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Bulandshahar News: डिवाइडर हटने से गांधी मार्ग पर लग रहा जाम, कारोबार प्रभावित
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खुर्जा के गांधी मार्ग पर लगे जाम में फंसे वाहन। संवाद
खुर्जा। मुख्य बाजार गांधी मार्ग पर डिवाइडर हटने के बाद से दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। मार्ग के दोनों ओर मुख्य बाजार होने के कारण हजारों लोगों की आवाजाही रहती है, लेकिन डिवाइडर न होने से वाहन बेतरतीब चल रहे हैं। जाम के कारण दुकानदारों का कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
व्यापारी सुरक्षा फोरम के महामंत्री अविनाश तायल ने बताया कि तीन साल पहले नगर पालिका की ओर से गांधी मार्ग पर पदम सिंह गेट चौराहा और कबाड़ी बाजार चौराहा पर अस्थाई डिवाइडर लगाए गए थे, जिससे मार्ग पर वाहनों का आवागमन सुगम हो गया था। साथ ही यातायात सुचारू रूप से चलने लगा, लेकिन यह व्यवस्था ज्यादा दिन तक नहीं टिक सकी।
वाहनों की ठोकर से अस्थाई डिवाइडर में लगे सीमेंटेड बैरिकेट टूटने लगे और खराब हो गए, जिनको मार्ग से हटा दिया गया। फिर इसके बाद दोबारा नए बैरिकेड नहीं लगाए गए। आलम यह है कि मार्ग पर आमने सामने से वाहन फंसने पर दो से तीन घंटे जाम लग जाता है। पूरे दिन यातायात प्रभावित रहता है। इसका असर बाजार में स्थित दुकानों के कारोबार पर भी पड़ रहा है।
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दुकानदार नरेंद्र ने बताया कि ई-रिक्शा, ऑटो और दुपहिया वाहन जहां-तहां मुड़ते हैं, जिससे सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक जाम की स्थिति बनी रहती है। जाम के कारण ग्राहक बाजार में आने से कतराने लगे हैं। कई ग्राहक दूर से जाम देखकर वापस लौट जाते हैं। दुकानदारों का कहना है कि बिक्री 40 फीसदी तक गिर गई है। जाम को देख ग्राहक पहले से बाजार से वापस लौट जाते हैं। कई बार दुकान के सामने जाम लगा रहने के कारण ग्राहक वाहन पार्किंग करने में कतराते हैं।
दोपहर के वक्त गर्मी में ज्यादा परेशानी होती है, एंबुलेंस और स्कूली वाहनों को भी निकलने में दिक्कत होती है। कई बार कहासुनी और मारपीट की नौबत आ जाती है। व्यापारी कुशाग्र अग्रवाल का आरोप है कि कई बार नगर पालिका और पुलिस प्रशासन से डिवाइडर दोबारा लगाने या ट्रैफिक पुलिस तैनात करने की मांग की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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कोट :-
सीमेंटेड बैरिकेड वाहनों की टक्कर से खराब हो गए थे, जिनको दोबारा लगाने के लिए बजट प्रस्ताव भेजा गया है। जेई सिविल से इसके लिए कहा गया है। जल्द इस पर कार्य कराया जाएगा। - मोहम्मद अनवर हुसैन, ईओ, नगर पालिका
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व्यापारी सुरक्षा फोरम के महामंत्री अविनाश तायल ने बताया कि तीन साल पहले नगर पालिका की ओर से गांधी मार्ग पर पदम सिंह गेट चौराहा और कबाड़ी बाजार चौराहा पर अस्थाई डिवाइडर लगाए गए थे, जिससे मार्ग पर वाहनों का आवागमन सुगम हो गया था। साथ ही यातायात सुचारू रूप से चलने लगा, लेकिन यह व्यवस्था ज्यादा दिन तक नहीं टिक सकी।
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वाहनों की ठोकर से अस्थाई डिवाइडर में लगे सीमेंटेड बैरिकेट टूटने लगे और खराब हो गए, जिनको मार्ग से हटा दिया गया। फिर इसके बाद दोबारा नए बैरिकेड नहीं लगाए गए। आलम यह है कि मार्ग पर आमने सामने से वाहन फंसने पर दो से तीन घंटे जाम लग जाता है। पूरे दिन यातायात प्रभावित रहता है। इसका असर बाजार में स्थित दुकानों के कारोबार पर भी पड़ रहा है।
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दुकानदार नरेंद्र ने बताया कि ई-रिक्शा, ऑटो और दुपहिया वाहन जहां-तहां मुड़ते हैं, जिससे सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक जाम की स्थिति बनी रहती है। जाम के कारण ग्राहक बाजार में आने से कतराने लगे हैं। कई ग्राहक दूर से जाम देखकर वापस लौट जाते हैं। दुकानदारों का कहना है कि बिक्री 40 फीसदी तक गिर गई है। जाम को देख ग्राहक पहले से बाजार से वापस लौट जाते हैं। कई बार दुकान के सामने जाम लगा रहने के कारण ग्राहक वाहन पार्किंग करने में कतराते हैं।
दोपहर के वक्त गर्मी में ज्यादा परेशानी होती है, एंबुलेंस और स्कूली वाहनों को भी निकलने में दिक्कत होती है। कई बार कहासुनी और मारपीट की नौबत आ जाती है। व्यापारी कुशाग्र अग्रवाल का आरोप है कि कई बार नगर पालिका और पुलिस प्रशासन से डिवाइडर दोबारा लगाने या ट्रैफिक पुलिस तैनात करने की मांग की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
कोट :-
सीमेंटेड बैरिकेड वाहनों की टक्कर से खराब हो गए थे, जिनको दोबारा लगाने के लिए बजट प्रस्ताव भेजा गया है। जेई सिविल से इसके लिए कहा गया है। जल्द इस पर कार्य कराया जाएगा। - मोहम्मद अनवर हुसैन, ईओ, नगर पालिका