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Bulandshahar News: काली नदी पर अवैध कब्जा किया जाएगा चिन्हित

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 29 Aug 2024 10:18 PM IST
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Illegal encroachment on Kali River will be marked
काली नदी का फोटो।
बुलंदशहर। काली नदी की जमीन से अवैध कब्जा हटवाने और साफ करने के लिए एक बार फिर से कवायद शुरू हो गई है। बताया जा रहा है कि काली नदी के तटबंध क्षेत्र से दोनों ओर 200-200 मीटर जमीन पर हुए अतिक्रमण को चिन्हित किया जाएगा।
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शहर से गुजरने वाली काली नदी की सफाई के लिए दो दशक से प्रयास चल रहे हैं, लेकिन न तो काली नदी को साफ किया जा सका है और न ही अवैध कब्जा को हटाया गया है। जिसके चलते काली नदी संकरी हो गई। स्थिति यह है कि नदी के किनारे के खेतों के कास्तकारों ने भी काली नदी की जमीन पर अवैध कब्जा कर खेती शुरू कर दी है, जिसके चलते कई स्थानों पर नदी ने नाले का रूप ले लिया है। विधायक प्रदीप चौधरी की शिकायत पर एक बार फिर से लोगों को काली नदी के साफ होने की आस जगी है, बताया जा रहा है कि काली नदी की जमीन पर अवैध रूप से 15 हजार से अधिक मकान बना दिए गए और अधिकारी अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाए अपनी कुर्सी बचाने में लगे रहे।
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दो बार विधानसभा में उठा मुद्दा, फिर भी नहीं बदले हालात

काली नदी पर अवैध कब्जे का मुद्दा दो बार विधानसभा में उठाया गया। सबसे पहले 2020-21 में विधायक उषा सिरोही उसके बाद सदर विधायक प्रदीप चौधरी ने उठाया था। विधानसभा में लगाए गए सवाल के बाद अधिकारियों ने फाइलों से धूल हटाकर सवालों का तो जबाव दे दिया, लेकिन कार्रवाई के लिए कदम नहीं उठाए। अब विधायक ने फिर से काली नदी को साफ करने के लिए मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी तो बीडीए अधिकारियों ने 2017 में गठित टीम का हवाला देते हुए शिकायत का निस्तारण कर दिया।
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लगातार बनाई गई जांच टीम, फिर भी कार्रवाई जीरो

काली नदी की जमीन पर अवैध कब्जे की जांच के लिए वर्ष 2017 में तत्कालीन डीएम ने एडीएम वित्त, बीकेडीए सचिव, अधिशासी अभियंता ड्रेनेज खंड मेरठ, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका, तहसीलदार सदर व क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को जांच की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। वहीं, विधायक प्रदीप चौधरी की शिकायत पर एक माह पहले फिर से डीएम ने जांच टीम का गठन किया, लेकिन स्थिति इस बार भी जस की तस है।





काली नदी को साफ करने के लिए शासन गंभीरता से कदम उठा रहा है। पूर्व में गठित की गई जांच टीम ने क्या कार्रवाई की, इसके बारे में अभी जानकारी नहीं है। काली नदी को साफ कराने के लिए पुरजोर प्रयास किया जा रहा है। - प्रदीप चौधरी, विधायक सदर



2017 में एनजीटी की ओर से टीम का गठन किया गया था। जिसके बाद अतिक्रमण को चिन्हित किया गया। इस दौरान काफी हंगामा भी हुआ था। प्राधिकरण को सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने का अधिकार नहीं है। इसके लिए जिला प्रशासन, नगर पालिका, सिंचाई विभाग और तहसील प्रशासन ही काम करेगा। - डॉ. अंकुर लाठर, उपाध्यक्ष, बुलंदशहर विकास प्राधिकरण
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