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Bulandshahar News: 31 मिनट के भाषण में प्रधानमंत्री ने 15 मिनट किसानों को साधा
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बुलंदशहर। अयोध्या में श्रीराम प्राण प्रतिष्ठा के बाद आयोजित पहली जनसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों को साधने का प्रयास किया। अपने 31 मिनट के भाषण में करीब 15 मिनट तक उनका फोकस किसानों पर ही रहा। केंद्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए उनके फायदे गिनाते रहे। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को भी किसानों से जोड़ते हुए कहा कि अब उपज को एक्सपोर्ट करने में सहूलियत होगी। किसान आसानी से अपनी आय बढ़ा सकेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश को विकसित बनाने के लिए सबसे बड़े राज्य के किसानों को भी आगे बढ़ाना होगा। प्रदेश सरकार की ओर से गन्ना समर्थन मूल्य में 20 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोत्तरी करने की सराहना करते हुए कहा कि अब किसानों को बकाया भुगतान के लिए संघर्ष नहीं करना पड़ता। समय से पहले ही किसानों की उपज की धनराशि सीधे उनके खातों में पहुंचा दी जाती है। पीएम ने कहा कि ऐथनॉल बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इसे सर्वोच्च प्राथमिकता में रखा गया है। इससे किसानों की पराली, फसल अवशेष की खपत होगी और किसानों की आय भी बढ़ेगी। दुनिया में यूरिया के एक बैग की कीमत तीन हजार रुपये तक है, लेकिन सरकार 300 रुपये से भी कम में उपलब्ध करा रही है। फसल बीमा योजना के तहत देश में किसानों को बर्बाद फसलों का 1.5 लाख करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जा चुका है।
डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि यह केवल बुलंदशहर नहीं बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों की आय बढ़ाने में मददगार साबित होगा। उन्होंने कहा कि 2017 के पहले प्रदेश के किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए बेहतर कनेक्टिविटी नहीं मिलती थी। बिजली पर्याप्त न मिलने के कारण अपेक्षित पैदावार भी नहीं हो पाती थी। इससे किसान चाहकर भी अपनी फसल को विदेशों में एक्सपोर्ट नहीं कर पाते थे। अब डेडिकेट फ्रेट कॉरिडोर से न किसानों के साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के उद्योगों को भी संजीवनी मिलेगी।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि देश को विकसित बनाने के लिए सबसे बड़े राज्य के किसानों को भी आगे बढ़ाना होगा। प्रदेश सरकार की ओर से गन्ना समर्थन मूल्य में 20 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोत्तरी करने की सराहना करते हुए कहा कि अब किसानों को बकाया भुगतान के लिए संघर्ष नहीं करना पड़ता। समय से पहले ही किसानों की उपज की धनराशि सीधे उनके खातों में पहुंचा दी जाती है। पीएम ने कहा कि ऐथनॉल बनाने पर जोर दिया जा रहा है। इसे सर्वोच्च प्राथमिकता में रखा गया है। इससे किसानों की पराली, फसल अवशेष की खपत होगी और किसानों की आय भी बढ़ेगी। दुनिया में यूरिया के एक बैग की कीमत तीन हजार रुपये तक है, लेकिन सरकार 300 रुपये से भी कम में उपलब्ध करा रही है। फसल बीमा योजना के तहत देश में किसानों को बर्बाद फसलों का 1.5 लाख करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जा चुका है।
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डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि यह केवल बुलंदशहर नहीं बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों की आय बढ़ाने में मददगार साबित होगा। उन्होंने कहा कि 2017 के पहले प्रदेश के किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए बेहतर कनेक्टिविटी नहीं मिलती थी। बिजली पर्याप्त न मिलने के कारण अपेक्षित पैदावार भी नहीं हो पाती थी। इससे किसान चाहकर भी अपनी फसल को विदेशों में एक्सपोर्ट नहीं कर पाते थे। अब डेडिकेट फ्रेट कॉरिडोर से न किसानों के साथ पश्चिमी उत्तर प्रदेश के उद्योगों को भी संजीवनी मिलेगी।
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