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पुलिस ने बेटे को हिरासत में लिया, सदमे में पिता की जान गई
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पुलिस ने बेटे को हिरासत में लिया, सदमे में पिता की जान गई
शिकारपुर। नगर के मोहल्ला बड़ा कोट निवासी योगेंद्र सिंह की शुक्रवार को हार्टअटैक से मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि बेटे को हिरासत में लेकर प्रताड़ित करने से वह सदमे में थे। शिकारपुर थाने में पुलिस ने उनके साथ भी अभद्रता की थी। पैसे लेने के बाद देर रात बेटे को छोड़ा गया था।
योगेंद्र की पत्नी रेनू देवी ने शुक्रवार शाम को थाने पर तहरीर देकर बताया कि बृहस्पतिवार को पड़ोस में रहने वाले एक युवक ने उनके 15 वर्षीय पुत्र की पिटाई कर दी थी। इसके बाद थाने में उनके बेटे के खिलाफ तहरीर भी दे थी। जिस पर थाना पुलिस बिना जांच किए ही बेटे को उठाकर ले गई। पुत्र की बुरी तरह से पीटकर हवालात में बंद कर दिया। शाम को उनके पति योगेंद्र सिंह नगर के कुछ संभ्रांत लोगों को लेकर थाने पहुंचे और पुत्र को छोड़ने की मांग की। आरोप है कि उसी दौरान पुलिस ने योगेंद्र के साथ भी गाली-गलौज की। देर रात करीब 11 बजे पांच हजार रुपये लेकर बेटे को पुलिस छोड़ा।
रेनू देवी ने बताया कि बेटे को हिरासत में लेने और पुलिस की बदसुलूकी से उनके पति योगेंद्र सदमे में थे। शुक्रवार दोपहर हृदयगति रुकने से उनकी मौत हो गई। उन्होंने अधिकारियों से आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। हालांकि बिना पोस्टमार्टम कराए ही योगेंद्र सिंह अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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हलवाई ठेकेदार था मृतक
योगेंद्र सिंह हलवाई ठेकेदार था। विवाह व अन्य समारोह में ठेके पर काम लेता था। जिससे उसका व परिवार का भरण पोषण होता था। योगेंद्र की मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है।
निष्पक्ष जांच होगी
सीओ शिकारपुर अन्विता उपाध्याय ने बताया कि बृहस्पतिवार को झगड़े की सूचना पर योगेंद्र के पुत्र को पुलिस लेकर आई थी। देर रात दोनों पक्षों में फैसला हो गया और उन्हें घर भेज दिया गया था। पुलिस पर जो भी आरोप लगाए गए हैं, उनकी जांच की जा रही है। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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शिकारपुर। नगर के मोहल्ला बड़ा कोट निवासी योगेंद्र सिंह की शुक्रवार को हार्टअटैक से मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि बेटे को हिरासत में लेकर प्रताड़ित करने से वह सदमे में थे। शिकारपुर थाने में पुलिस ने उनके साथ भी अभद्रता की थी। पैसे लेने के बाद देर रात बेटे को छोड़ा गया था।
योगेंद्र की पत्नी रेनू देवी ने शुक्रवार शाम को थाने पर तहरीर देकर बताया कि बृहस्पतिवार को पड़ोस में रहने वाले एक युवक ने उनके 15 वर्षीय पुत्र की पिटाई कर दी थी। इसके बाद थाने में उनके बेटे के खिलाफ तहरीर भी दे थी। जिस पर थाना पुलिस बिना जांच किए ही बेटे को उठाकर ले गई। पुत्र की बुरी तरह से पीटकर हवालात में बंद कर दिया। शाम को उनके पति योगेंद्र सिंह नगर के कुछ संभ्रांत लोगों को लेकर थाने पहुंचे और पुत्र को छोड़ने की मांग की। आरोप है कि उसी दौरान पुलिस ने योगेंद्र के साथ भी गाली-गलौज की। देर रात करीब 11 बजे पांच हजार रुपये लेकर बेटे को पुलिस छोड़ा।
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रेनू देवी ने बताया कि बेटे को हिरासत में लेने और पुलिस की बदसुलूकी से उनके पति योगेंद्र सदमे में थे। शुक्रवार दोपहर हृदयगति रुकने से उनकी मौत हो गई। उन्होंने अधिकारियों से आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। हालांकि बिना पोस्टमार्टम कराए ही योगेंद्र सिंह अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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हलवाई ठेकेदार था मृतक
योगेंद्र सिंह हलवाई ठेकेदार था। विवाह व अन्य समारोह में ठेके पर काम लेता था। जिससे उसका व परिवार का भरण पोषण होता था। योगेंद्र की मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है।
निष्पक्ष जांच होगी
सीओ शिकारपुर अन्विता उपाध्याय ने बताया कि बृहस्पतिवार को झगड़े की सूचना पर योगेंद्र के पुत्र को पुलिस लेकर आई थी। देर रात दोनों पक्षों में फैसला हो गया और उन्हें घर भेज दिया गया था। पुलिस पर जो भी आरोप लगाए गए हैं, उनकी जांच की जा रही है। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।