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सेना में नौकरी के नाम पर 12 लाख की ठगी, चार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
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सेना में नौकरी के नाम पर 12 लाख की ठगी, चार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
बुलंदशहर। सेना में नौकरी लगवाने के नाम पर तीन युवकों से 12 लाख रुपये ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित युवकों का आरोप है कि आरोपी ने नौकरी के लिए फॉर्म भरवाने के साथ ही कोलकाता में नाप-तौल और लखनऊ में मेडिकल भी कराया। इसके बाद फर्जी मोहर लगा हुआ ज्वाइनिंग लेटर थमा दिया। जब ज्वाइनिंग के लिए पहुंचे तो ठगी की जानकारी हुई। एसएसपी के निर्देश पर नगर पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
मानसरोवर कॉलोनी निवासी जितेंद्र भाटी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि कॉलोनी में एक होशियार सिंह नामक व्यक्ति रहता था। आरोपी खुद को पूर्व सैनिक और अपने पिता को कमांडेंट बताता था। आरोपी ने नौकरी लगावने की बात कही तो पड़ोस में रहने के कारण आरोपी पर विश्वास कर लिया। इसके मैने अपने भतीजे सचिन और उसके मित्र रिजवान निवासी गांव रवानीबुर्ज ककोड़ और अपने रिश्तेदार सचिन निवासी गांव गोदना, जहांगीराबाद के दस्तावेज और 1.5 लाख रुपये नौकरी के लिए दिए। आरोपी ने भर्ती के लिए आवेदन कराते हुए पूरी प्रक्रिया का पालन कराया। जिसके बाद समय-समय पर आरोपी ने फर्जी दस्तावेज भी हमें दिए। जब ज्वाइनिंग लेटर लेकर ज्वाइनिंग के लिए पहुंचे तो वहां पर पता चला कि ऐसी कोई भर्ती हुई ही नहीं है। इसके बाद ठगी का एहसास हुआ। वापस लौटने पर आरोपी से संपर्क किया तो उसने 12 लाख रुपये का चेक दिया, लेकिन बैंक में लगाने पर वह बाउंस हो गया। मामले में नगर कोतवाली पुलिस को एफआईआर के लिए शिकायत दी गई, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इसके बाद एसएसपी के निर्देश पर अब होशियार सिंह निवासी खैर अलीगढ़, विवेक, संध्या और सचिन निवासी प्रताप नगर पहासू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
पश्चिम बंगाल में नाप-तौल, लखनऊ में कराया मेडिकल
जितेंद्र भाटी ने बताया कि आरोपी ने 23 अक्टूबर 2010 को पश्चिम बंगाल के कमांड अस्पताल कोलकाता में नाप-तौल कराई। वहां पर कमी बताते हुए आरोपी ने तीन लाख रुपये और लिए। इसके बाद तीनों युवाओं का चिकित्सीय परीक्षण लखनऊ में कराया। वहां मेडिकल में पास कराने के नाम पर भी आरोपी ने 1.5 लाख रुपये लिए। इसके बाद आरोपी होशियार सिंह ने अपने बेटे विवेक, बेटी संध्या और दामाद सचिन के साथ मिलकर फर्जी कॉल लेटर तैयार कर युवाओं को दे दिए। इसके बाद तीनों युवाओं से छह लाख रुपये और लिए।
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ठगी की जानकारी होने से पहले ही आरोपी हुआ फरार
पीड़ित ने बताया कि दी गई तारीख और पते पर पहुंचकर नौकरी ज्वाइन करने के लिए गए तो पता चला कि ऐसी कोई भर्ती सेना ने नहीं निकाली है। जब आरोपी के घर पहुंचकर उसे तलाश किया तो वह मकान खाली कर भाग चुका था। बाद में जानकारी करने पर पता चला कि आरोपी अलीगढ़ में भी इस प्रकार की ठगी कर चुका है। जिसके चलते अलीगढ़ पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर मथुरा जेल भेज दिया है।
आरोपी के खिलाफ एसएसपी के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। पीड़ित लोगों से इस संबंध में साक्ष्य मांगे जाएंगे। क्योंकि आरोपी पहले से जेल में बंद है, इसके लिए प्रोडक्शन वारंट पर लेकर पूछताछ की जाएगी।
- संजीव कुमार शर्मा, कोतवाली प्रभारी
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बुलंदशहर। सेना में नौकरी लगवाने के नाम पर तीन युवकों से 12 लाख रुपये ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित युवकों का आरोप है कि आरोपी ने नौकरी के लिए फॉर्म भरवाने के साथ ही कोलकाता में नाप-तौल और लखनऊ में मेडिकल भी कराया। इसके बाद फर्जी मोहर लगा हुआ ज्वाइनिंग लेटर थमा दिया। जब ज्वाइनिंग के लिए पहुंचे तो ठगी की जानकारी हुई। एसएसपी के निर्देश पर नगर पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
मानसरोवर कॉलोनी निवासी जितेंद्र भाटी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि कॉलोनी में एक होशियार सिंह नामक व्यक्ति रहता था। आरोपी खुद को पूर्व सैनिक और अपने पिता को कमांडेंट बताता था। आरोपी ने नौकरी लगावने की बात कही तो पड़ोस में रहने के कारण आरोपी पर विश्वास कर लिया। इसके मैने अपने भतीजे सचिन और उसके मित्र रिजवान निवासी गांव रवानीबुर्ज ककोड़ और अपने रिश्तेदार सचिन निवासी गांव गोदना, जहांगीराबाद के दस्तावेज और 1.5 लाख रुपये नौकरी के लिए दिए। आरोपी ने भर्ती के लिए आवेदन कराते हुए पूरी प्रक्रिया का पालन कराया। जिसके बाद समय-समय पर आरोपी ने फर्जी दस्तावेज भी हमें दिए। जब ज्वाइनिंग लेटर लेकर ज्वाइनिंग के लिए पहुंचे तो वहां पर पता चला कि ऐसी कोई भर्ती हुई ही नहीं है। इसके बाद ठगी का एहसास हुआ। वापस लौटने पर आरोपी से संपर्क किया तो उसने 12 लाख रुपये का चेक दिया, लेकिन बैंक में लगाने पर वह बाउंस हो गया। मामले में नगर कोतवाली पुलिस को एफआईआर के लिए शिकायत दी गई, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इसके बाद एसएसपी के निर्देश पर अब होशियार सिंह निवासी खैर अलीगढ़, विवेक, संध्या और सचिन निवासी प्रताप नगर पहासू के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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पश्चिम बंगाल में नाप-तौल, लखनऊ में कराया मेडिकल
जितेंद्र भाटी ने बताया कि आरोपी ने 23 अक्टूबर 2010 को पश्चिम बंगाल के कमांड अस्पताल कोलकाता में नाप-तौल कराई। वहां पर कमी बताते हुए आरोपी ने तीन लाख रुपये और लिए। इसके बाद तीनों युवाओं का चिकित्सीय परीक्षण लखनऊ में कराया। वहां मेडिकल में पास कराने के नाम पर भी आरोपी ने 1.5 लाख रुपये लिए। इसके बाद आरोपी होशियार सिंह ने अपने बेटे विवेक, बेटी संध्या और दामाद सचिन के साथ मिलकर फर्जी कॉल लेटर तैयार कर युवाओं को दे दिए। इसके बाद तीनों युवाओं से छह लाख रुपये और लिए।
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ठगी की जानकारी होने से पहले ही आरोपी हुआ फरार
पीड़ित ने बताया कि दी गई तारीख और पते पर पहुंचकर नौकरी ज्वाइन करने के लिए गए तो पता चला कि ऐसी कोई भर्ती सेना ने नहीं निकाली है। जब आरोपी के घर पहुंचकर उसे तलाश किया तो वह मकान खाली कर भाग चुका था। बाद में जानकारी करने पर पता चला कि आरोपी अलीगढ़ में भी इस प्रकार की ठगी कर चुका है। जिसके चलते अलीगढ़ पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर मथुरा जेल भेज दिया है।
आरोपी के खिलाफ एसएसपी के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। पीड़ित लोगों से इस संबंध में साक्ष्य मांगे जाएंगे। क्योंकि आरोपी पहले से जेल में बंद है, इसके लिए प्रोडक्शन वारंट पर लेकर पूछताछ की जाएगी।
- संजीव कुमार शर्मा, कोतवाली प्रभारी