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झोलाछाप के भरोसे गांवों में बुखार के मरीज
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बुखार से पीड़ित कैलावन निवासी राहुल शर्मा।
- फोटो : BULANDSHAHR
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झोलाछाप के भरोसे गांवों में बुखार के मरीज
बुलंदशहर। बुखार के सीजन में जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ और चिकित्सक व स्टाफ की कमी के कारण लोग झोलाछाप से इलाज कराने के लिए मजबूर हो रहे हैं। स्थिति यह है कि गांव-गांव बुखार और अन्य बीमारियों से पीड़ित लोग अपंजीकृत चिकित्सकों से इलाज करवा रहे हैं।
गांव कैलावन निवासी बुखार पीड़ित राहुल शर्मा ने बताया कि बड़ी संख्या में लोगों को ठंड के साथ बुखार है। स्वास्थ्य विभाग की कोई टीम जांच के लिए नहीं आई। झोलाछाप चिकित्सक मलेरिया की दवा भी दे रहे हैं लेकिन विभाग के आंकड़ों में मलेरिया नहीं है। स्थिति यह है कि विभाग भले ही घर-घर जाकर सर्वे की बाद कह रहा हो लेकिन सर्वे में जहां एक फीसदी लोगों को भी बुखार की पुष्टि नहीं हो रही है, वहीं झोलाछाप के पास मरीजों की भरमार है। ऐसे में वह भी लोगों से इलाज के नाम पर मोटी रकम वसूल रहे हैं। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की कुल 1416 टीमों ने घर-घर जाकर 76,881 लोगों के स्वास्थ्य की जांच की। इस दौरान 208 लोग बुखार से पीड़ित मिले।
बोले लोग
बड़ी संख्या में लोग बुखार से ग्रस्त हैं। जो सक्षम हैं वह मरीज सरकारी अस्पताल न जाकर निजी अस्पतालों में उपचार करा रहे हैं। जबकि गरीब व मजदूर लोग झोलाछाप से दवा ले रहे हैं। विभाग भी झोलाछाप पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। - पवन कुमार शर्मा
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प्रत्येक तीसरे घर में कोई न कोई व्यक्ति बुखार से पीड़ित है। इससे बुखार के प्रकोप का अंदाजा लगाया जा सकता है। अस्पतालों में लगी मरीजों की भीड़ के कारण गांव-गांव झोलाछाप सक्रिय हो गए हैं जो इलाज के नाम पर मोटी रकम वसूल रहे हैं। - अनुपम यादव
डेंगू का संदिग्ध मरीज मिला
बुलंदशहर। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. बीके श्रीवास्तव ने बताया कि सदर तहसील के एक गांव की एक किशोरी को बुखार के चलते सोमवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां चिकित्सकों ने डेंगू के लिए उसका एनएस 1 किट से टेस्ट किया तो रिपोर्ट पॉजिटिव आई। पीड़िता का सैंपल एलाइजा टेस्ट के लिए मेरठ भेजा गया है। किशोरी को भी मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। संवाद
संयुक्त निदेशक ने किया घर-घर सर्वे का निरीक्षण
संयुक्त निदेशक डॉ. संगीता ने जिले में घर-घर किए जा रहे सर्वे का निरीक्षण किया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर सर्वे करते हुए मिली। संयुक्त निदेशक ने टीम को निर्देशित करते हुए कहा कि अभियान में पूरी गंभीरता के साथ सर्वे किया जाए। परिवार के जिन सदस्यों ने टीकाकरण करवा लिया है, उनके वैक्सीनेशन प्रमाणपत्र देखे जाएं। जिन लोगों ने दूसरा डोज नहीं लगवाया है, उनको अपने नजदीकी केंद्र पर पहुंच दूसरा डोज लगवाने के लिए प्रेरित किया जाए।
घर-घर टीम भेजकर जांच कराई जा रही है। मंगलवार को सामने आए डेंगू के संदिग्ध मरीज की एलाइजा रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। इसके बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। झोलाछाप पर कार्रवाई के लिए भी टीम को निर्देशित किया गया है। - डॉ. विनय कुमार, सीएमओ
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बुलंदशहर। बुखार के सीजन में जिला अस्पताल में मरीजों की भीड़ और चिकित्सक व स्टाफ की कमी के कारण लोग झोलाछाप से इलाज कराने के लिए मजबूर हो रहे हैं। स्थिति यह है कि गांव-गांव बुखार और अन्य बीमारियों से पीड़ित लोग अपंजीकृत चिकित्सकों से इलाज करवा रहे हैं।
गांव कैलावन निवासी बुखार पीड़ित राहुल शर्मा ने बताया कि बड़ी संख्या में लोगों को ठंड के साथ बुखार है। स्वास्थ्य विभाग की कोई टीम जांच के लिए नहीं आई। झोलाछाप चिकित्सक मलेरिया की दवा भी दे रहे हैं लेकिन विभाग के आंकड़ों में मलेरिया नहीं है। स्थिति यह है कि विभाग भले ही घर-घर जाकर सर्वे की बाद कह रहा हो लेकिन सर्वे में जहां एक फीसदी लोगों को भी बुखार की पुष्टि नहीं हो रही है, वहीं झोलाछाप के पास मरीजों की भरमार है। ऐसे में वह भी लोगों से इलाज के नाम पर मोटी रकम वसूल रहे हैं। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की कुल 1416 टीमों ने घर-घर जाकर 76,881 लोगों के स्वास्थ्य की जांच की। इस दौरान 208 लोग बुखार से पीड़ित मिले।
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बोले लोग
बड़ी संख्या में लोग बुखार से ग्रस्त हैं। जो सक्षम हैं वह मरीज सरकारी अस्पताल न जाकर निजी अस्पतालों में उपचार करा रहे हैं। जबकि गरीब व मजदूर लोग झोलाछाप से दवा ले रहे हैं। विभाग भी झोलाछाप पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। - पवन कुमार शर्मा
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प्रत्येक तीसरे घर में कोई न कोई व्यक्ति बुखार से पीड़ित है। इससे बुखार के प्रकोप का अंदाजा लगाया जा सकता है। अस्पतालों में लगी मरीजों की भीड़ के कारण गांव-गांव झोलाछाप सक्रिय हो गए हैं जो इलाज के नाम पर मोटी रकम वसूल रहे हैं। - अनुपम यादव
डेंगू का संदिग्ध मरीज मिला
बुलंदशहर। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. बीके श्रीवास्तव ने बताया कि सदर तहसील के एक गांव की एक किशोरी को बुखार के चलते सोमवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां चिकित्सकों ने डेंगू के लिए उसका एनएस 1 किट से टेस्ट किया तो रिपोर्ट पॉजिटिव आई। पीड़िता का सैंपल एलाइजा टेस्ट के लिए मेरठ भेजा गया है। किशोरी को भी मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। संवाद
संयुक्त निदेशक ने किया घर-घर सर्वे का निरीक्षण
संयुक्त निदेशक डॉ. संगीता ने जिले में घर-घर किए जा रहे सर्वे का निरीक्षण किया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर सर्वे करते हुए मिली। संयुक्त निदेशक ने टीम को निर्देशित करते हुए कहा कि अभियान में पूरी गंभीरता के साथ सर्वे किया जाए। परिवार के जिन सदस्यों ने टीकाकरण करवा लिया है, उनके वैक्सीनेशन प्रमाणपत्र देखे जाएं। जिन लोगों ने दूसरा डोज नहीं लगवाया है, उनको अपने नजदीकी केंद्र पर पहुंच दूसरा डोज लगवाने के लिए प्रेरित किया जाए।
घर-घर टीम भेजकर जांच कराई जा रही है। मंगलवार को सामने आए डेंगू के संदिग्ध मरीज की एलाइजा रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। इसके बाद ही कुछ कहा जा सकेगा। झोलाछाप पर कार्रवाई के लिए भी टीम को निर्देशित किया गया है। - डॉ. विनय कुमार, सीएमओ