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देवोत्थान एकादशी : आज 500 से अधिक स्थानों पर बजेगी शहनाई
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खुर्जा के बाजार में शादी के लिए कपड़ों की खरीद करती महिलाएं। संवाद
बुलंदशहर। देवोत्थान एकादशी मंगलवार को है। मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान श्री हरि भगवान विष्णु जाग जाएंगे। इसके साथ ही मांगलिक कार्य भी शुरू होने के साथ जिले में 500 से अधिक स्थानों पर शहनाई भी बजेगी। इस बार 12 नवंबर से 14 दिसंबर तक विवाह के खूब मुहूर्त हैं। नगर से लेकर देहात तक के तमाम होटल व बैंक्वेट हाॅल बुक हैं।
पंडित अंकुर शर्मा और राज शर्मा ने बताया कि पिछले काफी समय से हिंदू समाज में विवाह आदि शुभ कार्य रुके थे। अब मंगलवार को देवोत्थान एकादशी है। इस दिन भगवान विष्णु चतुर्मास निद्रा से जाग जाएंगे। एकादशी पर घर और मंदिरों में पूजा होगी। साथ ही तुलसी विवाह भी होगा। इसके बाद मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे।
देवोत्थान एकादशी के दिन भी जिले में शादियों की धूम रहेगी। शुभ-मुहूर्त पर शादी करने के लिए परिजन पहले से ही नगर से लेकर देहात तक के बैंक्वेट हाल, गेस्ट हाउस, धर्मशाला, टेंट, लाइट, कैटरिंग, फूल माला, फोटोग्राफर, डीजे व बैंडबाजे को बुक कर चुके हैं। सहालग की दस्तक से बाजार में रौनक लौट आई है। शादी-विवाह शुरू होते ही बाजारों में जमकर खरीदारी हुई। लोगों ने अपनी पसंद के कपड़े, जेवर समेत अन्य सामान खरीदा। वहीं, व्यापारियों को भी अच्छे कारोबार की आस है।
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विद्वानों के अनुसार देवोत्थान एकादशी पर भगवान विष्णु का विधि-विधान से पूजन करना चाहिए। उन्हें मिष्ठान, सिंघाड़ा, गन्ने का रस अर्पित करके शंख, घंटा-घड़ियाल बजाकर खुशी मनानी चाहिए। साथ ही भगवान शालिग्राम से तुलसी जी का विवाह कराना चाहिए। तुलसी का शालिग्राम से विवाह कराने वाले भगवान विष्णु की कृपा के पात्र बनते हैं। जिन दंपतियों के कन्या नहीं हैं वे तुलसी को कन्यादान करके पुण्य अर्पित कर सकते हैं। एकादशी के दिन भगवान विष्णु की मूर्ति के सामने दीपक अवश्य जलाना चाहिए। भगवान विष्णु के नाम का कीर्तन भी करना चाहिए। निर्जल व्रत रखें। किसी गरीब और गाय को भोजन अवश्य कराना चाहिए। देवोत्थान एकादशी पर गोभी, पालक, शलजम और चावल का सेवन न करें। बाल और नाखून नहीं कटवाने चाहिए।
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आज से दिसंबर तक विवाह लग्न
देवोत्थान एकादशी से विवाह के साथ ही सभी मांगलिक कार्यों की शुरुआत हो जाएगी। पंडित नरेश कुमार शर्मा ने बताया कि नवंबर में विवाह के 11 और दिसंबर में पांच शुभ मुहूर्त हैं। नवंबर माह में 12, 13, 16, 17, 18, 22, 23, 25, 26, 28 और 29 नवंबर को विवाह होंगे। अगले माह 4, 5, 9, 10 और 14 दिसंबर को विवाह का मुहूर्त हैं।
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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत भी बजेगी शहनाई
बुलंदशहर। देवोत्थान एकादशी पर मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत भी शहनाई बजेगी। योजना का लाभ उठाने के लिए 200 से अधिक पात्रों ने आवेदन किया है। मंगलवार को डिबाई में 30 जोड़े परिणय सूत्र में बंधेंगे। इसके बाद स्याना में भी योजना के तहत सामूहिक विवाह कराने की तैयारी चल रही है।
प्रभारी जिला समाज कल्याण अधिकारी नीलम सिंह चौहान ने बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत जरूरतमंद और गरीब परिवारों की बेटियों की शादी कराई जाती है। पात्र परिवार की बेटी की शादी पर 51 हजार रुपये खर्च करने का प्रावधान है। इस राशि में से 10 हजार का घरेलू सामान उस नवविवाहित जोड़े को दिया जाता है, जो सामूहिक विवाह में शामिल होते हैं। संवाद
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पंडित अंकुर शर्मा और राज शर्मा ने बताया कि पिछले काफी समय से हिंदू समाज में विवाह आदि शुभ कार्य रुके थे। अब मंगलवार को देवोत्थान एकादशी है। इस दिन भगवान विष्णु चतुर्मास निद्रा से जाग जाएंगे। एकादशी पर घर और मंदिरों में पूजा होगी। साथ ही तुलसी विवाह भी होगा। इसके बाद मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे।
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देवोत्थान एकादशी के दिन भी जिले में शादियों की धूम रहेगी। शुभ-मुहूर्त पर शादी करने के लिए परिजन पहले से ही नगर से लेकर देहात तक के बैंक्वेट हाल, गेस्ट हाउस, धर्मशाला, टेंट, लाइट, कैटरिंग, फूल माला, फोटोग्राफर, डीजे व बैंडबाजे को बुक कर चुके हैं। सहालग की दस्तक से बाजार में रौनक लौट आई है। शादी-विवाह शुरू होते ही बाजारों में जमकर खरीदारी हुई। लोगों ने अपनी पसंद के कपड़े, जेवर समेत अन्य सामान खरीदा। वहीं, व्यापारियों को भी अच्छे कारोबार की आस है।
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विद्वानों के अनुसार देवोत्थान एकादशी पर भगवान विष्णु का विधि-विधान से पूजन करना चाहिए। उन्हें मिष्ठान, सिंघाड़ा, गन्ने का रस अर्पित करके शंख, घंटा-घड़ियाल बजाकर खुशी मनानी चाहिए। साथ ही भगवान शालिग्राम से तुलसी जी का विवाह कराना चाहिए। तुलसी का शालिग्राम से विवाह कराने वाले भगवान विष्णु की कृपा के पात्र बनते हैं। जिन दंपतियों के कन्या नहीं हैं वे तुलसी को कन्यादान करके पुण्य अर्पित कर सकते हैं। एकादशी के दिन भगवान विष्णु की मूर्ति के सामने दीपक अवश्य जलाना चाहिए। भगवान विष्णु के नाम का कीर्तन भी करना चाहिए। निर्जल व्रत रखें। किसी गरीब और गाय को भोजन अवश्य कराना चाहिए। देवोत्थान एकादशी पर गोभी, पालक, शलजम और चावल का सेवन न करें। बाल और नाखून नहीं कटवाने चाहिए।
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आज से दिसंबर तक विवाह लग्न
देवोत्थान एकादशी से विवाह के साथ ही सभी मांगलिक कार्यों की शुरुआत हो जाएगी। पंडित नरेश कुमार शर्मा ने बताया कि नवंबर में विवाह के 11 और दिसंबर में पांच शुभ मुहूर्त हैं। नवंबर माह में 12, 13, 16, 17, 18, 22, 23, 25, 26, 28 और 29 नवंबर को विवाह होंगे। अगले माह 4, 5, 9, 10 और 14 दिसंबर को विवाह का मुहूर्त हैं।
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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत भी बजेगी शहनाई
बुलंदशहर। देवोत्थान एकादशी पर मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत भी शहनाई बजेगी। योजना का लाभ उठाने के लिए 200 से अधिक पात्रों ने आवेदन किया है। मंगलवार को डिबाई में 30 जोड़े परिणय सूत्र में बंधेंगे। इसके बाद स्याना में भी योजना के तहत सामूहिक विवाह कराने की तैयारी चल रही है।
प्रभारी जिला समाज कल्याण अधिकारी नीलम सिंह चौहान ने बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत जरूरतमंद और गरीब परिवारों की बेटियों की शादी कराई जाती है। पात्र परिवार की बेटी की शादी पर 51 हजार रुपये खर्च करने का प्रावधान है। इस राशि में से 10 हजार का घरेलू सामान उस नवविवाहित जोड़े को दिया जाता है, जो सामूहिक विवाह में शामिल होते हैं। संवाद