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Bulandshahar News: शाहपुरकला गांव में बुखार से चौथी मौत, दहशत में ग्रामीण

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 04 Oct 2025 10:05 PM IST
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Fourth death due to fever in Shahpurkala village, villagers in panic
खुर्जा जंक्शन। शाहपुरकला गांव के 62 वर्षीय वृद्ध प्रेम सिंह की शनिवार सुबह बुखार से मौत हो गई। बीते सात दिन से नोएडा के अलग-अलग अस्पतालों में उनका उपचार चल रहा था। डॉक्टरों ने उन्हें डेंगू बुखार बताया था। गांव में बुखार से बीते छह दिनों में चार लोगों की मौत हो चुकी है। ऐसे में ग्रामीणों में दहशत हैं।
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शाहपुरकला गांव निवासी जतिन कुमार तेवतिया ने बताया कि पड़ोस में रहने वाले 62 वर्षीय प्रेम सिंह किसान थे। उनके तीन बेटे व तीन बेटियां हैं। प्रेम सिंह करीब दस दिन से बुखार से पीड़ित थे। 27 सितंबर से लेकर चार अक्तूबर तक उनका नोएडा के विभिन्न बड़े अस्पतालों में उपचार चला। जांच में उनकी प्लेटलेट्स कम आई थी और डेंगू की पुष्टि हुई थी। शनिवार सुबह प्रेम सिंह ने दम तोड़ दिया।
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शाहपुरकला के पूर्व ग्राम प्रधान रविंद्र सिंह ने बताया बीते छह दिनों में यह चौथी मौत है। इससे पहले एक वृद्ध महिला समेत तीन लोगों की मौत हो गई थी। वर्तमान में गांव में रहने वाले रिषि, कुसुम, मंशा, प्रियंका, मंजू, मनीष, पदम सिंह, विकास, नवीन, गंगा शरण, हेमराज, राकेश, छोटे लाल, मुकेश, नगेंद्र, रामवीर, चंद्र, संतोष, नाहर सिंह समेत 100 से ज्यादा लोग बीमार हैं, जिसमें से एक युवती में डेंगू की पुष्टि हुई है। हर घर में तीन से चार लोग बुखार से पीड़ित हैं।
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ग्रामीण इंद्रपाल का कहना है कि बीते एक माह से बुखार का प्रकोप बढ़ रहा है। शुरूआत में ग्रामीण बीमारी को सामान्य वायरल बुखार समझ रहे थे लेकिन जिस रफ्तार से लोगों की मौत हो रही है उससे डर बढ़ता जा रहा है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से बेहतर जांच और उपचार की मांग की है।



सही समय पर उचित उपचार नहीं मिलना बना कारण
धरपा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. प्रवीन कुमार ने बताया कि गांव में बुखार के तेजी से बढ़ने का कारण है कि लोगों को सही समय पर उचित उपचार नहीं मिल सका। मरीज झोलाछाप से उपचार कराते रहे। मरीजों से अपील की जा रही है कि मान्यता प्राप्त क्लीनिक व अस्पतालों में ही उपचार कराएं। खुर्जा में जटिया अस्पताल में निशुल्क ओपीडी, खून जांच, दवाएं व भर्ती की सुविधाएं हैं। डॉ. प्रवीन ने बताया कि अभी तक शाहरपुर गांव में जो मौत हुई हैं, उनकी स्वास्थ्य रिपोर्ट की जानकारी ली गई है। भिक्की और बबली को बुखार के साथ-साथ किडनी व लीवर की भी बीमारी थी। वृद्ध राजश्री को बुखार था।



नियमित लगेगा शिविर और दी जाएंगी दवाएं
डॉ. साद अमीन का कहना है कि शनिवार को गांव में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में 62 मरीज पहुंचे, जिसमें सभी की टाइफाइड, डेंगू व मलेरिया की जांच की गई। सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। सभी मरीजों को आवश्यक दवाएं व परामर्श दिया गया। रविवार को गांव में जांच शिविर लगाया जाएगा।
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