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Bulandshahar News: बाल अपचारी को ढाई वर्ष सुधारात्मक अवधि की सजा
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बुलंदशहर। अनूपशहर कोतवाली क्षेत्र में छह वर्ष की बालिका के साथ छेड़छाड़ और दुष्कर्म की कोशिश मामले में किशोर न्याय बोर्ड ने बाल अपचारी को दोषी माना है। बोर्ड ने उसे ढाई वर्ष के सुधारात्मक अवधि की सजा और 20 हजार रुपये का अर्थदंड दिया है।
मामले में वर्ष 2019 में अनूपशहर थाने में कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इसमें पीड़ित ने बताया था कि वह और उनकी पत्नी अपनी छह वर्ष की पुत्री को अपनी भाभी के घर छोड़कर खुर्जा में एक शादी समारोह में गए थे। 10 मार्च 2019 की सुबह लगभग 10 बजे उनकी पुत्री घर के बाहर खेल रही थी।
तभी गांव का एक 14 वर्षीय किशोर उनकी पुत्री को बहला-फुसलाकर दस रुपये देकर पड़ोस में रहने वाले एक व्यक्ति के बाथरूम में ले गया और उसके साथ वहां उसने छेड़छाड़ करते हुए दुष्कर्म की कोशिश की।
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उनकी पुत्री ने शोर मचाया तो उनकी भाभी और गांव के अन्य लोग वहां पहुंच गए। लोगों को देख आरोपी भाग गया।
थाने और एसएसपी के पास शिकायत देने पर कार्रवाई नहीं हुई। इसी बीच आरोपी के परिजन रिपोर्ट दर्ज कराने पर उसे डरा-धमका रहे थे।
तब पीड़ित ने कोर्ट की शरण ली। किशोर न्याय बोर्ड के प्रधान मजिस्ट्रेट/अध्यक्ष देवेन्द्र कुमार ने तमाम सबूतों और गवाहों के बयान के आधार पर बाल अपचारी को दोषी करार दिया और सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर अपचारी को दो माह अतिरिक्त सुधारात्मक अवधि में रखा जाएगा।
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मामले में वर्ष 2019 में अनूपशहर थाने में कोर्ट के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इसमें पीड़ित ने बताया था कि वह और उनकी पत्नी अपनी छह वर्ष की पुत्री को अपनी भाभी के घर छोड़कर खुर्जा में एक शादी समारोह में गए थे। 10 मार्च 2019 की सुबह लगभग 10 बजे उनकी पुत्री घर के बाहर खेल रही थी।
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तभी गांव का एक 14 वर्षीय किशोर उनकी पुत्री को बहला-फुसलाकर दस रुपये देकर पड़ोस में रहने वाले एक व्यक्ति के बाथरूम में ले गया और उसके साथ वहां उसने छेड़छाड़ करते हुए दुष्कर्म की कोशिश की।
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उनकी पुत्री ने शोर मचाया तो उनकी भाभी और गांव के अन्य लोग वहां पहुंच गए। लोगों को देख आरोपी भाग गया।
थाने और एसएसपी के पास शिकायत देने पर कार्रवाई नहीं हुई। इसी बीच आरोपी के परिजन रिपोर्ट दर्ज कराने पर उसे डरा-धमका रहे थे।
तब पीड़ित ने कोर्ट की शरण ली। किशोर न्याय बोर्ड के प्रधान मजिस्ट्रेट/अध्यक्ष देवेन्द्र कुमार ने तमाम सबूतों और गवाहों के बयान के आधार पर बाल अपचारी को दोषी करार दिया और सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर अपचारी को दो माह अतिरिक्त सुधारात्मक अवधि में रखा जाएगा।