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Bulandshahar News: सर्दी का असर, बीपी के मरीजों की बढ़ी दिक्कत
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बुलंदशहर। सर्दी बढ़ने से जहां स्वास्थ्य पर असर पड़ रहा है तो लोगों की नसें सिकुड़ने लगी हैं। ऐसे में ब्लड प्रेशर, एलर्जी और अस्थमा के मरीजों की समस्या भी बढ़ी है। चिकित्सकों का कहना है कि बीपी के मरीजों पर सर्दी में नाक की नसों पर दबाव पड़ने से रक्तस्राव का खतरा रहता है। प्रतिदिन जिला अस्पताल की ओपीडी और इमरजेंसी में 150 से 200 मरीजों का बीपी मापा जा रहा है। इसमें अधिकांश का बीपी बढ़ा हुआ होता है।
सर्दी शुरू होने से लोगों की दिनचर्या और स्वास्थ्य पर असर पड़ना शुरू हो गया है। इस मौसम में सजग न रहने पर लोगों को लापरवाही भारी पड़ सकती है। इस मौसम में नकसीर (इपिस्टैक्सिक्स) से पीड़ित भी मिलने लगे हैं। जिला अस्पताल के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. परवेंद्र सिंह ने बताया कि ब्लड प्रेशर के मरीजों में नकसीर की बीमारी अधिक होती है। क्योंकि नाक की नसें पतली होती हैं और दबाव पड़ने पर फट जाती हैं, इससे ब्लड आने लगता है। साथ ही सर्दी-जुकाम व नजला से पीड़ित बच्चों और एलर्जी के मरीजों को भी परेशानी होने लगी है। प्रतिदिन ओपीडी और इमरजेंसी में ब्लड प्रेशर बढ़े हुए मरीज आ रहे हैं। अधिकांश का ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ मिलता है। कुछ मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। सर्दी के मौसम में सतर्क रहने की जरूरत है। 30 नवंबर को 77, दो दिसंबर को 62, तीन दिसंबर को 67 व चार दिसंबर को 54 मरीजों ने जिला अस्पताल की ओपीडी में ब्लड प्रेशर की जांच करवाई। इसमें 40 फीसदी का ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ मिला।
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मौसमी बीमारी समेत अन्य बीमारी के पहुंचे 1417 मरीज
जिला अस्पताल की ओपीडी में मौसमी बीमारियां समेत अन्य बीमारी के मरीजों की संख्या इन दिनों बढ़ रही है। बुधवार को ओपीडी में 1417 मरीजों ने पंजीकरण करा प्राथमिक उपचार कराया। अधिकांश मरीज वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम, खांसी, पेटदर्द, जोड़ों में दर्द और कुत्ता-बंदर काटे के रहे। चिकित्सा अधिकारी डॉ. पंकज उपाध्याय ने बताया कि इन दिनों बुखार, सर्दी-जुकाम, खांसी, पेटदर्द, जोड़ों में दर्द के मरीज अधिक आ रहे हैं। मरीजों को परामर्श देने के साथ जरूरी जांच कराई जा रही है।
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सर्दी बढ़ गई है। ऐसे में बीमार लोग लापरवाही न करें, सावधानी बरतें। ओपीडी व इमरजेंसी में ब्लड प्रेशर अधिक होने के मरीज आ रहे हैं। सभी का इलाज किया जा रहा है। मौसमी बीमारी के भी मरीज बढ़े हैं। - डॉ. प्रदीप राणा, प्रभारी सीएमएस जिला अस्पताल
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सर्दी शुरू होने से लोगों की दिनचर्या और स्वास्थ्य पर असर पड़ना शुरू हो गया है। इस मौसम में सजग न रहने पर लोगों को लापरवाही भारी पड़ सकती है। इस मौसम में नकसीर (इपिस्टैक्सिक्स) से पीड़ित भी मिलने लगे हैं। जिला अस्पताल के वरिष्ठ परामर्शदाता डॉ. परवेंद्र सिंह ने बताया कि ब्लड प्रेशर के मरीजों में नकसीर की बीमारी अधिक होती है। क्योंकि नाक की नसें पतली होती हैं और दबाव पड़ने पर फट जाती हैं, इससे ब्लड आने लगता है। साथ ही सर्दी-जुकाम व नजला से पीड़ित बच्चों और एलर्जी के मरीजों को भी परेशानी होने लगी है। प्रतिदिन ओपीडी और इमरजेंसी में ब्लड प्रेशर बढ़े हुए मरीज आ रहे हैं। अधिकांश का ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ मिलता है। कुछ मरीजों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। सर्दी के मौसम में सतर्क रहने की जरूरत है। 30 नवंबर को 77, दो दिसंबर को 62, तीन दिसंबर को 67 व चार दिसंबर को 54 मरीजों ने जिला अस्पताल की ओपीडी में ब्लड प्रेशर की जांच करवाई। इसमें 40 फीसदी का ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ मिला।
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मौसमी बीमारी समेत अन्य बीमारी के पहुंचे 1417 मरीज
जिला अस्पताल की ओपीडी में मौसमी बीमारियां समेत अन्य बीमारी के मरीजों की संख्या इन दिनों बढ़ रही है। बुधवार को ओपीडी में 1417 मरीजों ने पंजीकरण करा प्राथमिक उपचार कराया। अधिकांश मरीज वायरल बुखार, सर्दी-जुकाम, खांसी, पेटदर्द, जोड़ों में दर्द और कुत्ता-बंदर काटे के रहे। चिकित्सा अधिकारी डॉ. पंकज उपाध्याय ने बताया कि इन दिनों बुखार, सर्दी-जुकाम, खांसी, पेटदर्द, जोड़ों में दर्द के मरीज अधिक आ रहे हैं। मरीजों को परामर्श देने के साथ जरूरी जांच कराई जा रही है।
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सर्दी बढ़ गई है। ऐसे में बीमार लोग लापरवाही न करें, सावधानी बरतें। ओपीडी व इमरजेंसी में ब्लड प्रेशर अधिक होने के मरीज आ रहे हैं। सभी का इलाज किया जा रहा है। मौसमी बीमारी के भी मरीज बढ़े हैं। - डॉ. प्रदीप राणा, प्रभारी सीएमएस जिला अस्पताल