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सात दिन में पांच गुना बढ़ गए हीट स्ट्रोक के मरीज
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सात दिन में पांच गुना बढ़ गए हीट स्ट्रोक के मरीज
बुलंदशहर। भीषण गर्मी के कारण लगातार लोगों को हीट स्ट्रोक अपनी चपेट में ले रहा है। पिछले सात दिन में आंकड़ा 20-30 मरीजों से बढ़कर 100 के पार पहुंच गया है। लगातार यह समस्या बढ़ने पर मुख्य चिकित्साधिकारी ने अनावश्यक बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।
जिले में इन दिनों दिन निकलने के साथ ही गर्म हवा के थपेड़े शरीर को झुलसाने लगते हैं। तापमान 45 डिग्री तक पहुंच चुका है। आने वाले दिनों में पारा और भी बढ़ने की संभावना है। ऐसे में धूप में निकलने पर हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े के अनुसार 20 दिन पहले 20 से 30 हीट स्ट्रोक के मरीज थे। पिछले सात दिन में यह संख्या बढ़कर 100 से अधिक पहुंच गई है। इसमें से लगभग 15 मरीजों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
क्यों होता है हीट स्ट्रोक
चिकित्सकों के मुताबिक अधिक गर्मी पड़ने और अधिक समय तक धूप में रहने से शरीर से पसीना बाहर निकालने वाली ग्रंथि ब्लॉक हो जाती है। ऐसा होने से बेचैनी होने लगती है। जरा सी लापरवाही खतरनाक साबित हो सकती है। ऐसे में अधिक से अधिक पानी पीना चाहिए।
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हीट स्ट्रोक के लक्षण
चिकित्सा अधिकारी डॉ. गौरव सक्सेना ने बताया कि सिर दर्द, तेज बुखार, होश खो देना, मानसिक स्थिति बिगड़ना, उल्टी आना, त्वचा का लाल होना, हार्ट रेट बढ़ना, शरीर से पसीने का न निकलना, चक्कर आने लगना और शरीर में पानी की कमी हो जाना आदि हीट स्ट्रोक के लक्षण हैं।
क्या करें, क्या न करें
बच्चों को खड़ी गाड़ियों में न छोड़ें। तेज धूप में निकलने से बचें। सिर पर टोपी या गमछा डालकर ही निकलें। घर से अधिक पानी का सेवन करके बाहर निकलें। मौसमी फलों का अधिक सेवन करें। दिन में कई बार तरल आहार लें। सूती कपड़े पहनें और शराब, मीठे पेय, कॉफी लेने से बचें। प्यास न लगने पर भी पानी पीएं।
तापमान अधिक हो जाने पर शरीर के सेल्स काम करना बंद कर देते हैं। तेज बुखार के साथ मरीज को बेचैनी होने लगती है। ऐसे में शरीर के तापमान को नियंत्रण करने के उपाय करने चाहिए। - डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ
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बुलंदशहर। भीषण गर्मी के कारण लगातार लोगों को हीट स्ट्रोक अपनी चपेट में ले रहा है। पिछले सात दिन में आंकड़ा 20-30 मरीजों से बढ़कर 100 के पार पहुंच गया है। लगातार यह समस्या बढ़ने पर मुख्य चिकित्साधिकारी ने अनावश्यक बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।
जिले में इन दिनों दिन निकलने के साथ ही गर्म हवा के थपेड़े शरीर को झुलसाने लगते हैं। तापमान 45 डिग्री तक पहुंच चुका है। आने वाले दिनों में पारा और भी बढ़ने की संभावना है। ऐसे में धूप में निकलने पर हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े के अनुसार 20 दिन पहले 20 से 30 हीट स्ट्रोक के मरीज थे। पिछले सात दिन में यह संख्या बढ़कर 100 से अधिक पहुंच गई है। इसमें से लगभग 15 मरीजों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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क्यों होता है हीट स्ट्रोक
चिकित्सकों के मुताबिक अधिक गर्मी पड़ने और अधिक समय तक धूप में रहने से शरीर से पसीना बाहर निकालने वाली ग्रंथि ब्लॉक हो जाती है। ऐसा होने से बेचैनी होने लगती है। जरा सी लापरवाही खतरनाक साबित हो सकती है। ऐसे में अधिक से अधिक पानी पीना चाहिए।
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हीट स्ट्रोक के लक्षण
चिकित्सा अधिकारी डॉ. गौरव सक्सेना ने बताया कि सिर दर्द, तेज बुखार, होश खो देना, मानसिक स्थिति बिगड़ना, उल्टी आना, त्वचा का लाल होना, हार्ट रेट बढ़ना, शरीर से पसीने का न निकलना, चक्कर आने लगना और शरीर में पानी की कमी हो जाना आदि हीट स्ट्रोक के लक्षण हैं।
क्या करें, क्या न करें
बच्चों को खड़ी गाड़ियों में न छोड़ें। तेज धूप में निकलने से बचें। सिर पर टोपी या गमछा डालकर ही निकलें। घर से अधिक पानी का सेवन करके बाहर निकलें। मौसमी फलों का अधिक सेवन करें। दिन में कई बार तरल आहार लें। सूती कपड़े पहनें और शराब, मीठे पेय, कॉफी लेने से बचें। प्यास न लगने पर भी पानी पीएं।
तापमान अधिक हो जाने पर शरीर के सेल्स काम करना बंद कर देते हैं। तेज बुखार के साथ मरीज को बेचैनी होने लगती है। ऐसे में शरीर के तापमान को नियंत्रण करने के उपाय करने चाहिए। - डॉ. विनय कुमार सिंह, सीएमओ