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बुराई पर अच्छाई की जीत, धू-धू कर जली होलिका
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहरॉ
Updated Wed, 23 Mar 2016 11:30 PM IST
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होली
- फोटो : अमर उजाला
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बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक होलिका का बुधवार को दहन किया गया। जिलेभर में लगभग 1626 जगह होलिका जलाई गई। सुबह से महिलाओं बच्चों सहित सभी ने पूजा-अर्चना की और लोगों ने शाम को होलिका में जौ की बालियां चटकाईं।
होली पूजन सुबह से लेकर दोपहर बाद तक चलता रहा। मंदिरों में भी पूजन के लिए भक्तों की लाइन लगी रही। देर शाम जयकारों के साथ होलिका दहन हुआ और उसमें जौ की बालियां भूनी गईं। पंडितों के अनुसार होली पूजन का समय सुबह 6.00 बजे शुरू हो गया था।
महिलाएं हाथ में पूजा की थाली और पूजन सामग्री लेकर होली पर पहुंची और श्रद्धा से पूजन किया। साथ ही घरों में पकवान बनाए और देवी-देवताओं की पूजा हुई। देर शाम 6.29 बजे होलिका दहन जयकारों के साथ हुआ।
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होलिका दहन के दौरान मौजूद लोगों ने जौ की बालियां भूनीं और एक-दूसरे को देकर होली की बधाई देते हुए गले मिले। कुछ गांवों में बृहस्पतिवार अलसुबह भी होलिका दहन होगा।
खुर्जा में ज्ञान लोक कालोनी, चमन बिहार, मुरारीनगर, छोटी होली, बड़ी होली, हनुमान टीला, न्यूशिवपुरी, मंडी दानगंज, नयागंज, अहीरपाड़ा, ककराला, सिटी स्टेशन, गोयनका कालोनी आदि होली पूजन स्थानों पर महिलाओं की भारी भीड़ रही।
औरंगाबाद पुलिस चौकी के पास पंडित किशन शर्मा ने मंत्रोच्चारण के साथ किया। महिलाओं ने होलिका स्थल पर पहुंचकर होलिका की विधि विधान से पूजा-अर्चना की। औरंगाबाद में प्राचीन नागेश्वर शिव मंदिर, मां चामुंडा मंदिर, अजीजाबाद, नई बस्ती, सिप्टेनगढ़ी, मुरादनगर की मढैया, तालमनगर, रामनगर, अट्टा आदि स्थानों पर भी होलिका की पूजा-अर्चना कर दहन का कार्यक्रम हुआ।
बुगरासी में महिलाओं ने कस्बे में चामुंडा मंदिर के निकट होली का पूजन किया गया। पूजा के बाद बालिकाओं ने अपने घर तथा प्रतिष्ठानों पर ढाल चढ़ाए। इस अवसर पर प्रतिष्ठानों पर फूल व ढाल डालने पर बालिकाओं को धनराशि देकर प्रोत्साहित किया।
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होली पूजन सुबह से लेकर दोपहर बाद तक चलता रहा। मंदिरों में भी पूजन के लिए भक्तों की लाइन लगी रही। देर शाम जयकारों के साथ होलिका दहन हुआ और उसमें जौ की बालियां भूनी गईं। पंडितों के अनुसार होली पूजन का समय सुबह 6.00 बजे शुरू हो गया था।
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महिलाएं हाथ में पूजा की थाली और पूजन सामग्री लेकर होली पर पहुंची और श्रद्धा से पूजन किया। साथ ही घरों में पकवान बनाए और देवी-देवताओं की पूजा हुई। देर शाम 6.29 बजे होलिका दहन जयकारों के साथ हुआ।
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होलिका दहन के दौरान मौजूद लोगों ने जौ की बालियां भूनीं और एक-दूसरे को देकर होली की बधाई देते हुए गले मिले। कुछ गांवों में बृहस्पतिवार अलसुबह भी होलिका दहन होगा।
खुर्जा में ज्ञान लोक कालोनी, चमन बिहार, मुरारीनगर, छोटी होली, बड़ी होली, हनुमान टीला, न्यूशिवपुरी, मंडी दानगंज, नयागंज, अहीरपाड़ा, ककराला, सिटी स्टेशन, गोयनका कालोनी आदि होली पूजन स्थानों पर महिलाओं की भारी भीड़ रही।
औरंगाबाद पुलिस चौकी के पास पंडित किशन शर्मा ने मंत्रोच्चारण के साथ किया। महिलाओं ने होलिका स्थल पर पहुंचकर होलिका की विधि विधान से पूजा-अर्चना की। औरंगाबाद में प्राचीन नागेश्वर शिव मंदिर, मां चामुंडा मंदिर, अजीजाबाद, नई बस्ती, सिप्टेनगढ़ी, मुरादनगर की मढैया, तालमनगर, रामनगर, अट्टा आदि स्थानों पर भी होलिका की पूजा-अर्चना कर दहन का कार्यक्रम हुआ।
बुगरासी में महिलाओं ने कस्बे में चामुंडा मंदिर के निकट होली का पूजन किया गया। पूजा के बाद बालिकाओं ने अपने घर तथा प्रतिष्ठानों पर ढाल चढ़ाए। इस अवसर पर प्रतिष्ठानों पर फूल व ढाल डालने पर बालिकाओं को धनराशि देकर प्रोत्साहित किया।