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अगले सत्र से एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू करने की तैयारी
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अगले सत्र से एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू करने की तैयारी
बुलंदशहर। मेडिकल कॉलेज में प्रवेश की तैयारी की राह देख रहे छात्रों के लिए अच्छी खबर है। जिले में बन रहे मेडिकल कॉलेज में नए शिक्षण सत्र से एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू करने को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। पूर्व में मेरठ मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य द्वारा 100 सीट के लिए पत्र भेजकर अनुमति मांगी गई थी। पत्र को संज्ञान में लेकर बीते दिन नेशनल मेडिकल काउंसिल की टीम ने सत्र शुरू करने को लेकर सर्वे किया। जल्द रिपोर्ट मिलने की उम्मीद है।
जिले की अनुमानित आबादी 40 लाख से अधिक होने पर प्रदेश सरकार ने मेडिकल कॉलेज की सौगात दी थी। ताकि सभी को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। शासन की घोषणा के बाद जिले में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं को बढ़ाने के लिए जिला मुख्यालय पर निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज के भवन का काम तेजी से हो रहा है। मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य शुरू होने पर जिले में मेरठ मेडिकल कॉलेज के डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार को नोडल प्राचार्य बनाया गया था। उन्होंने प्रदेश सरकार को आगामी सत्र 2022-23 के लिए शैक्षिक सत्र शुरू करने के लिए पत्र भेजा
तीन वर्ष के लिए मांगी अनुमति
नोडल प्राचार्य द्वारा भेजे गए पत्र के अनुसार मेडिकल कॉलेज निर्माण के चलते 2022-23 से शैक्षिक सत्र शुरू करने को लेकर तीन वर्ष के लिए अनुमति मांगी गई। प्राचार्य ने बताया कि जिला अस्पताल वर्ष 1926 में स्थापित हुआ। वर्तमान में जिला अस्पताल में 177 बेड और जिला महिला अस्पताल में 50 बेड की सुविधा है। मेडिकल कॉलेज के शैक्षिक सत्र के लिए 330 बेड की जरूरत पड़ेगी। हालांकि शुरुआती दो वर्ष में लैब और लेक्चर थियेटर की आवश्यकता पड़ेगी। इसके लिए संबंधित भवन के निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है।
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पहले साल थ्योरी और लैब पड़ेगी जरूरत
प्रभारी सीएमएस डॉ. एमपी सिंह ने बताया कि दो दिन पूर्व नेशनल मेडिकल काउंसिल की टीम ने मेडिकल कॉलेज को लेकर चल रहे निर्माण कार्य के लिए निरीक्षण किया। इस दौरान छात्रावास, लेक्चर थियेटर और लैब आदि समेत अन्य निर्माण कार्य को भी देखा। साथ ही जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल के समस्त स्टाफ व अन्य जानकारियां हासिल की। बताया कि पहले साल लेक्चर थियेटर और लैब की आवश्यकता पड़ेगी। इसके लिए एनाटॉमी, फिजियोलॉजी और बायोकेमिस्ट्री लैब की जरूरत पड़ेगी। साथ ही छात्रों के रहने के लिए छात्रावास की आवश्यकता पड़ेगी। इसके अलावा टीचिंग फेसिलिटी भी होनी चाहिए।
जिला अस्पताल परिसर और तहसील के पास चल रहा मेडिकल कॉलेज का निर्माण
मेडिकल कॉलेज के लिए पिछले काफी समय से जिला अस्पताल परिसर और सदर तहसील के पास निर्माण कार्य चल रहा है। समय-समय पर उच्च अफसरों द्वारा निरीक्षण किया जा रहा है। साथ ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता जांचने के लिए भी टीम समय-समय पर आ रही है। अब जिला अस्पताल परिसर में छात्रावास के लिए निर्माण कार्य चल रहा है। गुणवत्ता की जांच के लिए भी जल्द टीम आ सकती है।
वर्ष 2022-23, 2023-24 और 2024-25 के लिए शिक्षण सत्र शुरू करने की तैयारी की जा रही है। जिले में मेडिकल कॉलेज के शिक्षण सत्र को लेकर सुविधाएं हैं या नहीं, इसको लेकर सर्वे किया गया। अगस्त-सितंबर तक संबंधित भवन तैयार करके देने होंगे। नेशनल मेडिकल काउंसिल की रिपोर्ट मिलने पर शिक्षण सत्र शुरू हो जाएगा। - डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ
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बुलंदशहर। मेडिकल कॉलेज में प्रवेश की तैयारी की राह देख रहे छात्रों के लिए अच्छी खबर है। जिले में बन रहे मेडिकल कॉलेज में नए शिक्षण सत्र से एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू करने को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। पूर्व में मेरठ मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य द्वारा 100 सीट के लिए पत्र भेजकर अनुमति मांगी गई थी। पत्र को संज्ञान में लेकर बीते दिन नेशनल मेडिकल काउंसिल की टीम ने सत्र शुरू करने को लेकर सर्वे किया। जल्द रिपोर्ट मिलने की उम्मीद है।
जिले की अनुमानित आबादी 40 लाख से अधिक होने पर प्रदेश सरकार ने मेडिकल कॉलेज की सौगात दी थी। ताकि सभी को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। शासन की घोषणा के बाद जिले में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं को बढ़ाने के लिए जिला मुख्यालय पर निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज के भवन का काम तेजी से हो रहा है। मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य शुरू होने पर जिले में मेरठ मेडिकल कॉलेज के डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार को नोडल प्राचार्य बनाया गया था। उन्होंने प्रदेश सरकार को आगामी सत्र 2022-23 के लिए शैक्षिक सत्र शुरू करने के लिए पत्र भेजा
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तीन वर्ष के लिए मांगी अनुमति
नोडल प्राचार्य द्वारा भेजे गए पत्र के अनुसार मेडिकल कॉलेज निर्माण के चलते 2022-23 से शैक्षिक सत्र शुरू करने को लेकर तीन वर्ष के लिए अनुमति मांगी गई। प्राचार्य ने बताया कि जिला अस्पताल वर्ष 1926 में स्थापित हुआ। वर्तमान में जिला अस्पताल में 177 बेड और जिला महिला अस्पताल में 50 बेड की सुविधा है। मेडिकल कॉलेज के शैक्षिक सत्र के लिए 330 बेड की जरूरत पड़ेगी। हालांकि शुरुआती दो वर्ष में लैब और लेक्चर थियेटर की आवश्यकता पड़ेगी। इसके लिए संबंधित भवन के निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है।
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पहले साल थ्योरी और लैब पड़ेगी जरूरत
प्रभारी सीएमएस डॉ. एमपी सिंह ने बताया कि दो दिन पूर्व नेशनल मेडिकल काउंसिल की टीम ने मेडिकल कॉलेज को लेकर चल रहे निर्माण कार्य के लिए निरीक्षण किया। इस दौरान छात्रावास, लेक्चर थियेटर और लैब आदि समेत अन्य निर्माण कार्य को भी देखा। साथ ही जिला अस्पताल और जिला महिला अस्पताल के समस्त स्टाफ व अन्य जानकारियां हासिल की। बताया कि पहले साल लेक्चर थियेटर और लैब की आवश्यकता पड़ेगी। इसके लिए एनाटॉमी, फिजियोलॉजी और बायोकेमिस्ट्री लैब की जरूरत पड़ेगी। साथ ही छात्रों के रहने के लिए छात्रावास की आवश्यकता पड़ेगी। इसके अलावा टीचिंग फेसिलिटी भी होनी चाहिए।
जिला अस्पताल परिसर और तहसील के पास चल रहा मेडिकल कॉलेज का निर्माण
मेडिकल कॉलेज के लिए पिछले काफी समय से जिला अस्पताल परिसर और सदर तहसील के पास निर्माण कार्य चल रहा है। समय-समय पर उच्च अफसरों द्वारा निरीक्षण किया जा रहा है। साथ ही निर्माण कार्य की गुणवत्ता जांचने के लिए भी टीम समय-समय पर आ रही है। अब जिला अस्पताल परिसर में छात्रावास के लिए निर्माण कार्य चल रहा है। गुणवत्ता की जांच के लिए भी जल्द टीम आ सकती है।
वर्ष 2022-23, 2023-24 और 2024-25 के लिए शिक्षण सत्र शुरू करने की तैयारी की जा रही है। जिले में मेडिकल कॉलेज के शिक्षण सत्र को लेकर सुविधाएं हैं या नहीं, इसको लेकर सर्वे किया गया। अगस्त-सितंबर तक संबंधित भवन तैयार करके देने होंगे। नेशनल मेडिकल काउंसिल की रिपोर्ट मिलने पर शिक्षण सत्र शुरू हो जाएगा। - डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ