{"_id":"6078787a8ebc3ee651746332","slug":"glanders-farcy-disease-bulandshahr-news-gbd2172411145","type":"story","status":"publish","title_hn":"घोड़ी और खच्चर का लिया सैंपल, जाएंगे हिसार लैब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घोड़ी और खच्चर का लिया सैंपल, जाएंगे हिसार लैब
विज्ञापन
घोड़ी और खच्चर का लिया सैंपल, जाएंगे हिसार लैब
बुलंदशहर। लखावटी क्षेत्र के गांव शेखपुर गढ़वा में एक घोड़ी और खच्चर की ग्लैंडर फारसी की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद अब पशुपालन विभाग की टीम ने बृहस्पतिवार को दोनों पशुओं के ब्लड सैंपल ले लिए हैं, अब इन्हें जांच के लिए लैब भेजा जाएगा। इन सैंपलों की रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
पशुपालन विभाग की ओर से हर माह अश्वों के सैंपल जांच के लिए भेजे जाते हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि किसी अश्व को ग्लैंडर्स फारसी के लक्षण तो नहीं हैं। गत माह विभाग की ओर से हिसार लैब भेजे गए सैंपल में से एक घोड़ी और एक खच्चर की रिपोर्ट पॉजिटिव पाई थी। यह दोनों अश्व गांव शेखपुर गढ़वा में हैं और पशुपालन विभाग ने जब दोनों पशुओं की हालत देखी तो उनमें इस बीमारी की कोई लक्षण नहीं मिले। उनके शरीर पर भी बीमारी से संबंधित कोई घाव नहीं है। पहले लैब के वैज्ञानिकों ने दोनों अश्वों के फोटो और लक्षण की जानकारी मांगी थी। अब इनके सैंपल मांगे गए हैं। इस पर विभाग की टीम ने बृहस्पतिवार को घोड़ी और खच्चर का दोबारा सैंपल लिया। बताया गया कि सैंपलों को जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजा जा रहा है और पांच दिन के भीतर वहां से इनकी रिपोर्ट मिल जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। अफसरों ने बताया कि प्रथम दृष्टया देखा जाए तो दोनों पशुओं में बीमारी के कोई लक्षण नहीं हैं, फिलहाल अब सैंपल भेजे जा रहे हैं और रिपोर्ट आने के बाद कुछ कहा जा सकेगा।
घोड़ी और खच्चर के फिर से सैंपल लिए गए हैं। जांच के लिए हिसार लैब में इन्हें भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद कुछ कहा जा सकेगा। फिलहाल स्थिति पूरी तरह से सामान्य है। अभी तक उनमें बीमारी के लक्षण भी दिखाई नहीं दे रहे हैं।
विज्ञापन
- डॉ. विजेंद्र सिंह, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी
विज्ञापन
बुलंदशहर। लखावटी क्षेत्र के गांव शेखपुर गढ़वा में एक घोड़ी और खच्चर की ग्लैंडर फारसी की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद अब पशुपालन विभाग की टीम ने बृहस्पतिवार को दोनों पशुओं के ब्लड सैंपल ले लिए हैं, अब इन्हें जांच के लिए लैब भेजा जाएगा। इन सैंपलों की रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
पशुपालन विभाग की ओर से हर माह अश्वों के सैंपल जांच के लिए भेजे जाते हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि किसी अश्व को ग्लैंडर्स फारसी के लक्षण तो नहीं हैं। गत माह विभाग की ओर से हिसार लैब भेजे गए सैंपल में से एक घोड़ी और एक खच्चर की रिपोर्ट पॉजिटिव पाई थी। यह दोनों अश्व गांव शेखपुर गढ़वा में हैं और पशुपालन विभाग ने जब दोनों पशुओं की हालत देखी तो उनमें इस बीमारी की कोई लक्षण नहीं मिले। उनके शरीर पर भी बीमारी से संबंधित कोई घाव नहीं है। पहले लैब के वैज्ञानिकों ने दोनों अश्वों के फोटो और लक्षण की जानकारी मांगी थी। अब इनके सैंपल मांगे गए हैं। इस पर विभाग की टीम ने बृहस्पतिवार को घोड़ी और खच्चर का दोबारा सैंपल लिया। बताया गया कि सैंपलों को जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजा जा रहा है और पांच दिन के भीतर वहां से इनकी रिपोर्ट मिल जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। अफसरों ने बताया कि प्रथम दृष्टया देखा जाए तो दोनों पशुओं में बीमारी के कोई लक्षण नहीं हैं, फिलहाल अब सैंपल भेजे जा रहे हैं और रिपोर्ट आने के बाद कुछ कहा जा सकेगा।
विज्ञापन
घोड़ी और खच्चर के फिर से सैंपल लिए गए हैं। जांच के लिए हिसार लैब में इन्हें भेजा जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद कुछ कहा जा सकेगा। फिलहाल स्थिति पूरी तरह से सामान्य है। अभी तक उनमें बीमारी के लक्षण भी दिखाई नहीं दे रहे हैं।
विज्ञापन
- डॉ. विजेंद्र सिंह, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी