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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   Meters of five lakh consumers of electricity will be examined

Bulandshahar News: बिजली के पांच लाख उपभोक्ताओं के मीटर की होगी जांच

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 24 Aug 2023 10:32 PM IST
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बुलंदशहर। मीटर रीडर और उपभोक्ताओं की मिलीभगत से ऊर्जा निगम को नुकसान न हो, इसके लिए जिले में उपभोक्ताओं के मीटरों की रैंडम जांच की जाएगी। जिले के पांच लाख उपभोक्ताओं के मीटर की जांच के लिए अधिकारियों ने बिजलीघर पर तैनात कर्मचारियों की टीम बनाई है। गठित टीम विभिन्न क्षेत्रों में जाकर रैंडम तौर पर उपभोक्ताओं के मीटर की जांच करेगी।
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पिछले छह महीने में जिले के विभिन्न क्षेत्रों के 10 हजार से अधिक उपभोक्ताओं के यहां से बदले गए मीटरों की प्रयोगशाला में जांच की गई। जांच के दौरान सामने आया कि मीटर में काफी संख्या में रीडिंग स्टोर हैं। इसके अलावा काफी संख्या में उपभोक्ताओं ने ऊर्जा निगम के अधिकारियों को शिकायत देकर बताया कि मीटर रीडर उनके क्षेत्र में रीडिंग लेने नहीं आते हैं और मनमाने तरीके से बिजली के बिल बना देते हैं। इससे बिल में दर्ज रीडिंग और मीटर में दर्ज रीडिंग में अंतर आता है। प्रयोगशाला में हुई जांच की रिपोर्ट और उपभोक्ताओं की शिकायतों के आधार पर ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने योजनाबद्ध तरीके से इसका समाधान करने के लिए टीम गठित की है। अधिकारियों का मानना है कि कुछ स्थानों पर मीटर रीडर उपभोक्ताओं की मिलीभगत से मीटर में अंकित रीडिंग के सापेक्ष कम रीडिंग का बिल बना देते हैं। इससे न केवल ऊर्जा निगम को नुकसान हो रहा है, बल्कि उपभोक्ताओं के मीटर में भी रीडिंग स्टोर हो जाती हैं। बाद में इन मीटर को खराब कर मीटर बदलने के लिए प्रार्थना पत्र अधिकारियों को दे दिया जाता है। जब ऐसे मीटर की प्रयोगशाला में जांच की जाती है तो इनमें रीडिंग स्टोर पाई जाती हैं, और उपभोक्ताओं से रिकवरी के लिए नोटिस जारी किया जाता है।
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2018 के बाद से कम हुए रीडिंग स्टोर के मामले
2018 के दौरान कई क्षेत्रों में मीटर में रीडिंग स्टोर करने के बाद उनमें आग लगाने का मामला सामने आया था। मामले में ऊर्जा निगम के कर्मचारियों की ऑडियो भी वायरल हुई थी। वायरल ऑडियों वह उपभोक्ता को स्टोर रीडिंग के जुर्माने से बचाने का तरीका बता रहे थे। इसके बाद मीटर की रीडिंग लेने के लिए सिस्टम को ऑनलाइन कर दिया गया लेकिन, इसके बाद भी कुछ स्थानों पर फर्जीवाड़ा किया जा रहा था। अधिकारियों का कहना है कि पिछले पांच सालों में रीडिंग स्टोर के मामले 80 फीसदी कम हुए हैं लेकिन, अब रीडिंग स्टोर के मामलों को पूरी तरह से खत्म करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
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शहरी क्षेत्रों में उपभोक्ताओं के मीटर की होगी जांच
जिले के विभिन्न शहरी क्षेत्रों में बिजली उपभोक्ताओं के मीटर की रैंडम जांच कराने के लिए ऊर्जा निगम के अधिकारियों ने 70 से अधिक टीमों का गठन किया है। गठित टीम उपभोक्ताओं के मीटर की जांच कर यह तय करेगी कि पिछले बिल की तुलना में वर्तमान में कितनी रीडिंग अधिक दर्ज हैं। यदि मीटर की रीडिंग और पिछले बिल की रीडिंग में बड़ा अंतर होगा है तो न केवल उपभोक्ता बल्कि मीटर रीडर के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।



लाइन लॉस कम करने के लिए लगातार कदम उठाया जा रहा है। बिजली चोरी रोकने के साथ ही मीटरों में रीडिंग स्टोर करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जानी है। इसी के तहत मीटरों की रैंडम जांच कराई जा रही है कि कहीं उपभोक्ताओं के मीटरों में रीडिंग स्टोर तो नहीं हैं। यदि उपभोक्ताओं के मीटर में रीडिंग स्टोर पाई जाती है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - वीके मिश्रा, चीफ इंजीनियर, ऊर्जा निगम
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