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Bulandshahar News: बालिकाओं को मिलेगा रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण
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बुलंदशहर। बालिकाओं को आत्मविश्वासी बनाने के साथ उन्हें सुरक्षा कवच प्रदान करने के लिए जिले के 16 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में छात्राओं के लिए रानी लक्ष्मीबाई आत्मरक्षा प्रशिक्षण अभियान शुरू होगा। समग्र शिक्षा के तहत यह प्रशिक्षण 48 कार्यदिवस तक चलेगा।
बेसिक शिक्षा अधिकारी वीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि सेल्फ डिफेंस क्लब के माध्यम से जिले के 16 कस्तूरबा गांधी विद्यालयों की करीब 1600 बालिकाओं को एक मजबूत सुरक्षा कवच मिलेगा। प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं को आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीक सिखाई जाएगी। इसमें महिला सुरक्षा, आपातकालीन हेल्पलाइन और जेंडर सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल होंगे। विपरीत परिस्थितियों में आत्मरक्षा का हुनर भी बालिकाओं को सिखाया जाएगा। लैंगिक समानता और शारीरिक सुरक्षा के बारे में भी बताया जाएगा।
उन्होंने बताया कि छात्राओं को संवेदनशील अंगों की पहचान, वार्मअप और मॉक ड्रिल का अभ्यास कराया जाएगा। बचाव के व्यावहारिक तरीके और आत्मरक्षा किट तैयार करने की जानकारी देने के साथ ही जेंडर सशक्तिकरण और विपरीत परिस्थितियों में बचाव के तरीके भी सिखाए जाएंगे। विद्यालयों में कार्यरत व्यायाम शिक्षक, खेल शिक्षक, अनुदेशक व शिक्षिकाएं प्रशिक्षण का संचालन करेंगी। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद प्रत्येक कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में सेल्फ डिफेंस क्लब का गठन किया जाएगा। क्लब में 10 प्रशिक्षित छात्राओं को नेतृत्व की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। वह नियमित रूप से अन्य छात्राओं को आत्मरक्षा का अभ्यास कराएंगी।
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बेसिक शिक्षा अधिकारी वीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि सेल्फ डिफेंस क्लब के माध्यम से जिले के 16 कस्तूरबा गांधी विद्यालयों की करीब 1600 बालिकाओं को एक मजबूत सुरक्षा कवच मिलेगा। प्रशिक्षण के दौरान छात्राओं को आत्मरक्षा की विभिन्न तकनीक सिखाई जाएगी। इसमें महिला सुरक्षा, आपातकालीन हेल्पलाइन और जेंडर सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल होंगे। विपरीत परिस्थितियों में आत्मरक्षा का हुनर भी बालिकाओं को सिखाया जाएगा। लैंगिक समानता और शारीरिक सुरक्षा के बारे में भी बताया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि छात्राओं को संवेदनशील अंगों की पहचान, वार्मअप और मॉक ड्रिल का अभ्यास कराया जाएगा। बचाव के व्यावहारिक तरीके और आत्मरक्षा किट तैयार करने की जानकारी देने के साथ ही जेंडर सशक्तिकरण और विपरीत परिस्थितियों में बचाव के तरीके भी सिखाए जाएंगे। विद्यालयों में कार्यरत व्यायाम शिक्षक, खेल शिक्षक, अनुदेशक व शिक्षिकाएं प्रशिक्षण का संचालन करेंगी। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद प्रत्येक कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में सेल्फ डिफेंस क्लब का गठन किया जाएगा। क्लब में 10 प्रशिक्षित छात्राओं को नेतृत्व की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। वह नियमित रूप से अन्य छात्राओं को आत्मरक्षा का अभ्यास कराएंगी।
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