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शोहदों पर होती कार्रवाई तो नहीं छूटती बेटियों की पढ़ाई
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शोहदों पर होती कार्रवाई तो नहीं छूटती बेटियों की पढ़ाई
बुलंदशहर। पुलिस ने शोहदों पर कार्रवाई की होती तो जहांगीराबाद क्षेत्र के 10 गांवों की लगभग 25 हजार की आबादी में रह रहीं ज्यादातर बेटियां आठवीं के बाद से पढ़ाई नहीं छोड़ी होतीं। मामला जनवरी 2021 का है। शिवाली स्कूल से साइकिल से लौट रही भिरौली गांव की दो बेटियों के साथ रास्ते में शोहदों ने छेड़छाड़ की थी। उन्हें बचाने आए गांव के ही 11वीं के छात्र सन्नी को भी शोहदों ने पीटा था। शोहदे तो आजाद घूमते रहे लेकिन दो बेटियों और उन्हें बचाने आए छात्र को डर से स्कूल छोड़ना पड़ा।
गांव भिरौली के लोगों ने बताया कि घटना के बाद सन्नी ने गांव में सूचना दी तो काफी संख्या में लोग वहां पहुंच गए थे। सन्नी ने जहांगीराबाद थाने में घटना की तहरीर भी दी थी। रिपोर्ट दर्ज की गई, लेकिन किसी पर कार्रवाई नहीं हुई। बाद में करीब 10 गांव के लोगों की पंचायत हुई। पंचायत में काफी लोग जुटे थे। उसमें फैसला करा दिया गया। चौपाल पर बैठे अरुण कुमार ने कहा कि पुलिस ने शोहदों के खिलाफ कार्रवाई की होती तो आज गांव की बेटियां पढ़ने के लिए जा रही होतीं।
डर से सन्नी ने छोड़ दिया गांव
भिरौली गांव निवासी सन्नी के मामा राजेश कुमार ने बताया कि बहन की मौत के बाद वह उनके पास रहकर पढ़ रहा था। शोहदों का विरोध करना उसे भारी पड़ा। वह पढ़ना चाहता था लेकिन शोहदों ने उसे रास्ते में रोककर कई बार बुरी तरह पिटाई की। डर के कारण उसने स्कूल जाना बंद कर दिया। अब वह दिल्ली में रहकर काम कर रहा है। राजेश का कहना है कि जुलाई में दिल्ली में ही उसका दाखिला कराने की तैयारी है।
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घटना के बाद से डर रहे लोग
अरुण कुमार ने बताया कि जनवरी 2021 की घटना के बाद से गांव के लोग बेटियों को स्कूल भेजने में डरते हैं। कक्षा आठ के बाद गांव में पढ़ाई की कोई व्यवस्था नहीं है। 12 से 15 किलोमीटर दूर स्कूल जाने के लिए कोई संसाधन भी नहीं है। उसी समय पुलिस को शोहदों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए थी लेकिन वह शांत रही।
बेटियों के लिए सुरक्षित नहीं हैं यहां के रास्ते
भिरौली गांव निवासी रूप कुमार ने बताया कि उनकी बेटी ने हाई स्कूल की परीक्षा दी है। शोहदों के डर से वह बेटी को गांव में नहीं पढ़ाएंगे। दिल्ली में अपने छोटे भाई के पास पढ़ने के लिए भेजेंगे, जहां वह सुरक्षित रहकर पढ़ाई कर सकती है। यहां रास्ते में बेटियों के लिए सुरक्षित नहीं हैं। उन्हें लेकर डर बना रहता है।
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बुलंदशहर। पुलिस ने शोहदों पर कार्रवाई की होती तो जहांगीराबाद क्षेत्र के 10 गांवों की लगभग 25 हजार की आबादी में रह रहीं ज्यादातर बेटियां आठवीं के बाद से पढ़ाई नहीं छोड़ी होतीं। मामला जनवरी 2021 का है। शिवाली स्कूल से साइकिल से लौट रही भिरौली गांव की दो बेटियों के साथ रास्ते में शोहदों ने छेड़छाड़ की थी। उन्हें बचाने आए गांव के ही 11वीं के छात्र सन्नी को भी शोहदों ने पीटा था। शोहदे तो आजाद घूमते रहे लेकिन दो बेटियों और उन्हें बचाने आए छात्र को डर से स्कूल छोड़ना पड़ा।
गांव भिरौली के लोगों ने बताया कि घटना के बाद सन्नी ने गांव में सूचना दी तो काफी संख्या में लोग वहां पहुंच गए थे। सन्नी ने जहांगीराबाद थाने में घटना की तहरीर भी दी थी। रिपोर्ट दर्ज की गई, लेकिन किसी पर कार्रवाई नहीं हुई। बाद में करीब 10 गांव के लोगों की पंचायत हुई। पंचायत में काफी लोग जुटे थे। उसमें फैसला करा दिया गया। चौपाल पर बैठे अरुण कुमार ने कहा कि पुलिस ने शोहदों के खिलाफ कार्रवाई की होती तो आज गांव की बेटियां पढ़ने के लिए जा रही होतीं।
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डर से सन्नी ने छोड़ दिया गांव
भिरौली गांव निवासी सन्नी के मामा राजेश कुमार ने बताया कि बहन की मौत के बाद वह उनके पास रहकर पढ़ रहा था। शोहदों का विरोध करना उसे भारी पड़ा। वह पढ़ना चाहता था लेकिन शोहदों ने उसे रास्ते में रोककर कई बार बुरी तरह पिटाई की। डर के कारण उसने स्कूल जाना बंद कर दिया। अब वह दिल्ली में रहकर काम कर रहा है। राजेश का कहना है कि जुलाई में दिल्ली में ही उसका दाखिला कराने की तैयारी है।
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घटना के बाद से डर रहे लोग
अरुण कुमार ने बताया कि जनवरी 2021 की घटना के बाद से गांव के लोग बेटियों को स्कूल भेजने में डरते हैं। कक्षा आठ के बाद गांव में पढ़ाई की कोई व्यवस्था नहीं है। 12 से 15 किलोमीटर दूर स्कूल जाने के लिए कोई संसाधन भी नहीं है। उसी समय पुलिस को शोहदों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए थी लेकिन वह शांत रही।
बेटियों के लिए सुरक्षित नहीं हैं यहां के रास्ते
भिरौली गांव निवासी रूप कुमार ने बताया कि उनकी बेटी ने हाई स्कूल की परीक्षा दी है। शोहदों के डर से वह बेटी को गांव में नहीं पढ़ाएंगे। दिल्ली में अपने छोटे भाई के पास पढ़ने के लिए भेजेंगे, जहां वह सुरक्षित रहकर पढ़ाई कर सकती है। यहां रास्ते में बेटियों के लिए सुरक्षित नहीं हैं। उन्हें लेकर डर बना रहता है।