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डिबाई-राजघाट रूट पर दो माह बाद दौडे़गी पहली इलेक्ट्रिक ट्रेन
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डिबाई-राजघाट रूट पर दो माह बाद दौडे़गी पहली इलेक्ट्रिक ट्रेन
डिबाई। दो माह बाद तहसील क्षेत्र से गुजरने वाले रेलवे ट्रैक पर पहली इलेक्ट्रिक ट्रेन का संचालन होगा। इसके लिए ा राजघाट से अलीगढ़ के हरदुआगंज तक विद्युतीकरण किया जा रहा है।
रेलवे विभाग ने मुरादाबाद मंडल के चंदौसी-अलीगढ़ रूट पर इलेक्ट्रिक ट्रेन चलाने की तैयारी पूरी कर ली है। करीब दो वर्षों से चल रहे कार्य को पूरा करने के लिए मार्च 2021 की समयावधि तय की गई थी, लेकिन कोविड के कारण कार्य समयावधि में पूरा नहीं हो सका। अब अगस्त माह के अंत तक कार्य पूरा होने की संभावना है। इलेक्ट्रिक इंजन की क्षमता के अनुसार लाइन बिछाने के बाद 25 केवीए की सप्लाई देकर एक बार टेस्टिंग की जा चुकी है। ट्रेन चलाने के लिए लाइन टेस्टिंग की तैयारी भी की गई है। अधिकारी रेलवे के सेफ्टी कमिश्नर द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि यदि कोई खामी रह गई है तो उसे भी पूरा किया जा सके। भविष्य में रूट डायवर्जन होने पर डिबाई व राजघाट स्टेशन की दूरी मात्र पांच किमी रह जाएगी। इससे भविष्य में अधिकारी राजघाट और डिबाई स्टेशन का विलय कर एक स्टेशन बनाने की ओर भी कार्य कर रहे हैं।
147 साल पुराने पुल पर खंभे के डिजाइन का इंतजार
राजघाट पुल का संचालन 5 जून 1874 को शुरू हुआ था। करीब 2640 फीट लंबे 147 साल पुराने पुल से लगातार भारी ट्रेनों के गुजरने के कारण पुल अब काफी कमजोर हो गया है। जिसके चलते अधिकारियों ने इस पुल को डबल लाइन बनाने और उससे पहले पुल पर बिजली के खंभे लगाने के लिए डिजाइन की स्वीकृति मांगी है। डिजाइन को स्वीकृति मिलने पर पुल पर कुल 16 खंभे लगाए जाएंगे।
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इन ट्रेनों का होता है संचालन
अलीगढ़-चंदौसी-बरेली अप डाउन, अलीगढ़-चंदौसी-मुरादाबाद अप डाउन, ऋषिकेश-चंदोसी-आगरा-बांदीकुई अपडाउन, बरेली-चंदौसी आगरा बांदीकुई अपडाउन, लिंक एक्सप्रेस देहरादून-अलीगढ़ प्रयागराज का संचालन होता है। कोरोना से पूर्व सैकड़ों लोग आवागमन करते रहे हैं। साथ ही 15 मालगाड़ियां आंवला में इफको यूरिया फैक्टरी, वीपीएल डिपो और बरेली में इंडियन ऑयल डिपो सेे मथुरा रिफायनरी भंडारण को आने-जाने वाले टैंकरों की रैक प्रतिदिन इसी लाइन से गुजरती है।
तेजी से चल रहा काम
रेलवे लाइन पर विद्युतीकरण कार्य तेजी से किया जा रहा है। लाइन की टेस्टिंग की जा चुकी है, अब पुल पर खंभे लगाने के लिए स्वीकृति के लिए डिजाइन भेजी गई है। दिल्ली और लखनऊ से अनुमति मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- वीरेंद्र कुमार, स्टेशन अधीक्षक, राजघाट
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डिबाई। दो माह बाद तहसील क्षेत्र से गुजरने वाले रेलवे ट्रैक पर पहली इलेक्ट्रिक ट्रेन का संचालन होगा। इसके लिए ा राजघाट से अलीगढ़ के हरदुआगंज तक विद्युतीकरण किया जा रहा है।
रेलवे विभाग ने मुरादाबाद मंडल के चंदौसी-अलीगढ़ रूट पर इलेक्ट्रिक ट्रेन चलाने की तैयारी पूरी कर ली है। करीब दो वर्षों से चल रहे कार्य को पूरा करने के लिए मार्च 2021 की समयावधि तय की गई थी, लेकिन कोविड के कारण कार्य समयावधि में पूरा नहीं हो सका। अब अगस्त माह के अंत तक कार्य पूरा होने की संभावना है। इलेक्ट्रिक इंजन की क्षमता के अनुसार लाइन बिछाने के बाद 25 केवीए की सप्लाई देकर एक बार टेस्टिंग की जा चुकी है। ट्रेन चलाने के लिए लाइन टेस्टिंग की तैयारी भी की गई है। अधिकारी रेलवे के सेफ्टी कमिश्नर द्वारा अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि यदि कोई खामी रह गई है तो उसे भी पूरा किया जा सके। भविष्य में रूट डायवर्जन होने पर डिबाई व राजघाट स्टेशन की दूरी मात्र पांच किमी रह जाएगी। इससे भविष्य में अधिकारी राजघाट और डिबाई स्टेशन का विलय कर एक स्टेशन बनाने की ओर भी कार्य कर रहे हैं।
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147 साल पुराने पुल पर खंभे के डिजाइन का इंतजार
राजघाट पुल का संचालन 5 जून 1874 को शुरू हुआ था। करीब 2640 फीट लंबे 147 साल पुराने पुल से लगातार भारी ट्रेनों के गुजरने के कारण पुल अब काफी कमजोर हो गया है। जिसके चलते अधिकारियों ने इस पुल को डबल लाइन बनाने और उससे पहले पुल पर बिजली के खंभे लगाने के लिए डिजाइन की स्वीकृति मांगी है। डिजाइन को स्वीकृति मिलने पर पुल पर कुल 16 खंभे लगाए जाएंगे।
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इन ट्रेनों का होता है संचालन
अलीगढ़-चंदौसी-बरेली अप डाउन, अलीगढ़-चंदौसी-मुरादाबाद अप डाउन, ऋषिकेश-चंदोसी-आगरा-बांदीकुई अपडाउन, बरेली-चंदौसी आगरा बांदीकुई अपडाउन, लिंक एक्सप्रेस देहरादून-अलीगढ़ प्रयागराज का संचालन होता है। कोरोना से पूर्व सैकड़ों लोग आवागमन करते रहे हैं। साथ ही 15 मालगाड़ियां आंवला में इफको यूरिया फैक्टरी, वीपीएल डिपो और बरेली में इंडियन ऑयल डिपो सेे मथुरा रिफायनरी भंडारण को आने-जाने वाले टैंकरों की रैक प्रतिदिन इसी लाइन से गुजरती है।
तेजी से चल रहा काम
रेलवे लाइन पर विद्युतीकरण कार्य तेजी से किया जा रहा है। लाइन की टेस्टिंग की जा चुकी है, अब पुल पर खंभे लगाने के लिए स्वीकृति के लिए डिजाइन भेजी गई है। दिल्ली और लखनऊ से अनुमति मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- वीरेंद्र कुमार, स्टेशन अधीक्षक, राजघाट