{"_id":"60d375918ebc3e3346788e81","slug":"election-bulandshahr-news-gbd2210015105","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिपं अध्यक्ष चुनाव : दो प्रत्याशियों ने खरीदे नामांकन पत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिपं अध्यक्ष चुनाव : दो प्रत्याशियों ने खरीदे नामांकन पत्र
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिपं अध्यक्ष चुनाव : दो प्रत्याशियों ने खरीदे नामांकन पत्र
बुलंदशहर। जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव को लेकर सरगर्मी जोरों पर है। इस बीच बुधवार को नामांकन से तीन दिन पहले विपक्षी प्रत्याशी के तौर पर पूर्व जिपं अध्यक्ष व एक अन्य सदस्य ने नामांकन पत्र खरीदा, जिसके चलते अब भाजपा प्रत्याशी के निर्दलीय विजेता बनने की संभावनाएं धुंधली हो गई हैं।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए तीन जुलाई को मतदान होना है। सत्ताधारी दल भाजपा के लिए जहां यह चुनाव साख का विषय है तो विपक्ष इसे आने वाले विधानसभा चुनाव के लिए रिहर्सल के तौर पर देख रहा है। अध्यक्ष पद के लिए 26 जून को नामांकन होना है और 29 जून को नाम वापसी की प्रक्रिया होगी, जबकि निर्विरोध किसी प्रत्याशी के न चुने जाने की स्थिति में तीन जुलाई को मतदान कराना निर्धारित किया गया है। नामांकन में तीन दिन शेष बचने पर बुधवार को जिला निर्वाचन कार्यालय में नामांकन पत्रों की बिक्री हुई। अभी तक भाजपा प्रत्याशी डॉ. अंतुल तेवतिया के सामने विपक्ष ने प्रत्याशी घोषित नहीं किया था, लेकिन बुधवार को विपक्ष में पूर्व जिपं अध्यक्ष आशा यादव और जिपं सदस्य गीता चरौरा ने नामांकन पत्र खरीदा है, जिसके चलते अब जिपं अध्यक्ष के लिए मुकाबला काफी कठिन होने वाला है।
सबसे अधिक भाजपा के पास हैं सदस्य
जिला पंचायत के कुल 52 सदस्यों में सबसे अधिक 13 सदस्य भाजपा समर्थित हैं। इनमें से तीन सदस्यों ने हाल ही में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की है। जबकि बसपा समर्थित दस, रालोद समर्थित छह, सपा समर्थित दो और 24 सदस्य निर्दलीय निर्वाचित हुए थे। वहीं, जिपं अध्यक्ष की कुर्सी हासिल करने के लिए न्यूनतम 27 सदस्यों की आवश्यकता होगी। ऐसे में भाजपा को 14 और सदस्यों का वोट हासिल करने के लिए कठिन मेहनत करनी होगी। जबकि विपक्ष में रालोद प्रत्याशी को यदि बसपा का समर्थन मिलता है तो उन्हें केवल नौ सदस्यों को अपनी ओर करना होगा।
विज्ञापन
अध्यक्ष पद के प्रत्याशियों को सुरक्षा देने के निर्देश
जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव काफी संवेदनशील होता है। कई बार समर्थन पाने के लिए जिपं सदस्यों का अपहरण करने जैसी वारदातें भी होती हैं। जिनसे बचाने और जिपं सदस्यों की सुरक्षा के लिए राज्य निर्वाचन आयोग के विशेष कार्याधिकारी एके सिंह ने डीएम व एसएसपी को निर्देश दिए हैं। जारी आदेशों में कहा है कि डीएम व एसएसपी बैठक कर समीक्षा कर लें कि किस प्रत्याशी या सदस्य को सुरक्षा की अधिक आवश्यकता है। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर अधिकारी समीक्षा करने मे लगे हुए हैं।
अभी तक तीन प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र खरीदे हैं। नामांकन कितने प्रत्याशी करेंगे यह 26 जून को ही साफ हो सकेगा। चुनाव की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।
- रामकुमार अत्री, जिला सहायक निर्वाचन अधिकारी
विज्ञापन
बुलंदशहर। जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव को लेकर सरगर्मी जोरों पर है। इस बीच बुधवार को नामांकन से तीन दिन पहले विपक्षी प्रत्याशी के तौर पर पूर्व जिपं अध्यक्ष व एक अन्य सदस्य ने नामांकन पत्र खरीदा, जिसके चलते अब भाजपा प्रत्याशी के निर्दलीय विजेता बनने की संभावनाएं धुंधली हो गई हैं।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए तीन जुलाई को मतदान होना है। सत्ताधारी दल भाजपा के लिए जहां यह चुनाव साख का विषय है तो विपक्ष इसे आने वाले विधानसभा चुनाव के लिए रिहर्सल के तौर पर देख रहा है। अध्यक्ष पद के लिए 26 जून को नामांकन होना है और 29 जून को नाम वापसी की प्रक्रिया होगी, जबकि निर्विरोध किसी प्रत्याशी के न चुने जाने की स्थिति में तीन जुलाई को मतदान कराना निर्धारित किया गया है। नामांकन में तीन दिन शेष बचने पर बुधवार को जिला निर्वाचन कार्यालय में नामांकन पत्रों की बिक्री हुई। अभी तक भाजपा प्रत्याशी डॉ. अंतुल तेवतिया के सामने विपक्ष ने प्रत्याशी घोषित नहीं किया था, लेकिन बुधवार को विपक्ष में पूर्व जिपं अध्यक्ष आशा यादव और जिपं सदस्य गीता चरौरा ने नामांकन पत्र खरीदा है, जिसके चलते अब जिपं अध्यक्ष के लिए मुकाबला काफी कठिन होने वाला है।
विज्ञापन
सबसे अधिक भाजपा के पास हैं सदस्य
जिला पंचायत के कुल 52 सदस्यों में सबसे अधिक 13 सदस्य भाजपा समर्थित हैं। इनमें से तीन सदस्यों ने हाल ही में भाजपा की सदस्यता ग्रहण की है। जबकि बसपा समर्थित दस, रालोद समर्थित छह, सपा समर्थित दो और 24 सदस्य निर्दलीय निर्वाचित हुए थे। वहीं, जिपं अध्यक्ष की कुर्सी हासिल करने के लिए न्यूनतम 27 सदस्यों की आवश्यकता होगी। ऐसे में भाजपा को 14 और सदस्यों का वोट हासिल करने के लिए कठिन मेहनत करनी होगी। जबकि विपक्ष में रालोद प्रत्याशी को यदि बसपा का समर्थन मिलता है तो उन्हें केवल नौ सदस्यों को अपनी ओर करना होगा।
विज्ञापन
अध्यक्ष पद के प्रत्याशियों को सुरक्षा देने के निर्देश
जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव काफी संवेदनशील होता है। कई बार समर्थन पाने के लिए जिपं सदस्यों का अपहरण करने जैसी वारदातें भी होती हैं। जिनसे बचाने और जिपं सदस्यों की सुरक्षा के लिए राज्य निर्वाचन आयोग के विशेष कार्याधिकारी एके सिंह ने डीएम व एसएसपी को निर्देश दिए हैं। जारी आदेशों में कहा है कि डीएम व एसएसपी बैठक कर समीक्षा कर लें कि किस प्रत्याशी या सदस्य को सुरक्षा की अधिक आवश्यकता है। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देश पर अधिकारी समीक्षा करने मे लगे हुए हैं।
अभी तक तीन प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र खरीदे हैं। नामांकन कितने प्रत्याशी करेंगे यह 26 जून को ही साफ हो सकेगा। चुनाव की सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।
- रामकुमार अत्री, जिला सहायक निर्वाचन अधिकारी