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ट्रेन में बैग में बंद मिली मासूम

Mon, 01 Feb 2016 11:36 PM IST
अमर उजाला, हापुड़
अमर उजाला, हापुड़ Updated Mon, 01 Feb 2016 11:36 PM IST
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Innocent got off in the train in bag.
दिल्ली से रक्सौल जा रही सद्भावना एक्सप्रेस के एस-4 कोच में सीट के नीचे बैग में दो माह की नवजात बच्ची मिलने पर यात्रियों में हड़कंप मच गया।
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यात्रियों की सूचना पर हापुड़ स्टेशन पर ट्रेन रुकने पर  जीआरपी ने बच्ची को रेलवे डाक्टरों को दिखाया और फिर अस्पताल में भर्ती कराया। जीआरपी पूरे मामले की जांच कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि किसी महिला बच्ची को ट्रेन में छोड़ा है।

सोमवार शाम दिल्ली से रक्सौल जा रही सद्भावना एक्सप्रेस जब डासना रेलवे स्टेशन से निकली तो एस-4 कोच में एक सीट के नीच से बच्ची की रोने की आवाज आई।

इस पर यात्रियों में हड़कंप मच गया। उन्होंने सीट के नीचे देखा तो एक बैग में एक नवजात बच्ची कपड़ों में लिपटी हुई थी। बैग में मासूम के कपड़े भी थे। यात्रियों ने तत्काल इसकी सूचना हापुड़ जीआरपी को दी।
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जैसे ही ट्रेन हापुड़ स्टेशन पर रुकी रेलवे डाक्टरों के साथ जीआरपी के जवान कोच में पहुंचे और बैग समेत बच्ची को नीचे उतारा। स्टेशन पर ही रेलवे के डाक्टरों ने बच्ची का चेकअप करने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया।
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मामले में जीआरपी एसओ सोमवीर सिंह का कहना है कि बच्ची को देखकर यह प्रतीत हो रहा है कि उसे कोई महिला यात्री ट्रेन में छोड़कर गई है। बच्ची के मिलने की सूचना बाल कल्याण समिति को दे दी गई है। पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

कहीं बच्ची का अपहरण तो नहीं
सद्भावना एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में इस तरह बच्ची के मिलने से अपहरण की बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता। हालांकि अभी किसी ने बच्ची के गुम होने की सूचना जीआरपी को नहीं दी है।

यात्रियों का कहना था कि हो सकता है कि बदमाशों ने बच्ची का अपहरण कर उसे नशीला पदार्थ सुंघाकर बैग में बंद कर सीट के नीचे रख दिया हो, ताकि किसी स्टेशन पर चुपचाप बैग को उठाकर बच्ची को अपने साथ ले जा सकें।

इसके बाद वे फिरौती की मांग परिजनों से कर सकें। बता दें कि बच्ची देखने में संपन्न परिवार की लग रही थी।

यात्रियों के निकल आए आंसू
आधुनिक युग में जहां बेटियां चांद पर पहुंच रही हैं, वहीं अभी भी कुछ लोग बेटियों को बोझ मानकर उनका तिरस्कार कर रहे हैं। जब सद्भावना एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में सीट के नीचे बैग में बंद मासूम को यात्रियों ने देखा तो उनकी आंखों से आंसू निकल पड़े।


मासूम ठंड से कांप रही थी। मासूम को देखकर कई लोगों के हाथ उसे गोद लेने के लिए आगे बढ़े। हर यात्री मासूम की मां को कोस रहा था। ट्रेन में बैठे नगर पालिका के मुख्य सफाई निरीक्षक दिलशाद हसन ने बताया कि मासूम बच्ची को देखकर हर यात्री बिलख उठा।
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