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विवाह योजना बंद होने से 810 लोगों को मिली निराशा

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Fri, 02 Sep 2022 10:33 PM IST
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marrige scheme
विवाह योजना बंद होने से 810 लोगों को मिली निराशा
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बुलंदशहर। शासन की ओर से व्यक्तिगत शादी-विवाह योजना बंद किए जाने से गरीबों को झटका लगा है। बेटियों की शादी में मदद के लिए आवेदन करने वाले जिले के 810 गरीबों के हाथ निराशा लगी है। ऐसे में उनके सामने एकाएक आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। चालू वित्तीय वर्ष में शासन ने गरीबों की बेटियों की शादी के लिए संचालित व्यक्तिगत शादी-विवाह योजना के लिए बजट का आवंटन कर दिया था। इसके तहत अनुसूचित जाति व सामान्य वर्ग के बेटियों की शादी के लिए समाज कल्याण विभाग, पिछड़ी जाति की बेटियों की शादी के लिए पिछड़ा वर्ग और मुस्लिम वर्ग के लिए अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को बजट आवंटित किया गया था। अधिकारियों के मुताबिक तीनों विभागों में बेटियों की शादी के लिए 810 आवेदन ऑनलाइन आए थे। इनमें समाज कल्याण विभाग के 355, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के 245 और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के 110 आवदेन शामिल हैं। इसके तहत गरीबों को बेटी की शादी के लिए 20 हजार रुपये मिलने थे। आवेदन आने के बाद विभागीय अधिकारियों ने पात्रता की जांच भी शुरू करा दी थी। काफी आवेदन जांच के लिए ब्लॉकों को भेजे गए थे। इस बीच शासन ने अचानक तीनों विभागों के लिए जारी बजट को वापस ले लिया। बजट वापस लिए जाने से ही योजना के बंद होने के आसार जताए जाने लगे थे। कुछ दिन पहले शासन ने तीनों विभागों से ऑनलाइन पोर्टल को ही हटा लिया। पोर्टल को हटाकर योजना बंद कर दी। जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी विनीत कुमार तिवारी ने बताया कि विभाग से ऑनलाइन आवेदन का पोर्टल हट गया है। तीनों विभागों में संचालित यह योजना लगभग अब बंद हो चुकी है। पोर्टल हटने से यह साफ हो गया है कि यह योजना अब बंद हो चुकी है।
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