फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bulandshahar News ›   deliberately fire set in the record room.

आग शॉर्ट सर्किट से नहीं लगी..लगाई गई थी

Fri, 15 Jan 2016 11:36 PM IST
अमर उजाला, बुलंदशहर
अमर उजाला, बुलंदशहर Updated Fri, 15 Jan 2016 11:36 PM IST
विज्ञापन
deliberately fire set in the record room.
पावर कारपोरेशन के बुलंदशहर खंड के दफ्तर में लगी आग की फोरेंसिक जांच शुरू हो गई है। फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम ने शुक्रवार को मौके पर जाकर जांच शुरू कर दी।
विज्ञापन


प्रथम दृष्टया आग का कारण शॉट सर्किट नहीं आ रहा है। खिड़की के पास वाले स्थान को आग से सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। वहीं, चीफ इंजीनियर ने भी मामले की जांच के लिए एसई के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम का गठन किया है।
विज्ञापन


अग्निकांड की फोरेंसिक जांच शुरू होते ही षड़यंत्र की परतें उघड़ने लगी हैं। शुक्रवार को जांच के लिए पहुंचे फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम ने प्रथम दृष्टया माना कि आग का कारण शॉट सर्किट नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन


आग से सबसे ज्यादा नुकसान खिड़की के पास रखे सामान को हुआ है। प्रथम दृष्टया अनुमान लगाया जा रहा है कि कैश रूम के बाहर की तरफ खिड़की से आग भी लगाई जा सकती है।

फोरेंसिक एक्सपर्ट टीम ने करीब डेढ़ घंटे तक जांच की। इस दौरान टीम ने नमूने एकत्रित किए। फोरेंसिक एक्सपर्ट अधिकारी नेपाल सिंह ने बताया कि जांच की जा रही है।

आग का प्वाइंट अभी चिह्नित नहीं हुआ है। आग ने सबसे ज्यादा नुकसान खिड़की के पास वाले हिस्से को पहुंचाया है। वहीं, चीफ इंजीनियर अरविंद राजवेदी ने मामले की विभागीय जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया है।

अधीक्षण अभियंता द्वितीय राकेश कुशवाहा के नेतृत्व में एक्सईएन बुलंदशहर डीसी शर्मा और गाजियाबाद के एकाउंट अफसर शैलेंद्र कुमार को टीम में रखा गया है।

जांच के घेरे में आए कई बाबू

अग्निकांड की जांच के घेरे में कई बाबू और फ्रेंचाइजीकर्मी आ गए हैं। इस अग्निकांड में सबसे ज्यादा नुकसान राजस्व के रिकॉर्ड, कैश बुक रसीदें, औद्योगिक फाइलें, ट्यूबवेल की फाइलें, असेस्मेंट के रिकॉर्ड को हुआ है।

इसके अलावा खंड में हुए 50 लाख रुपये के असेस्मेंट घोटाले की फाइलें भी पूरी तरह जलकर राख हो गई हैं। इनसे जुड़े बाबू पूरी तरह जांच में घिर गए हैं।

घोटाले के बाद बिजली दफ्तरों में लगती है आग
घोटालों के बाद बिजली दफ्तरों में आग लगना कोई नया मामला नहीं है। जिले के कई बिजली दफ्तर आग की चपेट में आ चुके हैं। जब-जब जिस दफ्तर में आग लगी, उससे पहले वहां घोटाले की गूंज जरूर सुनाई दी।

वर्ष 1989 में तत्कालीन खंड तृतीय के जहांगीराबाद उपखंड को आग के हवाले कर दिया गया था। जहांगीराबाद उपखंड में जब आग लगी, उससे पहले ही बिलों के राजस्व डिलीट करने का मामला खुला था।

आग के कारण आज तक स्पष्ट नहीं हो सके। इसके अलावा करीब छह साल पहले खुर्जा खंड के दफ्तर में आग लगा दी गई थी। वर्ष 2013 में शिकारपुर खंड में महत्वपूर्ण फाइलों को आग के हवाले कर दिया गया था।

तब भी आग सुबह करीब पांच बजे लगाई गई थी। मामला खुला तो अफसरों ने बेकार रिकॉर्ड जलाने की बात कही थी, लेकिन रिकॉर्ड को अनौपचारिक तरीके से सुबह के समय क्यों जलाया गया, इसका जबाव अफसर नहीं दे सके थे।

वर्ष 2005 में जहांगीराबाद टाउन बिजलीघर में अघोषित कटौती से गुस्साई भीड़ ने आग लगा दी थी। भीड़ ने तो आग बिजलीघर के बाहर लगाई थी, लेकिन इसमें राजस्व के सभी रिकॉर्ड लेजर जला दिए गए। अब एक बार फिर बिजली विभाग में अग्निकांड का वही इतिहास दोहराया गया है।

करोड़ों रुपये के राजस्व का लेखा-जोखा तबाह
बुलंदशहर खंड दफ्तर में लगी आग ने करोड़ों रुपये के राजस्व का लेखा-जोखा पूरी तरह नष्ट कर दिया है। राजस्व से संबंधित फाइलें और कैश बुक रसीदों का भी अब कोई अता-पता नहीं है।

असेस्मेंट घोटाले की फाइलें भी जलकर राख हो गई हैं। राजस्व से संबंधित फाइलों में करोड़ों रुपये के रिकॉर्ड अब पूरी तरह नष्ट हो गए हैं। पिछले दिनों हुए घोटाले के सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज भी इसी कमरे में रखे हुए थे।


ऐसे में सिर्फ कैश रूम में आग लगना और बाकी कमरों का बच जाने से इसमें षड़यंत्र की बू आ रही है।  

कोतवाली नगर में एफआईआर दर्ज
खंड के कार्यालय अधीक्षक यतेंद्र शर्मा की तहरीर पर नगर कोतवाली में अज्ञात कारणों से आग लगने की रिपोर्ट दर्ज की गई है। शुक्रवार को नगर कोतवाल आरके सिंह समेत जांच से जुड़े तमाम अफसरों ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed