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खुद ही गिरकर मरा ई-रिक्शा चालक : परिवार

Ghaziabad Bureau गाजियाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 12 Oct 2021 11:21 PM IST
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E rikshwa driver death case
गांव चौढ़ेरा निवासी मृतक गौरीशंकर के परिवार को आर्थिक सहायता दी गई। - फोटो : KHURJA
खुद ही गिरकर मरा ई-रिक्शा चालक : परिवार
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खुर्जा/छतारी (बुलंदशहर)। सोमवार तक पुलिस की पिटाई से ई-रिक्शा चालक की मौत होने का आरोप लगाने वाले परिवार के सुर मंगलवार को अचानक बदल गए। लिखित में पुलिस को दे दिया है कि मंदिर में भीड़ होने के बाद पुलिस के पहुंचने पर गौरीशंकर हड़बड़ाकर गिर गया। इससे छाती में चोट आने और पहले से ही बीमार होने के कारण उसकी मौत हो गई। वहीं, चश्मदीदों का कहना है कि पुलिसकर्मियों ने ई-रिक्शा चालक को कई थप्पड़ जड़े थे। उसके बाद से उसकी हालत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर पड़ा था।
पहले परिवार ने आरोप लगाया था कि रविवार देर शाम छतारी थाना क्षेत्र के चौढेरा गांव स्थित विचित्रा देवी मंदिर के पास सवारियों के इंतजार में खड़े ई-रिक्शा चालक चालक की पंड्रावल चौकी इंचार्ज और सिपाही ने पिटाई कर दी थी। वह बेहोश होकर गिर पड़ा था। अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान रविवार देर रात गौरीशंकर की मौत हो गई थी। घटना के विरोध में सोमवार को परिजनों और ग्रामीणों ने चौकी पर जमकर हंगामा किया था। हाईवे पर 6 घंटे तक परिवार समेत अन्य महिलाओं ने धरना दिया था। विपक्षी दलों ने भी विरोध प्रदर्शन किया था।
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एक पुलिसकर्मी ने सीने में मारा था घूंसा
चौढेरा गांव के गेट पर दुकान चलाने वाले रवि कुमार ने बताया कि रविवार शाम को सवारी भरने के लिए कई ई-रिक्शा चालक खड़े थे। इसी दौरान पुलिस पहुंची। उन्हें देखकर अन्य ई-रिक्शा चालक भाग गए, लेकिन गौरीशंकर नहीं भाग पाया। पुलिसकर्मियों ने गौरीशंकर को कई थप्पड़ मारे। इसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई। चौढेरा गांव निवासी नीरज ने बताया कि चौकी इंचार्ज ने दस-बारह थप्पड़ गौरीशंकर को मारा था। उसकी हालत जब बिगड़ गई तो पुलिसकर्मी मौके से भाग गए। मौके पर भीड़ जमा हो गई। चौढेरा गांव निवासी देवेन्द्र ने बताया कि तीन पुलिसकर्मी थे। उनमें से एक ने सीने और गाल पर घूंसा मारा था। उसके बाद गौरीशंकर गिर पड़ा और उठ नहीं पाया।
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विधायक, राज्यमंत्री और अफसर लगे थे डैमेज कंट्रोल में
घटना के बाद से ही जिले के आला अफसरों समेत विधायक अनीता लोधी राजपूत, राज्यमंत्री अनिल शर्मा डैमेज कंट्रोल में लगे हुए थे। एक स्कूल में एकांत में ले जाकर डीएम रविन्द्र कुमार, एसएसपी संतोष कुमार, राज्य मंत्री अनिल शर्मा ने मृतक की पत्नी से बात की थी। इसके बाद से ही दरोगा और सिपाही पर पिटाई से मौत का आरोप लगाने वाले परिजनों के सुुर बदल गए। गौरीशंकर की पत्नी बोधा देवी ने बताया कि वह किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं चाहतीं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई, मुकदमा दर्ज नहीं हुआ
मंगलवार को गौरीशंकर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पुलिस को मिल गई है। मंगलवार को भी मामले में मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण सीने में अंदरूनी चोट से स्पष्ट हुआ है। शरीर के किसी अन्य हिस्से पर चोट का कोई निशान नहीं है। मामले में किसी के भी खिलाफ कोई तहरीर नहीं दी गई है। इसके चलते मुकदमा नहीं दर्ज हुआ।

पुलिस-प्रशासन की ओर से मिला दस लाख का चेक
ई-रिक्शा चालक के परिजनों को पुलिस प्रशासन की ओर से दस लाख रुपये का चेक दिया गया है। डीएम-एसएसपी और राज्यमंत्री की मौजूदगी में वार्ता के दौरान पत्नी बोधा देवी को दस लाख रुपये, भूखंड, संविदा पर नौकरी दिलवाने समेत अन्य मदद का आश्वासन दिया गया था। बोधा देवी ने बताया कि मंगलवार को पुलिस-प्रशासन की ओर से उन्हें दस लाख रुपये का चेक मिल गया है। रुपयों को उन्होंने अपने खाते में डाल दिया है। इसे बच्चों के नाम से फिक्स किया जाएगा।
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