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Bulandshahar News: जनवरी में 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी एक्सप्रेस ट्रेनें
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गाजियाबाद। मिशन रफ्तार के तहत रेलवे की दिल्ली-हावड़ा लाइन पर चल रहा ओएचई (ओवर हेड ईक्वीपमेंट) का काम अंतिम चरण में है। जनवरी से पहले ही काम पूरा होने की संभावना है। रेलवे अधिकारियों का दावा है कि जनवरी में ही एक्सप्रेस ट्रेनाें की गति बढ़कर 160 किलोमीटर प्रति घंटा हो जाएगी। वहीं, 60 व 75 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से चलने वाली मालगाड़ी की गति भी दोगुनी हो जाएगी।
दिल्ली-हावड़ा रूट करीब 1553 किलोमीटर लंबा है। अभी तक एक्सप्रेस ट्रेनें अधिकतम 130 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चल रही हैं। लोकल ट्रेन व मालगाड़ी की गति अभी 60 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा है। ओएचई का काम पूरा होने के बाद देरी से चल रही ट्रेनों के समय में सुधार आएगा और स्पार्किंग से लगने वाली आग की घटना की संभावना भी कम हो जाएगी। स्पार्किंग से ट्रेनों की रफ्तार कम ज्यादा होती है और झटके लगने से यात्रियों को भी तमाम असुविधाओं का सामना करना पड़ता है। नॉर्दर्न रेलवे के सीपीआरओ दीपक कुमार ने बताया कि ओएचई लाइन का निर्माण कार्य इसी माह पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।
गाजियाबाद से गुजरने वाली प्रमुख ट्रेनें
गाजियाबाद से करीब 60 एक्सप्रेस ट्रेनें गुजरती हैं। इसमें तेजस, राजधानी, शताब्दी, प्रयागराज, दूरंतो, पूरबिया, कानपुर सेंट्रल, सत्याग्रह, डबल डेकर, वंदेभारत, वैशाली सुपरफास्ट आदि प्रमुख हैं। इसके अलावा गाजियाबाद से रोजाना 100 से ज्यादा मालगाड़ियों की आवाजाही भी होती है।
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ट्रैक किए जा रहे सीधे, फाटक हो रहे बंद
हाल ही में कोटगांव के पास फाटक को मानवरहित कर दिया गया है। ओवरब्रिज बनाकर मुरादनगर का फाटक भी स्थाई रूप से बंद कर दिया गया है। आगामी दिनों में मोदीनगर के हापुड़ रोड फाटक को भी बंद करने की योजना है। पुल निर्माण के लिए धनराशि भी जारी कर दी गई है। इसके अलावा जहां पर ट्रैक आड़े तिरछे हैं, उनको सीधे करने का काम भी मिशन रफ्तार के तहत ही किया जा रहा है।
दिसंबर में तेजी से चला काम
कोहरे की वजह से एक दिसंबर से दिल्ली रीजन की 62 ट्रेनें पहले से ही रद्द चल रही हैं। इसके अलावा रोजाना 10-12 ट्रेनें रद्द की जा रही हैं। इसी वजह से ओएचई का काम भी तेजी से चल रहा है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि ओएचई का काम रात में ऐसे समय पर किया जाता है, जब ट्रेनों का आवागमन कमी से होता है।
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दिल्ली-हावड़ा रूट करीब 1553 किलोमीटर लंबा है। अभी तक एक्सप्रेस ट्रेनें अधिकतम 130 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चल रही हैं। लोकल ट्रेन व मालगाड़ी की गति अभी 60 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा है। ओएचई का काम पूरा होने के बाद देरी से चल रही ट्रेनों के समय में सुधार आएगा और स्पार्किंग से लगने वाली आग की घटना की संभावना भी कम हो जाएगी। स्पार्किंग से ट्रेनों की रफ्तार कम ज्यादा होती है और झटके लगने से यात्रियों को भी तमाम असुविधाओं का सामना करना पड़ता है। नॉर्दर्न रेलवे के सीपीआरओ दीपक कुमार ने बताया कि ओएचई लाइन का निर्माण कार्य इसी माह पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।
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गाजियाबाद से गुजरने वाली प्रमुख ट्रेनें
गाजियाबाद से करीब 60 एक्सप्रेस ट्रेनें गुजरती हैं। इसमें तेजस, राजधानी, शताब्दी, प्रयागराज, दूरंतो, पूरबिया, कानपुर सेंट्रल, सत्याग्रह, डबल डेकर, वंदेभारत, वैशाली सुपरफास्ट आदि प्रमुख हैं। इसके अलावा गाजियाबाद से रोजाना 100 से ज्यादा मालगाड़ियों की आवाजाही भी होती है।
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ट्रैक किए जा रहे सीधे, फाटक हो रहे बंद
हाल ही में कोटगांव के पास फाटक को मानवरहित कर दिया गया है। ओवरब्रिज बनाकर मुरादनगर का फाटक भी स्थाई रूप से बंद कर दिया गया है। आगामी दिनों में मोदीनगर के हापुड़ रोड फाटक को भी बंद करने की योजना है। पुल निर्माण के लिए धनराशि भी जारी कर दी गई है। इसके अलावा जहां पर ट्रैक आड़े तिरछे हैं, उनको सीधे करने का काम भी मिशन रफ्तार के तहत ही किया जा रहा है।
दिसंबर में तेजी से चला काम
कोहरे की वजह से एक दिसंबर से दिल्ली रीजन की 62 ट्रेनें पहले से ही रद्द चल रही हैं। इसके अलावा रोजाना 10-12 ट्रेनें रद्द की जा रही हैं। इसी वजह से ओएचई का काम भी तेजी से चल रहा है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि ओएचई का काम रात में ऐसे समय पर किया जाता है, जब ट्रेनों का आवागमन कमी से होता है।