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Bulandshahar News: नवीन मंडी में पेयजल संकट, व्यापारी और किसान परेशान
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-स्याना नवीन मंडी में खराब पड़ा वाटर कूलर। संवाद
स्याना। नवीन मंडी के व्यापारी व किसान इन दिनों पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। मंडी परिसर में पीने के पानी की समुचित व्यवस्था न होने के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मंडी में पेयजल की व्यवस्था मुख्य रूप से वाटर कूलर और हैंडपंपों पर निर्भर हैं, लेकिन वर्तमान में यह व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। जानकारी के अनुसार, मंडी में लगा वाटर कूलर करीब तीन महीने से खराब पड़ा है, जबकि एक-दो हैंडपंप को छोड़कर अधिकांश हैंडपंप भी बंद पड़े हैं। करोड़ों रुपये के टर्नओवर वाली इस मंडी की बदहाल व्यवस्था हैरान करने वाली है। यहां प्रतिदिन सैकड़ों व्यापारी और किसान फल, सब्जी और गल्ले की खरीद-फरोख्त के लिए पहुंचते हैं। मंडी में करीब 10 फल की दुकानें, 50 सब्जी की दुकानें और लगभग 40 गल्ला व्यापारी सक्रिय हैं, लेकिन बुनियादी सुविधाओं का अभाव साफ दिखाई देता है। स्थिति इतनी गंभीर है कि व्यापारी प्रतिदिन करीब 100 जार पानी खरीदकर अपनी प्यास बुझाने को मजबूर हैं। इससे न केवल उनका खर्च बढ़ रहा है, बल्कि असुविधा भी झेलनी पड़ रही है। मंडी प्रशासन द्वारा पेयजल के लिए एक टंकी तो बनाई गई है, लेकिन उसमें कई दिनों तक पानी जमा रहने के कारण उसकी गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
गुड़गल्ला व्यापार मंडल के अध्यक्ष विनय अग्रवाल ने बताया कि वाटर कूलर और हैंडपंपों को ठीक कराने के लिए कई बार मंडी प्रशासन से शिकायत की गई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। मंडी इंस्पेक्टर अशोक भास्कर ने कहा कि जल्द ही वाटर कूलर को ठीक करवाया जाएगा।
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मंडी में पेयजल की व्यवस्था मुख्य रूप से वाटर कूलर और हैंडपंपों पर निर्भर हैं, लेकिन वर्तमान में यह व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। जानकारी के अनुसार, मंडी में लगा वाटर कूलर करीब तीन महीने से खराब पड़ा है, जबकि एक-दो हैंडपंप को छोड़कर अधिकांश हैंडपंप भी बंद पड़े हैं। करोड़ों रुपये के टर्नओवर वाली इस मंडी की बदहाल व्यवस्था हैरान करने वाली है। यहां प्रतिदिन सैकड़ों व्यापारी और किसान फल, सब्जी और गल्ले की खरीद-फरोख्त के लिए पहुंचते हैं। मंडी में करीब 10 फल की दुकानें, 50 सब्जी की दुकानें और लगभग 40 गल्ला व्यापारी सक्रिय हैं, लेकिन बुनियादी सुविधाओं का अभाव साफ दिखाई देता है। स्थिति इतनी गंभीर है कि व्यापारी प्रतिदिन करीब 100 जार पानी खरीदकर अपनी प्यास बुझाने को मजबूर हैं। इससे न केवल उनका खर्च बढ़ रहा है, बल्कि असुविधा भी झेलनी पड़ रही है। मंडी प्रशासन द्वारा पेयजल के लिए एक टंकी तो बनाई गई है, लेकिन उसमें कई दिनों तक पानी जमा रहने के कारण उसकी गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
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गुड़गल्ला व्यापार मंडल के अध्यक्ष विनय अग्रवाल ने बताया कि वाटर कूलर और हैंडपंपों को ठीक कराने के लिए कई बार मंडी प्रशासन से शिकायत की गई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। मंडी इंस्पेक्टर अशोक भास्कर ने कहा कि जल्द ही वाटर कूलर को ठीक करवाया जाएगा।
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