फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   farmers in disaster

मूल न ब्याज, आफत में किसान

Thu, 25 Aug 2016 10:17 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/बुलंदशहर
अमर उजाला ब्यूरो/बुलंदशहर Updated Thu, 25 Aug 2016 10:17 PM IST
विज्ञापन
farmers in disaster
गन्ना - फोटो : ब्यूरो

चीनी मिल मालिक किसानों का करोड़ों रुपये दबाए बैठे हैं तो ब्याज को सरकार माफ कर रही है। वहीं किसानों से सोसायटी द्वारा खाद पर भी ब्याज लिया जा रहा है और बिजली के बिल पर भी। अब हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद किसानों को बकाये पर ब्याज मिलने की आस बंधी है।

विज्ञापन


हापुड़ की ब्रजनाथपुर और सिंभावली शुगर मिल पर स्याना और गुलावठी के किसानों का करीब 60 करोड़ रुपये बकाया है। इस बकाये पर ब्याज तो दूर, मूलधन भी मिलना मुश्किल हो रहा है। किसानों को इस बकाए पर चीनी मिल मालिकों द्वारा कोई ब्याज भी नहीं दिया जा रहा है, जबकि सोसायटी द्वारा दिए गए खाद पर ब्याज समेत पैसा काट लिया जाता है।
विज्ञापन


इसी प्रकार बिजली विभाग द्वारा चक्रवृद्धि ब्याज से बिल वसूला जाता है। हालांकि, जनपद की चीनी मिलों द्वारा किसानों का भुगतान कर दिया गया है। सिर्फ अनामिका शुगर मिल पर अब डेढ़ करोड़ रुपये बकाया है। दावा है कि यह बकाया भी अगले तीन-चार दिनों में पटाया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


चीनी मिलों पर फंसे बकाये पर किसानों को मिलने वाला करीब सात से आठ करोड़ का ब्याज भी सरकार द्वारा माफ कर दिया गया है। अब हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद किसानों को बकाये पर ब्याज की उम्मीद बंधी है।

मिल प्रबंधन पर एफआईआर और कुर्की की तैयारी
भाकियू नेताओं के तेवर देख जिला गन्ना अधिकारी की तरफ से ब्रजनाथपुर और सिंभावली चीनी मिल प्रबंधन के खिलाफ आरसी जारी कर दी गई है। सिंभावली चीनी मिल प्रबंधन के खिलाफ 3/7 में एफआईआर दर्ज कराई गई है। इसके अलावा ब्रजनाथपुर चीनी मिल की संपति कुर्की की तैयारी भी शुरू कर दी गई है।

वहीं, भाकियू प्रदेश सचिव मांगेराम त्यागी और जिलाध्यक्ष कैप्टन विशन सिंह सिरोही ने बताया कि सोमवार से यूनियन डीएम दफ्तर के बाहर भट्ठी चलाकर अपना डेरा जमा लेगी। न तो डीएम को दफ्तर के अंदर जाने दिया जाएगा और न ही कोई काम करने दिया जाएगा।

भाकियू पांच  सितंबर को करेगी महापंचायत
गन्ने के बकाया मूल तथा अन्य मांगों को लेकर पांच सितंबर को शहीद स्मारक के प्रांगण में भारतीय किसान यूनियन की महापंचायत होगी। यह निर्णय बृहस्पतिवार को ब्लॉक परिसर में हुई भाकियू की पंचायत में लिया गया। चौ.वीरपाल सिंह तेवतिया ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार को केवल पूंजीपतियों की फिक्र है।


बदरे आलम ने कहा कि सरकार की नीतियों ने किसानों को बर्बाद कर दिया है। पंचायत में राजेंद्र सिंह, सेंसरपाल, डॉ.शाकिर अली, दिनेश सिंह, लक्ष्मी नारायण, गुलजार खां, राजकुमार, राजीव, तेजवीर आदि मौजूद रहे। अध्यक्षता डॉ.शाकिर अली ने की तथा संचालन बदरे आलम ने किया।  

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed