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जिले का 17वां ब्लॉक बना ककोड़, 45 गांव शामिल
अमर उजाला ब्यूरो, बुलंदशहर
Updated Thu, 22 Dec 2016 01:29 AM IST
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भूड़ चौराहे का एक दृश्य।
- फोटो : ब्यूरो
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नगर पंचायत ककोड़ बुधवार को बुलंदशहर का 17वां विकास खंड (ब्लॉक) बन गया। ब्लॉक की सीमा 45 गांवों की सीमा तक निहीत रहेगी। वहीं, शासन की सौगात से करीब डेढ़ लाख लोगों को सिकंदराबाद ब्लॉक की दौड़ लगाने से निजात मिल जाएगी।
वित्त वर्ष 2013-14 में शासन के पास ककोड़ को ब्लॉक बनाने का प्रस्ताव जिला प्रशासन ने भेजा था। प्रस्ताव को वर्ष-2016 की शुरुआत में स्वीकृति प्रदान कर दी गई थी। हालांकि विधानसभा चुनाव-2017 को देखते हुए इसकी विधिवत घोषणा मंगलवार को की गई।
स्वीकृति मिलने के बाद शासन के आदेश के क्रम में चेयरमैन ककोड़ कुंवर रिजवान ने नगर पंचायत क्षेत्र में विकास खंड का दफ्तर बनाने के लिए जगह मुहैया कराई। वहीं, मंगलवार को शासन ने ककोड़ को ब्लॉक बनाने की घोषणा कर दी।
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नए ब्लॉक में ककोड़, झाझर और सिकंदराबाद क्षेत्र के 45 गांवों को शामिल किया गया है। अब तक ककोड़ सिकंराबाद ब्लाक का हिस्सा था। ककोड़ अब स्वतंत्र रुप से ब्लॉक होगा। हांलाकि विकास खंड ककोड़ तहसील सिकंदराबाद का हिस्सा बना रहेगा।
सिकंदराबाद ब्लाक के 98 गांवों में से 45 ग्राम सभाओं को काटकर ककोड़ में शामिल कर दिया गया है। नए ब्लाक में सिकंदराबाद ब्लाक के 45 गांव शामिल होने से दोनों ब्लाकों के लोगों को फायदा होगा। काम का हिस्सा बंटवारा होने से आम आदमी का समय और धन दोनों ही बचेंगे। अब तक ककोड़ क्षेत्र के ग्रामीणों को शौचालय, पेंशन और आवास का आवेदन करने के लिए सिकंदराबाद जाना पड़ता था।
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वित्त वर्ष 2013-14 में शासन के पास ककोड़ को ब्लॉक बनाने का प्रस्ताव जिला प्रशासन ने भेजा था। प्रस्ताव को वर्ष-2016 की शुरुआत में स्वीकृति प्रदान कर दी गई थी। हालांकि विधानसभा चुनाव-2017 को देखते हुए इसकी विधिवत घोषणा मंगलवार को की गई।
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स्वीकृति मिलने के बाद शासन के आदेश के क्रम में चेयरमैन ककोड़ कुंवर रिजवान ने नगर पंचायत क्षेत्र में विकास खंड का दफ्तर बनाने के लिए जगह मुहैया कराई। वहीं, मंगलवार को शासन ने ककोड़ को ब्लॉक बनाने की घोषणा कर दी।
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नए ब्लॉक में ककोड़, झाझर और सिकंदराबाद क्षेत्र के 45 गांवों को शामिल किया गया है। अब तक ककोड़ सिकंराबाद ब्लाक का हिस्सा था। ककोड़ अब स्वतंत्र रुप से ब्लॉक होगा। हांलाकि विकास खंड ककोड़ तहसील सिकंदराबाद का हिस्सा बना रहेगा।
सिकंदराबाद ब्लाक के 98 गांवों में से 45 ग्राम सभाओं को काटकर ककोड़ में शामिल कर दिया गया है। नए ब्लाक में सिकंदराबाद ब्लाक के 45 गांव शामिल होने से दोनों ब्लाकों के लोगों को फायदा होगा। काम का हिस्सा बंटवारा होने से आम आदमी का समय और धन दोनों ही बचेंगे। अब तक ककोड़ क्षेत्र के ग्रामीणों को शौचालय, पेंशन और आवास का आवेदन करने के लिए सिकंदराबाद जाना पड़ता था।