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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   In collusion with the Industries Department, land worth crores was transferred through fake will

Bulandshahar News: उद्योग विभाग से मिलीभगत कर फर्जी वसीयत से हस्तांतरित कर दी करोड़ों की जमीन

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 08 Oct 2024 10:06 PM IST
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बुलंदशहर। फर्जी वसीयत तैयार कर यूपीएसआईडीसी खुर्जा में स्थित एक प्लॉट की लीज चार करोड़ रुपये में दूसरे के नाम हस्तांतरित करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि उद्योग विभाग के एक अधिकारी की मिलीभगत से फर्जीवाड़े को अंजाम दिया गया है। इस सौदे में स्टांप शुल्क की भी चोरी करने का आरोप है। मामले में धोखाधड़ी की शिकायत मिलने के बाद एसएसपी ने एसपी देहात को जांच सौंपी है।
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खुर्जा के नवलपुरा निवासी मीना देवी ने एसएसपी से धोखाधड़ी की शिकायत की है। मीना ने बताया कि उनके ससुर ज्योति प्रसाद गोस्वामी ने खुर्जा औद्योगिक क्षेत्र में यूपीएसआईडीसी से 25 नवंबर 1972 को एक प्लॉट पट्टे पर लिया था। 17 अक्तूबर 1982 को ज्योति प्रसाद की मौत हो गई। इसके बाद उनके बेटे राधेश्याम गोस्वामी, राजकुमार गोस्वामी, रजनीश गोस्वामी और बेटी विचित्रा दीक्षित उस जमीन के वारिस बने। तीनों बेटे राधेश्याम, राजकुमार और रजनीश ने उस प्लॉट पर मिलकर काम शुरू किया।
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वर्ष 1988 में राधेश्याम गोस्वामी व राजकुमार गोस्वामी ने खुर्जा से व्यापार करने के दिल्ली जाने की बात कही। समझौते के तहत छोटे भाई रजनीश से अपने हिस्से की कीमत लेने के बाद दोनों दिल्ली चले गए। रजनीश गोस्वामी ने अकेले ही उस जमीन पर व्यापार चालू रखा। सितंबर 2016 में रजनीश की भी मौत हो गई। इसके उनके बेटे करन गोस्वामी ने उनके व्यापार को संभाला। मीना का आरोप है कि व्यापार ठीक चलने लगा तो राधेश्याम और राजकुमार ने मिलकर एक फर्जी गैर रजिस्टर्ड वसीयत तैयार कराई और जमीन को दूसरे व्यक्ति के नाम पर ट्रांसफर करने का षडयंत्र रचा।
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दोनों की साजिश में उद्योग विभाग के उपायुक्त आशुतोष सिंह भी मिले हुए थे। तीनों ने मिलकर फर्जी वसीयत लगाकर जमीन को बेच दिया। 24 सितंबर को करन गोस्वामी अपने दोनों ताऊ से मिलने दिल्ली गया लेकिन दोनों ने वसीयत का न तो जिक्र किया और न ही फैक्टरी की जमीन खाली करने के लिए कहा। पांच अक्तूबर को मीना और उनके बेटे करन को पता चलता है कि जमीन को एक व्यापारी को बेच दिया गया है। मीना देवी ने आरोप लगाया कि आरोपी अब जमीन खाली नहीं करने पर हत्या की धमकी दे रहे हैं।

लीज हस्तांतरण में स्टांप शुल्क की भी हुई चोरी
जमीन को लीज पर दूसरे व्यापारी के नाम हस्तांतरित करने में स्टांप शुल्क की भी चोरी की गई है। दस्तावेजों में कुल 2977.77 मीटर में से 73 मीटर जमीन पर ही टीन शेड दर्शाया गया है, जबकि मौके पर 720 स्क्वायर फीट पक्का निर्माण, 3700 स्क्वायर फीट पर टीन शेड है। वर्तमान में भी जमीन पर निर्माण कार्य चल रहा है। ऐसे में इस डीड को तैयार कराने के दौरान केवल 73 मीटर कवर्ड एरिया दर्शाकर 9.41 लाख रुपये का स्टांप शुल्क अदा किया गया है। इसके अलावा जमीन टू साइड है लेकिन एक ओर ही रास्ता दर्शाते हुए स्टांप की चोरी की गई है।


फर्जी तरीके से गैर पंजीकृत वसीयत तैयार कर लीज डीड ट्रांसफर करने की शिकायत मिली है। शिकायत के आधार पर मामले में जांच के लिए एसपी ग्रामीण को निर्देश दिए हैं। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। - श्लोक कुमार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक


ज्योति प्रसाद गोस्वामी के नाम वर्ष 1972 में पट्टा किया गया था। उनके बेटे राधेश्याम गोस्वामी ने जमीन को अन्य व्यापारी के नाम पर ट्रांसफर किया है। राधेश्याम ने वसीयत दिखाई थी। जिसके आधार पर जमीन को ट्रांसफर कराया गया है। -एके सिंह, उपायुक्त, जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र
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