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Bulandshahar News: कुड़वल गेट से 30 मीटर पहले ही मौत ने दे दी दस्तक
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बुलंदशहर। हे भगवान... ये क्या कर दिया। कुछ ही मिनट में सभी सकुशल घर पहुंचने वाले थे लेकिन घर से कुछ मीटर पहले ही मौत ने दस्तक दे दी। काश... थोड़ी देर बाद वो कैंटर गुजरता तो शायद घर की तीनों महिलाएं जिंदा होतीं। कुड़वल बनारस गांव में हादसे के बाद शुक्रवार को परिजन बार-बार यही कहकर बिलख रहे थे। घटनास्थल से 30 मीटर की दूरी पर ही गांव का वह मुख्य द्वार है, जहां से टेंपो सवारों को गांव के अंदर मुड़ना था। यहां से बमुश्किल कुछ मिनटों में वह अपने घर पहुंच जातीं।
देहात कोतवाली क्षेत्र के गांव कुड़वल बनारस के बाहर मुख्य मार्ग पर बृहस्पतिवार देर शाम को सड़क हादसे में जान गंवाने वाली तीनों महिलाएं एक ही परिवार की सदस्या थीं। सबसे बड़ी 70 वर्षीय गंगावती थीं। वह अपनी देवरानी 56 वर्षीय राजेंद्री, भतीजी बहु (गंगावती के दूसरे देवर की पुत्रवधू) 36 वर्षीय राधा व अन्य पारिवारिक महिलाओं के साथ गांव मचकौली स्थित रिश्तेदारी में आयोजित मेहंदी रस्म में शामिल होने के लिए गई थीं। लौटते समय गांव के बाहर ही कैंटर ने उनके टेंपो को रौंद दिया था। जिसमें गंगावती, राजेंद्री और राधा की जान चली गई।
गमगीन माहौल में हुआ तीनों महिलाओं का अंतिम संस्कार
मृतका गंगावती, देवरानी राजेंद्री और भतीजी बहु राधा का शव देर रात पोस्टमार्टम के बाद गांव लाया गया। तीनों के शव गांव में बने बरात घर में रखे गए थे। शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे तीनों की अर्थियां एक साथ श्मशान के लिए निकलीं। जिन्हें देख कर हर किसी की आंख नम हो उठी। इस दौरान उनके रिश्तेदार, ग्रामीण व आस पास के ग्रामीण भी मौजूद थे। दोपहर करीब 12 बजे तीनों महिलाओं का एक साथ ही उनके परिजनों ने अंतिम संस्कार किया। इस दौरान गांव पुलिस बल भी तैनात रहा। हालांकि, मामले में शुक्रवार शाम तक तहरीर न मिल पाने के कारण रिपोर्ट दर्ज नहीं की जा सकी है।
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गंभीर घायल चार महिलाओं और चालक का चल रहा उपचार
हादसे में टेंपो सवार गंगावती के परिवार की ही महेंद्री, बबीता, ममता और भारती गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। इनके अलावा टेंपो चालक टीकम भी गंभीर रूप से घायल हुआ था। जिनको उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया। टीकम को प्रारंभिक उपचार के बाद हायर मेडिकल सेंटर रेफर कर दिया गया है। जबकि, अन्य महिलाओं का उपचार अभी चल रहा है। ग्रामीण व परिजन सभी के जल्द ही स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।
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देहात कोतवाली क्षेत्र के गांव कुड़वल बनारस के बाहर मुख्य मार्ग पर बृहस्पतिवार देर शाम को सड़क हादसे में जान गंवाने वाली तीनों महिलाएं एक ही परिवार की सदस्या थीं। सबसे बड़ी 70 वर्षीय गंगावती थीं। वह अपनी देवरानी 56 वर्षीय राजेंद्री, भतीजी बहु (गंगावती के दूसरे देवर की पुत्रवधू) 36 वर्षीय राधा व अन्य पारिवारिक महिलाओं के साथ गांव मचकौली स्थित रिश्तेदारी में आयोजित मेहंदी रस्म में शामिल होने के लिए गई थीं। लौटते समय गांव के बाहर ही कैंटर ने उनके टेंपो को रौंद दिया था। जिसमें गंगावती, राजेंद्री और राधा की जान चली गई।
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गमगीन माहौल में हुआ तीनों महिलाओं का अंतिम संस्कार
मृतका गंगावती, देवरानी राजेंद्री और भतीजी बहु राधा का शव देर रात पोस्टमार्टम के बाद गांव लाया गया। तीनों के शव गांव में बने बरात घर में रखे गए थे। शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे तीनों की अर्थियां एक साथ श्मशान के लिए निकलीं। जिन्हें देख कर हर किसी की आंख नम हो उठी। इस दौरान उनके रिश्तेदार, ग्रामीण व आस पास के ग्रामीण भी मौजूद थे। दोपहर करीब 12 बजे तीनों महिलाओं का एक साथ ही उनके परिजनों ने अंतिम संस्कार किया। इस दौरान गांव पुलिस बल भी तैनात रहा। हालांकि, मामले में शुक्रवार शाम तक तहरीर न मिल पाने के कारण रिपोर्ट दर्ज नहीं की जा सकी है।
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गंभीर घायल चार महिलाओं और चालक का चल रहा उपचार
हादसे में टेंपो सवार गंगावती के परिवार की ही महेंद्री, बबीता, ममता और भारती गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। इनके अलावा टेंपो चालक टीकम भी गंभीर रूप से घायल हुआ था। जिनको उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया। टीकम को प्रारंभिक उपचार के बाद हायर मेडिकल सेंटर रेफर कर दिया गया है। जबकि, अन्य महिलाओं का उपचार अभी चल रहा है। ग्रामीण व परिजन सभी के जल्द ही स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।