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Bulandshahar News: फर्जी दस्तावेज के आधार पर हासिल की नौकरी, 97 हजार की ठगी
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अनूपशहर। फर्जी पहचान और कूटरचित दस्तावेज के सहारे माइक्रो फाइनेंस कंपनी में नौकरी हासिल कर महिला समूहों से ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी ने करीब 97,860 रुपये की धोखाधड़ी कर कंपनी के उच्चाधिकारियों को जान से मारने की धमकी भी दी। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मिडलैंड माइक्रोफिनांस लिमिटेड की अनूपशहर शाखा में 5 नवंबर 2025 को नितिन तेवतिया के नाम से एक युवक फील्ड ऑफिसर बना। आरोपी ने 5 नवंबर से 14 नवंबर 2025 के बीच ग्रामीण महिला स्वयं सहायता समूहों से किस्तों के रूप में 97,860 रुपये वसूले। उसने यह राशि कंपनी के खाते में जमा नहीं की और नौकरी छोड़कर फरार हो गया।
कंपनी प्रबंधन को संदेह होने पर दस्तावेज की जांच कराई गई। आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, अंकपत्र और बैंक पासबुक सभी फर्जी पाए गए। पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी का असली नाम मोनू है और वह मेरठ के किशनपुर बिराना का निवासी है। उसने अपने भाई के दस्तावेज का उपयोग कर नौकरी पाई थी।
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कंपनी के शाखा इंचार्ज दानवीर सिंह ने बताया कि 17 नवंबर 2025 को मोनू ने व्हाट्सएप कॉल पर अधिकारियों को गाली गलौज की। उसने कानूनी कार्रवाई करने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी। पुलिस की कार्रवाई न होने पर कंपनी ने न्यायालय में वाद दायर किया था। अदालत के निर्देश पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। क्षेत्राधिकारी अनूपशहर भरत सोनकर ने बताया कि मामले की जांच चल रही है।
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मिडलैंड माइक्रोफिनांस लिमिटेड की अनूपशहर शाखा में 5 नवंबर 2025 को नितिन तेवतिया के नाम से एक युवक फील्ड ऑफिसर बना। आरोपी ने 5 नवंबर से 14 नवंबर 2025 के बीच ग्रामीण महिला स्वयं सहायता समूहों से किस्तों के रूप में 97,860 रुपये वसूले। उसने यह राशि कंपनी के खाते में जमा नहीं की और नौकरी छोड़कर फरार हो गया।
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कंपनी प्रबंधन को संदेह होने पर दस्तावेज की जांच कराई गई। आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, अंकपत्र और बैंक पासबुक सभी फर्जी पाए गए। पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी का असली नाम मोनू है और वह मेरठ के किशनपुर बिराना का निवासी है। उसने अपने भाई के दस्तावेज का उपयोग कर नौकरी पाई थी।
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कंपनी के शाखा इंचार्ज दानवीर सिंह ने बताया कि 17 नवंबर 2025 को मोनू ने व्हाट्सएप कॉल पर अधिकारियों को गाली गलौज की। उसने कानूनी कार्रवाई करने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी। पुलिस की कार्रवाई न होने पर कंपनी ने न्यायालय में वाद दायर किया था। अदालत के निर्देश पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। क्षेत्राधिकारी अनूपशहर भरत सोनकर ने बताया कि मामले की जांच चल रही है।