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नोटबंदी के खिलाफ सड़क पर उतरे वामपंथी दल

Fri, 30 Dec 2016 11:36 PM IST
Updated Fri, 30 Dec 2016 11:36 PM IST
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Left out on the road against cashless
स्याना में प्रदर्शन के दौरान लोगों को संबोधित करते डीपी सिंह। - फोटो : ब्यूरो

नोटबंदी के खिलाफ वामपंथी पार्टियों के बैनर तले स्याना में जुलूस निकाला गया। बाद में स्याना तहसील मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन करते हुए एसडीएम को ज्ञापन भी दिया गया।

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तहसील मुख्यालय पर हुई सभा को संबोधित करते हुए किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष कामरेड डीपी सिंह ने कहा कि नोट बंदी करके केन्द्र सरकार ने देश की जनता के साथ धोखाधड़ी की है।  
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माकपा के जिला सचिव चन्द्रपाल सिंह ने गन्ना उत्पादक किसानों के भुगतान की मांग की। साथ ही  किसानों के बैंकों से पैसा निकालने पर पाबंदी को समाप्त करने, विदेशों में कालाधन जमा करने वाले लोगों के नाम उजागर करने सहित खेतिहर मजदूर व किसानों के कर्जे माफ करने की मांग भी की गई।
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प्रदर्शन के बाद एसडीएम हिमांशु कुमार गुप्ता को ज्ञापन भी दिया गया। कामरेड बाबा सगर सिंह, योगेश त्यागी, समर सिंह, चन्द्रभान शर्मा, डा. इरशाद खां, नरेश शर्मा, हरवीर सिंह, फतह सिंह, मोती सिंह आदि मौजूद रहे।

किसानों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा
नोटबंदी के खिलाफ भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी(मार्क्सवादी) व किसान सभा के बैनर तले क्षेत्र के लोगों ने तहसील में प्रदर्शन किया और राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। जिलाध्यक्ष जयभगवान शर्मा ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा की गई नोटबंदी से गरीब परेशान है।

कहा कि बैकों में निकासी के लिये पर्याप्त धन महैया कराया जाए। बाद में किसानों ने राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन एसडीएम उमाशंकर को सौंपा गया।

‘नोटबंदी से देश में आपातकाल की स्थिति’
नोटबंदी के विरोध में शुक्रवार को मार्क्सवादी कम्यूनिष्ट पार्टी की विंग किसान सभा, जनवादी नौजवान सभा ने तहसील में प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने एसडीएम को भी एक ज्ञापन सौंपा। किसान सभा के संयुक्त मंत्री कामरेड अशोक सिरोही ने बताया कि नोटबंदी के विरोध में 11 दिसंबर से 27 दिसंबर तक गांव में सभाएं आयोजित की गई।

उन्होंने कहा कि नोटबंदी से देश में आपातकाल की स्थिति पैदा हो गई। व्यापार ठप होने से देश के लाखों लोग बेरोजगार हो गए हैं। सौ से अधिक लोगों की मृत्यु हो चुकी है। नौजवान सभा के जिला सचिव कामरेट अब्दुल हक ने कहा कि नोटबंदी से देश का किसान तबाह हो गया है। प्


रदर्शनकारियों ने एसडीम कन्हई सिंह को सौंपे ज्ञापन के माध्यम से बैंकों में मुद्रा की आपूर्ति को सुनिश्चित, कालाधन रखने वाले लोगों के नाम सार्वजनिक करने आदि की मांग की। प्रदर्शन के दौरान मेघराज सिंह, ओमप्रकाश शर्मा, कुशलपाल सिंह, महेंद्र सिंह, जयपाल सिंह, कृष्ण शर्मा, आसमोहम्मद, विपिन, प्रमोद कुमार, ज्ञानबाबा, वेदवीर सिंह आदि मौजूद रहे।

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