फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   Exclusive: Industries set up in the district led to an increase in GDP and per capita income

एक्सक्लूसिव : जिले में लगे उद्योग तो जीडीपी और प्रति व्यक्ति आय में हुई बढ़ोतरी

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 09 Jan 2025 11:28 PM IST
विज्ञापन
Exclusive: Industries set up in the district led to an increase in GDP and per capita income
बुलंदशहर। जिले में औद्योगिक गतिविधियों में इजाफा होने का सीधा असर जिले की जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) और प्रति व्यक्ति आय पर पड़ रहा है। वर्ष 2019-20 से 2022-23 तक जिले में जीडीपी की रफ्तार औसतन 15 फीसदी की दर से बढ़ी है, इसके चलते जीडीपी 34,613 करोड़ से बढ़कर 45,013 करोड़ पर पहुंच गई। इस दौरान प्रति व्यक्ति आय 86,059 रुपये से बढ़कर 1,11,917 रुपये पर पहुंच गई है।
विज्ञापन


सांख्यिकी विभाग के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2019-20 के दौरान जिले का सकल घरेलू उत्पाद 34,613 करोड़ रुपये था। जबकि वर्ष 2022-23 में 15 फीसदी की दर से बढ़ते हुए यह 45,013 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इन चार साल के दौरान जिले की जीडीपी में रिकॉर्ड 10,400 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है। जिले की जीडीपी में बढोत्तरी में कृषि, पशुधन से आय ने सबसे अधिक योगदान दिया है। हालांकि वानिकी और लट्ठा बनाने से आय इस दौरान गिरकर 516.63 करोड़ से घटकर 471.07 करोड़ पर पहुंच गई है। वित्त वर्ष 2020-21 में कोरोना महामारी के चलते जिले की सकल जीडीपी 2,116 करोड़ रुपये घटी थी, लेकिन महामारी से उबरने के बाद जिले में जीडीपी ने तेज रफ्तार पकड़ी। कोविड महामारी से पहले वर्ष 2019-20 में जिले में प्रति व्यक्ति आय 86,059 रुपये थी, जो महामारी के दौरान घटकर 80,239 पर पहुंच गई थी, लेकिन वर्ष 2022-23 तक इसमें 17.92 फीसदी की दर से बढ़ोत्तरी हुई और यह 1,11,917 रुपये पर पहुंच गई। यह प्रदेश की कुल जीडीपी 22,58,040 में कुल 1.99 फीसदी का योगदान करती है।
विज्ञापन


कृषि, पशुधन से होती है 16 हजार करोड़ की आय
जिले की जीडीपी में सबसे अधिक 16,151 करोड़ रुपये के साथ कृषि, पशुधन, वानिकी एवं मतस्यन से योगदान मिलता है। वर्ष 2019-20 के दौरान जहां इस क्षेत्र से 12,354.45 करोड़ रुपये की आय होती थी, वहीं 2022-23 में यह बढ़कर 16,151.29 करोड़ पर पहुंच गई है। इसी प्रकार विनिर्माण से 5,546.52 करोड़, विद्युत, गैस तथा जल संपूर्ति से 1894.23 करोड़, व्यापार, मरम्मत, होटल व जलपान गृह से 2,965.05 करोड़, परिवहन, संग्रहण तथा संचार से 2,720.25 करोड़ रुपये की आय हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन


मंडल में बुलंदशहर चौथे पायदान पर
वित्त वर्ष 2022-23 में मेरठ मंडल में सर्वाधिक जीडीपी के मामले में जिला बुलंदशहर चौथे स्थान पर है। मंडल में सबसे अधिक जीडीपी के मामले में 1,68,719 करोड़ रुपये के साथ गौतमबुद्धनगर पहले पायदान पर है। जबकि 1,20,228 रुपये के साथ गाजियाबाद दूसरे, 57,666 रुपये के साथ मेरठ तीसरे, 45,013 करोड़ रुपये के साथ बुलंदशहर चौथे, 19,495 करोड़ रुपये के साथ हापुड़ पांचवें और 15,461 करोड़ रुपये के साथ बागपत छठे स्थान पर है।


ऐसे होता है जीडीपी का आंकलन
खेती, पशुधन, वानिकी समेत अन्य माध्यम से जिले में प्राप्त होने वाली औसतन आय को एकत्रित कर जोड़ा जाता है। इससे जिले की सकल जीडीपी तैयार होती है। अर्थशास्त्री ओपी सिंह के मुताबिक यह जिले के आर्थिक परिदृश्य और निवेश प्रोत्साहनों के आंकलन पर आधारित होती है। इसी जीडीपी के आधार पर जिले में प्रति व्यक्ति आय की गणना की जाती है।

2019-20 से 2022-23 में जीडीपी और प्रति व्यक्ति आय की स्थिति -----
वित्त वर्ष

जीडीपी (करोड़ में)
प्रति व्यक्ति आय

2019-20

34,613

86,059


2020-21

32,497

80,239

2021-22

37,535

92,908

2022-23

45013

1,11,917
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed