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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   Farmers took out tractor rally to increase the price of sugarcane and paddy.

Bulandshahar News: गन्ना व धान का मूल्य बढ़ाने के लिए किसानों ने निकाली ट्रैक्टर रैली

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 22 Sep 2024 04:34 AM IST
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बुलंदशहर। गन्ना व धान का मूल्य बढ़ाने समेत अन्य मांगों व किसानों की समस्याओं को लेकर भाकियू टिकैत के कार्यकर्ताओं ने शहर में ट्रैक्टर रैली निकाली। भूड़ चौराहे से ट्रैक्टर रैली निकालकर किसान प्रदर्शन करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे और चार घंटे तक कलक्ट्रेट गेट पर धरना प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। किसानों ने प्रदर्शन करते हुए बिजली, परिवहन, पुलिस अधिकारियों को मौके पर बुलाया और अपनी समस्याओं से अवगत कराया। करीब चार घंटे बाद किसानों को अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि जल्द ही समस्याओं का समाधान किया जाएगा, इसके चलते धरना प्रदर्शन समाप्त हुआ।
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भारतीय किसान यूनियन टिकैत के बैनर तले जिले भर के किसान ट्रैक्टर लेकर दोपहर एक बजे भूड़ चौराहा पर एकत्रित हुए। यहां पर करीब 300 से अधिक ट्रैक्टर लेकर काफी संख्या में किसान पहुंच गए। इस दौरान किसानों की महापंचायत हुई। फिर यहां से वह करीब दो बजे ट्रैक्टरों में सवार होकर कलक्ट्रेट की ओर नारेबाजी करते हुए चल दिए। वह करीब चार बजे कलक्ट्रेट पर पहुंचे और गेट के आसपास ट्रैक्टर खड़े कर धरने पर बैठ गए। भारतीय किसान यूनियन के नेता बब्बन चौधरी और दीपक चौधरी ने बताया कि किसानों की सरकार से मांग है कि गन्ने का 500 रुपये प्रति क्विंटल मूल्य किया जाए। धान का रेट बढ़ाया जाए, प्राइवेट स्कूलों में हो रही मनमानी को रोका जाए, किसानोंं के स्कूल व कॉलेज में अध्ययनरत बच्चों को पढ़ाई के लिए 50 फीसदी फीस पर सब्सिडी दी जाए। गांव की वर्तमान आबादी का सर्वे कराकर घरों की घरौनी बनाई जाए। सिकंदराबाद व खुर्जा के किसानों की जमीन का सर्किल रेट बढ़ाया जाए। किसानों से प्लांट पर दूध 70 रुपये प्रति किलो की दर से खरीदा जाए। बारिश से खराब फसलों का मुआवजा दिया जाए। थानों पर झूठी शिकायत रोकी जाएं। ओवरलोड ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई जाए। जर्जर लाइनों को बदला जाए और नार्मल कनेक्शन की मंजूरी खोली जाए। भूमाफियाओं पर नकेल कसी जाए और अवैध खनन पर रोक लगाई जाए। एआरटीओ कार्यालय में दलाली रोकी जाए और चकबंदी समेत सभी विभागों में चल रहे भ्रष्टाचार को रोका जाए। कहा कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण किसान आए दिन सरकारी कार्यालय के चक्कर काटने के लिए मजबूर हैं और दलालों के काम किए जा रहे हैं। महापंचायत की अध्यक्षता गजराज सिंह ने की और संचालन योगेंद्र सिंह ने किया।
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किसान अपनी मांग और समस्याओं के निराकरण के लिए अड़ गए। सिटी मजिस्ट्रेट के समझाने पर भी जब किसान शांत नहीं हुए तो एडीएम वित्त अभिषेक कुमार और एसपी सिटी शंकर प्रसाद ने मौके पर पहुंचकर किसानों को समझाया। कलक्ट्रेट गेट पर ही किसानों, बिजली, परिवहन विभाग के अधिकारियों के बीच वार्ता हुई और आश्वासन दिया कि दो सप्ताह में समस्याओं का समाधान कराया जाएगा। इसके बाद ही वह धरने समाप्त करने के लिए राजी हुए। धरना समाप्त होने पर किसानों ने 16 सूत्रीय मांगों को लेकर एडीएम वित्त को ज्ञापन सौंपा। साथ ही चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही मांगों का समाधान नहीं हुआ तो वह अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन के लिए मजबूर होंगे।
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चार घंटे तक जाम से जूझे शहर के लोग

किसानों की ट्रैक्टर रैली और प्रदर्शन के चलते शहर करीब चार घंटे तक जाम से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। इस दौरान सबसे पहले भूड़ चौराहे पर जाम लगा और उसके बाद कालाआम पर जाम लगना शुरू हो गया। कलक्ट्रेट के गेट पर धरने पर बैठे किसान और खड़े किए गए ट्रैक्टरों से कालाआम, शनिदेव मंदिर रोड और लल्ला बाबू चौराहा रोड पर वाहनों की लंबी-लंबी लाइन लग गई। जबकि कालाआम से गुजरने वाले डीएम रोड, भूड़ चौराहा, अस्पताल रोड और कलेक्ट्रेट रोड पर भी वाहन फंस गए और लंबी-लंबी लाइन गई। वाहन चालकाें को जाम के चलते दूसरे मार्गों का सहारा लेना पड़ा। इस दौरान पुलिस के भी पसीने छूटते दिखाई दिए। करीब छह बजे के बाद ही जाम से निजात मिल सकी।
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