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अब पहासू में 20 लाख के बिल कर दिए गए डिलीट
अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Sat, 09 Jan 2016 10:25 PM IST
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बिजली बिल डिलीट का जिन्न एक बार फिर बाहर निकल आया है। बुलंदशहर, खुर्जा के बाद अब पहासू में 20 लाख रुपये के बिल डिलीट कर दिए गए।
खास बात यह है कि एसटीएफ लखनऊ के पुराने बिल डिलीट घोटालों की जांच के दौरान यह खुलासा हुआ है। वहीं, एसई ने एक्सईएन टेस्ट को मामले की जांच सौंपी है।
जानकारी के मुताबिक खुर्जा खंड के पहासू टाउन के करीब 170 बिलों का करीब 20 लाख रुपये अफसरों की सांठगांठ से डिलीट कर दिया। यह सभी बिल पिछले साल डिलीट किए गए।
इन सभी बिलों पर कारपोरेशन का लाखों-लाखों रुपया बकाया चल रहा था। बुलंदशहर, खुर्जा के बाद अब पहासू में बिल डिलीट का नया मामला सामने आने के बाद पावर कारपोरेशन में हड़कंप मच गया है।
बिल डिलीट फर्जीवाड़ा खुलने के बाद कारपोरेशन अफसर हरकत में आ गए हैं। आनन-फानन में अधीक्षण अभियंता ने मामले की जांच एक्सईएन टेस्ट रामबाबू को सौंपी है।
पांच करोड़ के डिलीट हुए थे बिल
जनपद में बिजली बिल डिलीट करने का सिलसिला काफी पुराना है। सबसे पहले वर्ष 2012 में मामला सामने आया था। तब बुलंदशहर और खुर्जा के 896 उपभोक्ताओं के करीब डेढ़ करोड़ रुपये के बिल डिलीट हुए थे।
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इसके बाद बुलंदशहर में ही सिलसिलेवार तरीके से करीब ढाई करोड़ रुपये के बिल कई काउंटरों से डिलीट किए गए थे। एसडीओ टाउन समेत कई बाबुओं की आईडी का दुरुपयोग किया गया। पूरे मामले की जांच एसपी विजिलेंस को सौंपी गई थी। बाद में जांच एसटीएफ लखनऊ के सुपुर्द कर दिया गया था।
पहासू में बिजली के बिलों में फर्जीवाड़े की जानकारी मिलते ही इसकी जांच के निर्देश दिए गए हैं। एक्सईएन टेस्ट रामबाबू को पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं। दोषी कर्मियों और अफसरों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - एके चौधरी, अधीक्षण अभियंता
फिर स्टोर मिली लाखों की रीडिंग, एफआईआर के निर्देश
बिजली मीटरों में रीडिंग स्टोर करने का खेल पैर पसारते जा रहा है। करीब डेढ़ करोड़ रुपये की स्टोर रीडिंग पकड़ में आने के बाद फिर लाखों रुपये की स्टोर रीडिंग पकड़ी गई हैं।
बता दें कि नगर क्षेत्र में नवंबर माह में करीब डेढ़ करोड़ रुपये की रीडिंग मीटरों में स्टोर पकड़ी गई थी। मामले की जांच अभी चल रही थी कि एक बार फिर बड़ी संख्या में मीटरों में स्टोर रीडिंग पकड़ी गई हैं।
एक्सईएन टेस्ट रामबाबू ने बताया कि छापेमारी के दौरान 19 ऐसे मीटर पकड़े गए हैं, जिनमें लाखों रुपये की रीडिंग स्टोर थी। इसके अलावा 29 टैंपर्ड मीटर मिले हैं। आरोपी मीटर रीडरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। उपभोक्ताओं से जुर्माना वसूला जाएगा।
विभाग में पैसा नहीं, बाबू बांट रहे चेक
पावर कारपोरेशन के खाते में पैसा नहीं होने के बावजूद कमीशन के चक्कर में बाबू चेक काटे जा रहे हैं। चेक बाउंस होने के बाद विभागीय अफसरों की फजीहत बढ़ रही है।
जानकारी के मुताबिक बाबुओं ने कमीशन के चक्कर में स्याना खंड में पांच लाख रुपये का चेक सत्यम कंप्यूटर्स फर्म के नाम से काट दिया। जबकि सत्यम कंप्यूटर्स द्वारा किए गए काम का भुगतान अभी शासन से नहीं आया है।
विभाग के खाते में भी इतना पैसा नहीं था। इसके बावजूद फर्म संचालक से जल्दी कमीशन वसूलने के चक्कर में बाबू फर्जी तरीके से चेक काट रहे हैं। सत्यम कंप्यूटर्स को काटा गया चेक बाउंस हो गया।
बैंक से इसकी रिपोर्ट विभागीय अफसरों को भेजी गई। चेक बाउंस होने के बाद अब अफसर अपनी बगलें झांक रहे हैं। अधीक्षण अभियंता राकेश कुशवाहा ने बताया कि वह पूरे मामले पर एक्सईएन स्याना से रिपोर्ट तलब करेंगे। यदि शासन से भुगतान हुए बिना ही फर्म को चेक दिया गया है तो आरोपी कर्मी के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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खास बात यह है कि एसटीएफ लखनऊ के पुराने बिल डिलीट घोटालों की जांच के दौरान यह खुलासा हुआ है। वहीं, एसई ने एक्सईएन टेस्ट को मामले की जांच सौंपी है।
जानकारी के मुताबिक खुर्जा खंड के पहासू टाउन के करीब 170 बिलों का करीब 20 लाख रुपये अफसरों की सांठगांठ से डिलीट कर दिया। यह सभी बिल पिछले साल डिलीट किए गए।
इन सभी बिलों पर कारपोरेशन का लाखों-लाखों रुपया बकाया चल रहा था। बुलंदशहर, खुर्जा के बाद अब पहासू में बिल डिलीट का नया मामला सामने आने के बाद पावर कारपोरेशन में हड़कंप मच गया है।
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बिल डिलीट फर्जीवाड़ा खुलने के बाद कारपोरेशन अफसर हरकत में आ गए हैं। आनन-फानन में अधीक्षण अभियंता ने मामले की जांच एक्सईएन टेस्ट रामबाबू को सौंपी है।
पांच करोड़ के डिलीट हुए थे बिल
जनपद में बिजली बिल डिलीट करने का सिलसिला काफी पुराना है। सबसे पहले वर्ष 2012 में मामला सामने आया था। तब बुलंदशहर और खुर्जा के 896 उपभोक्ताओं के करीब डेढ़ करोड़ रुपये के बिल डिलीट हुए थे।
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इसके बाद बुलंदशहर में ही सिलसिलेवार तरीके से करीब ढाई करोड़ रुपये के बिल कई काउंटरों से डिलीट किए गए थे। एसडीओ टाउन समेत कई बाबुओं की आईडी का दुरुपयोग किया गया। पूरे मामले की जांच एसपी विजिलेंस को सौंपी गई थी। बाद में जांच एसटीएफ लखनऊ के सुपुर्द कर दिया गया था।
पहासू में बिजली के बिलों में फर्जीवाड़े की जानकारी मिलते ही इसकी जांच के निर्देश दिए गए हैं। एक्सईएन टेस्ट रामबाबू को पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं। दोषी कर्मियों और अफसरों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - एके चौधरी, अधीक्षण अभियंता
फिर स्टोर मिली लाखों की रीडिंग, एफआईआर के निर्देश
बिजली मीटरों में रीडिंग स्टोर करने का खेल पैर पसारते जा रहा है। करीब डेढ़ करोड़ रुपये की स्टोर रीडिंग पकड़ में आने के बाद फिर लाखों रुपये की स्टोर रीडिंग पकड़ी गई हैं।
बता दें कि नगर क्षेत्र में नवंबर माह में करीब डेढ़ करोड़ रुपये की रीडिंग मीटरों में स्टोर पकड़ी गई थी। मामले की जांच अभी चल रही थी कि एक बार फिर बड़ी संख्या में मीटरों में स्टोर रीडिंग पकड़ी गई हैं।
एक्सईएन टेस्ट रामबाबू ने बताया कि छापेमारी के दौरान 19 ऐसे मीटर पकड़े गए हैं, जिनमें लाखों रुपये की रीडिंग स्टोर थी। इसके अलावा 29 टैंपर्ड मीटर मिले हैं। आरोपी मीटर रीडरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। उपभोक्ताओं से जुर्माना वसूला जाएगा।
विभाग में पैसा नहीं, बाबू बांट रहे चेक
पावर कारपोरेशन के खाते में पैसा नहीं होने के बावजूद कमीशन के चक्कर में बाबू चेक काटे जा रहे हैं। चेक बाउंस होने के बाद विभागीय अफसरों की फजीहत बढ़ रही है।
जानकारी के मुताबिक बाबुओं ने कमीशन के चक्कर में स्याना खंड में पांच लाख रुपये का चेक सत्यम कंप्यूटर्स फर्म के नाम से काट दिया। जबकि सत्यम कंप्यूटर्स द्वारा किए गए काम का भुगतान अभी शासन से नहीं आया है।
विभाग के खाते में भी इतना पैसा नहीं था। इसके बावजूद फर्म संचालक से जल्दी कमीशन वसूलने के चक्कर में बाबू फर्जी तरीके से चेक काट रहे हैं। सत्यम कंप्यूटर्स को काटा गया चेक बाउंस हो गया।
बैंक से इसकी रिपोर्ट विभागीय अफसरों को भेजी गई। चेक बाउंस होने के बाद अब अफसर अपनी बगलें झांक रहे हैं। अधीक्षण अभियंता राकेश कुशवाहा ने बताया कि वह पूरे मामले पर एक्सईएन स्याना से रिपोर्ट तलब करेंगे। यदि शासन से भुगतान हुए बिना ही फर्म को चेक दिया गया है तो आरोपी कर्मी के खिलाफ कार्रवाई होगी।