेर।
मिनी ताजमहल बनने से विदेशी लोग भी आते रहते हैं। तमाम देश-विदेशी मीडिया ने भी इसे खासी पहचान दिलाई। कादरी की ओर से दान में दी गई जमीन पर बालिका इंटर कॉलेज बना है। प्रशासन की इस पहल से निश्चित ही क्षेत्र का विकास होगा। - जमील अख्तर, व्यापारी, गांव कसेर कला।
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बुलंदशहर। डिबाई क्षेत्र के गांव पला कसेर में बना मिनी ताजमहल पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। सीडीओ इसके लिए प्रस्ताव तैयार कराएंगे। इसके लिए डीपीआरओ को निर्देश दिए गए हैं।
गांव पला कसेर निवासी फैजुल हसन कादरी ने वर्ष 2012 में मिनी ताजमहल का निर्माण अपनी पत्नी तजमुल्ली की याद में शुरू करवाया था। इसका निर्माण शुरू होते ही इसकी चर्चा देश-विदेश में होने लगी थी। इसे देखने के लिए विदेशी भी पहुंचने लगे थे। इसके निर्माण के साथ ही कादरी ने मिनी ताजमहल के पास ही राजकीय बालिका इंटर कॉलेज बनाने के लिए अपनी जमीन दान दी थी। इस जमीन पर सपा सरकार ने कॉलेज बनवाने को स्वीकृति दी थी, जो अब बनकर तैयार है और उसके संचालन की तैयारी चल रही है। कादरी का यह सपना था कि मिनी ताजमहल ऐसा बनाया जाए कि उनकी साथ उनकी पत्नी का नाम भी अमर रहे। वर्ष 2018 में कादरी की एक सड़क हादसे में मौत हो गई और उनका सपना अधूरा रह गया। उनके द्वारा बनाए गए मिनी ताजमहल की देखरेख भी नहीं की जा रही है। ऐसे में अब सीडीओ ने इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है। सीडीओ के अनुसार इस कार्य के लिए जल्द ही प्रस्ताव तैयार कर आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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मिनी ताजमहल में है फैजुल और तजमुल्ली की कब्र
डाक विभाग में कार्यरत फैजुल हसन कादरी ने मिनी ताज महल उसी स्थान पर बनाया था, जहां उनकी बेगम तजमुल्ली को दफनाया गया था। यहां पर कुछ जमीन कादरी ने अपनी कब्र के लिए भी छोड़ दी थी। उनकी इच्छा थी कि इंतकाल के बाद उनकी कब्र भी उनकी बेगम के साथ बने। उनकी इस इच्छा को उनके परिवार से जुड़े लोगों ने पूरा किया था।
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फैजुल हसन द्वारा बनाए गए मिनी ताजमहल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की पहल की जा रही है। इसके सुंदरीकरण के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। हालांकि इसकी पहचान पहले से ही काफी है, लेकिन पर्यटन स्थल बनने पर इसकी ख्याति और बढ़ जाएगी। साथ ही कादरी का अधूरा सपना भी पूरा हो जाएगा। - अभिषेक पांडेय, मुख्य विकास अधिकारी।
बोले क्षेत्रवासी
फैजुल हसन कादरी द्वारा बनाए गए मिनी ताजमहल ने गांव को पहचान दिलाई है। यदि यह पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होता है तो गांव के साथ क्षेत्र की पहचान भी दूर-दूर तक बढ़ेगी। गांव के लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। - माया देवी, ग्राम प्रधान, पला कसेर।
क्षेत्र की पहचान कर्णवास और नरौरा से भी है लेकिन पला कसेर में बने मिनी ताजमहल ने देश-विदेश में भी पहचान दिलाई है। जिला प्रशासन इसे पर्यटन स्थल में विकसित करता है तो यह क्षेत्र के लिए बड़ी खुशी की बात होगी। - ओमवीर सिंह, ग्राम प्रधान, राजघाट।
गांव पला कसेर में बने मिनी ताजमहल पर्यटन स्थल बनने से रोजगार मिलने के साथ आने-जाने के संसाधन बढ़ेंगे। क्षेत्र का विकास होगा और फैजुल हसन कादरी का अधूरा सपना भी पूरा हो जाएगा। - जितेंद्र कुमार, ग्राम प्रधान, औरंगाबाद कसेर।
मिनी ताजमहल बनने से विदेशी लोग भी आते रहते हैं। तमाम देश-विदेशी मीडिया ने भी इसे खासी पहचान दिलाई। कादरी की ओर से दान में दी गई जमीन पर बालिका इंटर कॉलेज बना है। प्रशासन की इस पहल से निश्चित ही क्षेत्र का विकास होगा। - जमील अख्तर, व्यापारी, गांव कसेर कला।