{"_id":"57093c7c4f1c1bbe28c810f7","slug":"yet-the-actions-of-policemen-scuffle","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिसकर्मी से हाथापाई फिर भी नहीं की कार्रवाई","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पुलिसकर्मी से हाथापाई फिर भी नहीं की कार्रवाई
ब्यूरो/अमर उजाला, बुलंदशहर
Updated Sat, 09 Apr 2016 11:02 PM IST
विज्ञापन
fight
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नरौरा में अवैध खनन पर प्रदेश सरकार को एनजीटी के सामने भले के फजीहत झेलनी पड़ रही हो। मगर हाकिमों को इससे कोई लेना-देना नहीं। बृहस्पतिवार रात चोला पुलिस ने अवैध खनन कर लौट रही जेसीबी चालक को पुलिस ने पकड़ लिया था। आरोप है कि जेसीबी चालक की हिमायत में आए खनन माफियाओं ने पुलिस के साथ हाथापाई भी की। मगर पुलिस ने उसके खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय सांठगांठ करके चालक समेत जेसीबी को छोड़ दिया।
विज्ञापन
खनन माफियाओं द्वारा जेसीबी से रौंदी गई किसान की फसल के मामले में कार्रवाई नहीं करने पर पीड़ित ने पुलिस चौकी पर हंगामा किया। पीड़ित ने एसएसपी से शिकायत करने की बात कही है। बता दें कि गांव पचौता निवासी प्रवीन पुत्र रघुनंदन ने शुक्रवार सुबह पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि बृहस्पतिवार रात एक जेसीबी मशीन क्षेत्र में खनन कर रही थी। वहां से लौटते समय चालक ने उसके 10 बीघा गेहूं की फसल में जेसीबी घुसा दी। आगे रास्ता न मिलने पर चालक ने मशीन को घुमा लिया।
विज्ञापन
इसके चलते पीड़ित किसान की कई बीघा फसल नष्ट हो गई। सूचना पर पीड़ित किसान पहुंच गया। उसने विरोध किया तो माफियाओं ने उसके साथ मारपीट की। सूचना पर पहुंची पुलिस के साथ भी माफियाओं ने हाथापाई की। पुलिस ने जेसीबी को कब्जे ले लिया और चालक रजा मोहम्मद पुत्र रफीक निवासी गांव तिलका जोखाबाद सिकंदराबाद को हिरासत में ले लिया था। आरोप है कि शुक्रवार रात पुलिस ने जेसीबी और चालक को सांठगांठ के बाद छोड़ दिया।
विज्ञापन
सूचना मिलने पर पीड़ित किसान शनिवार दोपहर चौकी पहुंचा। उसने वहां जमकर हंगामा काटा। पीड़ित किसान ने एसएसपी से मिलकर चौकी प्रभारी की शिकायत करने की बात कही है। वहीं, चौकी प्रभारी का कहना है कि उसने जेसीबी और चालक को इसलिए छोड़ दिया कि अवैध खनन दूसरे क्षेत्र में चल रहा था। जहां तक किसान के नुकसान की बात है तो दोनों में समझौता प्रक्रिया चल रही है।